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NEET , MBBS cut off : नीट में 610 अंक आए तो सरकारी MBBS सीट पर एडमिशन संभव- एक्स्पर्ट्स

NEET MBBS Cut Off : नीट में पूछे गए प्रश्नों का विश्लेषण करते हुए मेडिकल एडमिशन एक्सपर्ट विपिन सिंह ने कहा कि इस वर्ष 610 अंक या अधिक स्कोर लाने वाले छात्रों को सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल सकता है।

NEET , MBBS cut off : नीट में 610 अंक आए तो सरकारी MBBS सीट पर एडमिशन संभव- एक्स्पर्ट्स
Pankaj Vijayहिन्दुस्तान,पटनाTue, 07 May 2024 04:07 PM
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NEET MBBS Cut Off : नीट में पूछे गए प्रश्नों का विश्लेषण करते हुए गोल इन्स्टीट्यूट के फाउण्डर एवं मैनेजिंग डायरेक्टर विपिन सिंह ने कहा कि इस वर्ष फिजिक्स एवं केमिस्ट्री के प्रश्न आसान थे, जीव विज्ञान के थोड़े मुश्किल। 610 अंक या अधिक स्कोर लाने वाले छात्रों को ऑल इंडिया कोटा जेनरल कैटेगरी से सरकारी मेडिकल कॉलेज मिल सकता है। कोचिंग संस्थान मेंटर्स एडुसर्व के विशेषज्ञों ने नीट-यूजी 2024 पेपर का विस्तारपूर्वक विश्लेषण किया। संस्थान के निदेशक और फिजिक्स गुरू आनंद कुमार जायसवाल ने बताया कि भौतिकी में आधे प्रश्न आसान थे। फिजिकल केमिस्ट्री व ऑर्गेनिक केमिस्ट्री के आधे प्रश्न मध्यम श्रेणी के थे। नीट-यूजी 2025 की तैयारी के लिए नया टारगेट बैच 16 एवं 23 मई 2024 से शुरू किया जा रहा है। कुछ एक्सपर्ट्स ने कहा कि 580 मार्क्स से ऊपर लाने पर भी सरकारी एमबीबीएस सीट पर दाखिला मिल सकता है। इस परीक्षा में पास होने वाले अभ्यर्थियों का देश में एमबीबीएस के 706 मेडिकल कॉलेज की 1 लाख 9 हजार 145 सीट, बीडीएस के 323 कॉलेज की 28 हजार 88, आयुष पाठ्यक्रम की 55 हजार 851 और चयनित बीएससी नर्सिंग कॉलेज के पाठ्यक्रम की कुल 2 लाख 10 हजार मेडिकल सीट के लिए चयन होगा

नीट में केमिस्ट्री के प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को उलझाया
नेशनल एंट्रेंस कम एलिजिबिलिटी टेस्ट (नीट) में पूछे गए केमिस्ट्री के प्रश्नों ने छात्रों को थोड़ा उलझा दिया। हालांकि, बायोलॉजी और फिजिक्स के प्रश्न सामान्य रहे। केमिस्ट्री के प्रश्नों में ज्यादा समय लगने से छात्रों का गणित वाला खंड खराब हो गया। गाजियाबाद जिले में 18 केंद्रों पर रविवार को एनटीए की तरफ से मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट का आयोजन किया गया। शास्त्री नगर स्थित उत्तम स्कूल फॉर गर्ल्स में पहली बार परीक्षा देने वाली काम्या ने कहा कि अन्य प्रश्नों के मुकाबले केमिस्ट्री के प्रश्नों में ज्यादा समय लगा। इसकी वजह से अंत में जल्दी-जल्दी पेपर पूरा करना पड़ा। वहीं छात्रा सना ने भी केमिस्ट्री के सवालों को थोड़ा कठिन बताया और बायोलॉजी के सवाल आसान बताए। सना ने बताया कि 720 अंक की परीक्षा में फिजिक्स, केमिस्ट्री, जूलॉजी एवं बॉटनी के कुल 200 प्रश्न पूछे गए। तीन घंटे 20 मिनट की इस परीक्षा में 180 सवाल करने थे। छात्र आयुष ने बताया कि नेगेटिव मार्किंग के चलते कुछ सवाल छोड़ने पड़े। असल में परीक्षा में प्रत्येक गलत जवाब के लिए एक अंक काटा जाएगा। जिसके चलते छात्रों ने ऐसे सवालों को छोड़ने में ही भलाई समझी जिन पर संशय था। अन्य छात्रों ने भी बायोलॉजी को आसान बताया। फिजिक्स और बॉटनी के प्रश्न सामान्य रहे। जबकि केमिस्ट्री के कुछ सवालों में छात्र उलझ गए। जिससे सवालों को हल करने का जो कैलकुलेशन था वह खराब हो गया।

सख्त चेकिंग के बाद मिला प्रवेश 
जिले में नीट परीक्षा के लिए कुल 18 केंद्र बनाए गए। परीक्षा की नोडल अधिकारी उत्तम स्कूल फॉर गर्ल्स की प्रधानाचार्या शर्मिला रहेजा ने बताया कि परीक्षा का आयोजन दोपहर दो से शाम सवा पांच के बीच किया गया। 11 बजे से सख्त चेकिंग के बाद ही छात्रों को प्रवेश दिया गया और डेढ़ बजे प्रवेश बंद हो गया। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 9,789 छात्र पंजीकृत थे, मगर परीक्षा 9,481 छात्रों ने दी। 308 छात्रों ने परीक्षा छोड़ दी।

प्रश्नपत्र बदलने पर छात्रों का हंगामा
गाजियाबाद जिले में सभी केंद्रों पर परीक्षा सकुशल संपन्न हुई, लेकिन संस्कार द को-एड स्कूल में कुछ छात्रों के प्रश्न पत्र बदल गए। बताया जा रहा है कि हिंदी और अंग्रेजी माध्यम के छात्रों के पेपर एक-दूसरे से बदल गए। इससे परीक्षा शुरू होने में देर हो गई। विलंब होता देख छात्रों ने हंगामा शुरू कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और छात्रों को अतिरिक्त समय दिया गया।

प्रश्न पढ़ने में समय लगा
नोएडा के एक केंद्र से बहार निकले नीट प्रतिभागी हरजीत सिंह ने बताया कि फिजिक्स का पेपर फॉर्मूला और थियोरिटिकल स्टेटमेंट पर आधारित था। बायोलॉजी और केमिस्ट्री का पेपर आसान था लेकिन प्रश्न लंबे थे इसलिए पढ़ने में समय लगा। शिवम जोशी ने बताया कि बायोलॉजी और फिजिक्स आसान रहा। मेरे लिए केमिस्ट्री थोड़ा सा कठिन था। पिछले साल के पेपर के मुकाबले इस बार नीट का पेपर आसान था।
परीक्षा में सवाल एनसीईआरटी की किताबों से डायरेक्ट पूछे गए थे। केमिस्ट्री और बायोलॉजी के प्रश्न आसान थे। फिजिक्स में फॉर्मूला कुछ मुश्किल था। - ज़ैद खान

प्रश्न पत्र में रसायन विज्ञान के प्रश्न थोड़े मुश्किल थे, लेकिन समय पर परीक्षा हुई। अतिरिक्त 20 मिनट प्रदान किए गए जिससे उन्हें प्रश्नों को हल करने में काफी मदद मिली। - अंशू वर्मा

नीट में इस वर्ष भी किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया है। सभी बेसिक पढ़ाई और पिछले सैंपल पेपर पढ़ने पर पेपर काफी आसान रहा। अच्छे नंबर आने की उम्मीद है। - अरशान सामी अख्तर

परीक्षा देने वाले कुछ विद्यार्थियों ने प्रश्न पत्र को आसान बताया तो किसी ने पेपर लंबा बताया। कुछ अभ्यर्थियों के एक दो प्रश्न भी छूट गए। छात्रों ने बताया कि कुछ सवालों ने कुछ समय के लिए उन्हें टेंशन में डाल दिया। खासकर भौतिक और रसायन के कुछ प्रश्नों ने छात्रों को उलझा दिया।

आरोपित का दावा 20 से 25 अभ्यर्थियों को दिया गया प्रश्नपत्र
पटना, मुख्य संवाददाता। नीट में धांधली के आरोपित परीक्षार्थी आयुष राज का दावा है कि प्रश्नपत्र 20 से 25 अन्य अभ्यर्थियों को भी दिये गये थे। शास्त्रत्त्ीनगर थाने में दर्ज एफआईआर में आयुष के इस दावे का जिक्र है।

दर्ज एफआईआर में आयुष ने यह जानकारी दी है कि सभी परिक्षार्थियों को प्रश्नों के जवाब याद करने के लिए कहा गया था। वहीं पुलिस ने अभ्यर्थियों के अभिभावकों को इस कारण गिरफ्तार किया क्योंकि वे इन बातों को जानते थे। उन्हीं की मर्जी से परीक्षार्थियों ने भी कानून से खिलवाड़ किया। सूत्रों की मानें तो 50 लाख से अधिक रुपये प्रत्येक अभ्यर्थी से सेटरों ने लिये थे। संजीव का बेटा भी जा चुका है जेल परीक्षा में धांधली मामले में पुलिस जिस संजीव सिंह की तलाश कर रही है वह नालंदा के नगरनौसा का रहने वाला है। संजीव का बेटा भी नीट धांधली के मामले में जेल जा चुका है। संजीव की पत्नी एक राजनीतिक पार्टी से विस चुनाव भी लड़ चुकी है। रौकी और संजीव एक साथ रहते हैं। सिकंदर कड़ी का काम करता था।

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