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NEET : MBBS में एडमिशन लेने वाले 860 छात्रों के भविष्य पर संकट, राहत के आसार

NEET MBBS Admission: बिहार में 860 मेडिकल छात्रों का भविष्य अधर में हैं। इन्होंने एमबीबीएस कोर्स में 30 सितंबर के बाद एडमिशन लिया था। जबकि NMC ने एडमिशन लेने के लिए 30 सितंबर की डेडलाइन तय कर रखी थी।

NEET : MBBS में एडमिशन लेने वाले 860 छात्रों के भविष्य पर संकट, राहत के आसार
Pankaj Vijayवरीय संवाददाता,पटनाTue, 31 Oct 2023 08:59 AM
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बिहार के अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन लेने वाले 860 छात्रों की परेशानी जल्द दूर होगी। बीसीईसीई के ओएसडी ने अनिल सिन्हा ने बताया कि इस सप्ताह नामांकित छात्रों के मसले पर हरी झंडी मिल जाएगी। एक -एक पहलू पर रिपोर्ट एनएमसी को भेज दी गई है। पत्राचार चल रहा है। एडमिशन लेट होने का कारण भी बता दिया गया है। एनएमसी ने बीसीईसीई की रिपोर्ट के आधार पर 30 सितंबर के बाद एडमिशन लेने वाले छात्रों के वैध करार देने की संभावना बन गई है। बिहार में एमबीबीएस और डेंटल को मिलाकर कुल 1630 सीटें हैं। इसमें 15 प्रतिशत सीटों पर केन्द्रीय कोटे में नामांकन होता है। शेष 85 प्रतिशत सीटों पर बिहार के मेडकिल कॉलेजों में नामांकन होता है।

हालांकि जबकि एनएमसी से पत्र प्राप्त नहीं हो जाता है, तब तक राज्य के मेडिकल कॉलेजों में नामांकित एमबीबीएस कोर्स के छात्रों के रजिस्ट्रेशन पर रोक लगा रहेगी। इनका रजिस्ट्रेशन अगले आदेश तक नहीं होगा। वहीं मेडिकल कॉलेजों की ओर से अभी नामांकित छात्रों के पंजीयन की प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। चिकित्सा विज्ञान विवि भी अभी फैसले का इंतजार कर रही है

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आपको बता दें कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने 30 सितंबर, 2023 की कट ऑफ तारीख के बाद किए गए सभी दाखिलों को अमान्य घोषित कर दिया है। एनएमसी के इस नियम के चलते 30 सितंबर के बाद मेडिकल कोर्सेज में एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों का भाग्य अधर में लटक गया है। सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि यूपी के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन लेने वाले कुछ विद्यार्थियों के भविष्य पर संकट मंडरा रहा है। उत्तर प्रदेश चिकित्सा शिक्षा निदेशालय (डीजीएमई) ने एडमिशन में देरी का कारण कुछ तकनीकी गड़बड़ी बताते हुए अक्टूबर में एमबीबीएस प्रवेश की अनुमति देने के लिए एनएमसी को पत्र लिखा है। एनएमसी ही देश में चिकित्सा शिक्षा की निगरानी का सर्वोच्च निकाय है।

एनएमसी ने कुछ दिनों पहले कहा था, 'राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग को कई राज्यों (जैसे महाराष्ट्र, बिहार और पश्चिम बंगाल) द्वारा कट-ऑफ डेट 30 सितंबर के बाद यूजी एमबीबीएस काउंसलिंग (ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड के माध्यम से) कराने के बारे में पता चला है। 30 सितंबर के बाद ऐसी किसी भी काउंसलिंग को अमान्य माना जाएगा और दाखिला लेने वाले छात्रों को बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।'

आयुष में नामांकन के लिए चार तक पंजीयन
बीसीईसीईबी ने पीजीएमएसी के तहत आयुष, यूनानी, निजी आयुर्वेदिक और होम्योपैथिक कॉलेजों में काउंसिलिंग शेड्यूल जारी कर दिया है। 30 अक्टूबर से चार नवंबर तक पंजीयन होगा। फॉर्म सुधार पांच नवंबर तक कर सकते हैं। सात काउंसिलिंग प्रोग्राम जारी होगा। नौ से काउंसिलिंग होगी।

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