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NEET UG 2024 : नीट-यूजी काउंसलिंग टालने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

NEET UG 2024 Supreme Court: दाखिले के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2024 के लिए छह जुलाई से होने वाले काउंसलिंग को महज दो दिन के लिए टालने से इनकार कर दिया।

NEET UG 2024 : नीट-यूजी काउंसलिंग टालने से सुप्रीम कोर्ट का इनकार
Yogesh Joshiविशेष संवाददाता,नई दिल्लीFri, 21 Jun 2024 07:59 PM
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सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक बार फिर से एमबीबीएस व अन्य स्नातक स्तरीय चिकित्सा पाठ्यक्रमों मे दाखिले के लिए आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी) 2024 के लिए छह जुलाई से होने वाले काउंसलिंग को महज दो दिन के लिए टालने से इनकार कर दिया। शीर्ष अदालत ने कहा कि काउंसलिंग एक प्रक्रिया है, ऐसा नहीं है कि यह एक बार खुली और बंद हो गई।

जस्टिस विक्रम नाथ और एसवीएन भट्टी की अवकाशकालीन पीठ ने नीट यूजी 2024 के पेपर लीक और अन्य नियमितताओं की सीबीआई जांच और परिणाम रद्द करके दोबारा से परीक्षा कराने की मांग वाली याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। पीठ ने इन याचिकाओं पर केंद्र सरकार और राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का भी निर्देश दिया। इसके साथ ही, पीठ ने इन याचिकाओं की सुनवाई पहले से लंबित याचिकाओं के साथ 8 जुलाई तय कर दी।

मामले की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता ने सुप्रीम कोर्ट से 6 जुलाई से शुरू होने वाली काउंसलिंग प्रक्रिया को दो दिन के लिए टालने की मांग की। अधिवक्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट 8 जुलाई को इन सभी याचिकाओं पर सुनवाई करने वाला है, ऐसे में 6 जुलाई से शुरू हो रहे काउंसलिंग को स्थगित कर दिया। अधिवक्ता ने पीठ से कहा कि ‘मैं काउंसलिंग पर रोक लगाने की मांग नहीं कर रहा हूं, मैं सिर्फ इसे दो दिन के लिए स्थगित करने का आग्रह कर रहा हूं।

इस पर जस्टिस नाथ ने याचिकाकर्ता के वकील को टोकते हुए कहा कि ‘हम इससे जुड़े मामले में पहले ही दिन से एक ही दलील सुन रहे हैं, आपको बीच में रोकने के लिए अन्यथा न सोचें। उन्होंने कहा कि काउंसलिंग का मतलब खुला और बंद होना नहीं है, यह एक प्रक्रिया है जो 6 जुलाई से शुरू होगी। इसके साथ ही उन्होंने काउंसलिंग के पहले दौर की अवधि के बारे में पूछा, तो बताया गया कि यह लगभग एक सप्ताह तक चलेगा। पीठ ने कहा कि हम काउंसलिंग को स्थगित नहीं कर रहे हैं। साथ ही कहा कि यह पहले ही साफ किया जा चुका है कि काउंसलिंग और दाखिला सभी कुछ इन याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट के अंतिम फैसले पर निर्भर करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने हितेन सिंह कश्यप व अन्य के अलावा दो अन्य याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया। हितेन सिंह कश्यप व अन्य याचिका में सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि 5 मई को आयोजित नीट-यूजी 2024 में बड़े पैमाने पर पेपर लीक हुआ था। साथ ही कहा कि इसके अलावा परीक्षा के संचालन व परिणाम घोषित करने में अन्य अनियमितता भी बरती गई। सुप्रीम कोर्ट में दाखिल दो अन्य याचिकाओं में नीट में अनियमितता का आरोप लगाते हुए परिणाम रद्द करके दोबारा से परीक्षा आयोजित करने का आदेश देने की मांग की गई है।

प्रतिवेदन पर विचार कर छात्र को सूचित करें‌ एनटीए

सुप्रीम कोर्ट में दाखिल एक अर्जी में 23 जून को 1563 छात्रों के लिए दोबारा से आयोजित होने वाली परीक्षा का मुद्दा उठाया और एनटीए पर महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाने का आरोप लगाया। इसके बाद पीठ ने एनटीए के वकील से इस अर्जी पर भी जवाब दाखिल करने को कहा है। केंद्र सरकार और एनटीए ने 13 जून को सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि उन 1,563 छात्रों का स्कोर कार्ड रद्द कर दिया गया है, जिन्हें परीक्षा में देरी के आधार पर अनुग्रह अंक दिया गया था। साथ ही कहा था कि इन छात्रों को दोबारा से परीक्षा में शामिल होने का मौका दिया जाएगा और इसके लिए 23 जून को परीक्षा आयोजित की जाएगी। सरकार ने कहा था कि जो छात्र दोबारा परीक्षा में शामिल नहीं होगा, उनका 5 मई के परीक्षा के आधार पर बिना अनुग्रह अंक के स्कोर कार्ड जारी किया जाएगा।

याचिकाकर्ता के वकील ने सर्वोच्च न्यायालय से एनटीए को एक ऐसे अभ्यर्थी को पुनः परीक्षा में बैठने की अनुमति देने का निर्देश देने की मांग की‌, जो किसी बीमारी से पीड़ित है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि 1,563 छात्रों के लिए दोबारा से परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिए जाने से पहले ही याचिकाकर्ता ने एनटीए को पुनः परीक्षा देने की अनुमति देने के लिए एक अभ्यावेदन भेजा था। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता ने तेलंगाना उच्च न्यायालय के समक्ष एक रिट याचिका भी दायर की थी। साथ ही कहा कि उच्च न्यायालय एनटीए ने एक बयान दिया था कि वे छात्र के अभ्यावेदन पर निर्णय लेंगे और इस आधार पर उसकी याचिका को वापस लेने की अनुमति दी गई थी। साथ ही कहा कि अभी तक एनटीए ने इस बारे में कोई निर्णय नहीं लिया। इसके बाद पीठ ने एनटीए को छात्र के प्रतिवेदन पर तुरंत विचार करने और निर्णय से अवगत कराने को कहा है।

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