ट्रेंडिंग न्यूज़

अगला लेख

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

Hindi News करियरNEET : कहीं कम ना हो जाए MBBS और मेडिकल पीजी की सीटें, फैकल्टी की कमी से यहां मान्यता खतरे में

NEET : कहीं कम ना हो जाए MBBS और मेडिकल पीजी की सीटें, फैकल्टी की कमी से यहां मान्यता खतरे में

उत्तराखंड के दून मेडिकल कॉलेज में कई विभागों में फैकल्टी की कमी बनी हुई है। नवंबर के अंत या दिसंबर की शुरुआत में एनएमसी का दौरा संभावित है। कम वेतन के चलते पिछले दिनों में कई फैकल्टी छोड़कर जा चुके है

NEET : कहीं कम ना हो जाए MBBS और मेडिकल पीजी की सीटें, फैकल्टी की कमी से यहां मान्यता खतरे में
Pankaj Vijayकार्यालय संवाददाता,देहरादूनTue, 21 Nov 2023 10:51 AM
ऐप पर पढ़ें

उत्तराखंड के दून मेडिकल कॉलेज में कई विभागों में फैकल्टी की कमी बनी हुई है। इससे सत्र 2024-25 की मेडिकल यूजी और कई विभागों में पीजी की सीटों की मान्यता संबंधी नियमों को पूरा करना चुनौती होगा। फैकल्टी संबंधी पैमानों पर ये खरे नहीं उतर रहे हैं। नवंबर के अंत या दिसंबर की शुरुआत में एनएमसी का दौरा संभावित है। कम वेतन के चलते पिछले दिनों में कई फैकल्टी छोड़कर जा चुके हैं।

यूजी के लिए फीजियोलॉजी, बॉयोकेमेस्ट्री, टीबी चेस्ट, रेडियोलॉजी, एनॉटमी, ईएनटी, सर्जरी आदि विभागों में 25 से 50 फीसदी फैकल्टी की कमी बनी है। वहीं, कई विभागों में पीजी की मान्यता के लिए भी फैकल्टी की कमी है। उधर, कॉर्डियोलॉजी, यूरोलॉजी, न्यूरोलॉजी, नेफ्रोलॉजी, प्लास्टिक सर्जरी आदि विभाग में भी भारी कमी बनी होने से मरीज परेशान हैं। वेतन कम होने के चलते कई डॉक्टर जा चुके हैं।

प्राचार्य ने फैकल्टी से मांगा घोषणा पत्र
प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना की ओर से सभी एचओडी को पत्र भेजकर सभी फैकल्टी का घोषणा पत्र एक सप्ताह में मांगा है। उन्होंने कहा कि 2024-25 एमबीबीएस की मान्यता एवं पीडिया, रेस्परेट्री मेडिसन, पैथोलॉजी में पीजी और यूरोलॉजी में एमसीएच के लिए एनएमसी का निरीक्षण होना है। उन्होंने कहा कि वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव दोबारा भेजा गया है।

MBBS : प्रति 10 लाख की आबादी पर 100 एमबीबीएस सीटों के फैसले पर रोक, कई राज्यों ने किया था विरोध

एमबीबीएस छात्रों को अब मरीजों से बर्ताव पर भी मिलेंगे नंबर
एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्रों को अब मरीजों के साथ किए व्यवहार पर भी नंबर मिलेंगे। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में छात्रों के व्यवहार को बेहतर बनाने के लिए ये कदम उठाया गया है। इसके लिए प्रोफेसरों को बाकायदा प्रशिक्षित किया जा चुका है ताकि वे छात्रों को सही से प्रशिक्षण दे सकें। कॉलेज प्रबंधन की कोशिश है छात्र जब डॉक्टर बनकर निकलें तो साथ में एक व्यावहारिक इंसान भी बनें।

Virtual Counsellor