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करियरNEET JEE Main 2020: सिसोदिया ने कहा, जेईई नीट परीक्षाएं स्थगित कर अन्य तरीकों से एडमिशन पर विचार करे केंद्र सरकार

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Pankaj Vijay
Wed, 26 Aug 2020 02:28 PM
NEET JEE Main 2020: सिसोदिया ने कहा, जेईई नीट परीक्षाएं स्थगित कर अन्य तरीकों से एडमिशन पर विचार करे केंद्र सरकार

आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कोविड-19 महामारी के बीच सितंबर में आयोजित होने जा रही जेईई मेन और नीट परीक्षाएं स्थगित करने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इंजीनियरिंग व मेडिकल कोर्सेज में स्टूडेंट्स के चयन के लिए परीक्षा के अलावा अन्य वैकल्पिक तरीके निकालने चाहिए। आज पूरे विश्व का एजुकेशन सिस्टम बदल रहा है। परीक्षाएं कराने के हजार तरीके हैं। 

सिसोदिया ने कहा, 'केंद्र कह रहा है कि परीक्षा में प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। केंद्र जिस प्रोटोकॉल का पालन करने के लिए 28 लाख स्टूडेंट्स से कह रहा है, उसी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए लाखों भारतीय कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं। बेहद सुरक्षित माहौल में रहते हुए भी केंद्रीय गृह मंत्री कोरोना वायरस से संक्रमित हो गए। इतना ही नहीं, दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री समेत कई नेता महामारी की चपेट में आ गए हैं। ऐसे में सरकार को परीक्षाएं तुरंत स्थगित करनी चाहिए और एडमिशन के वैकल्पिक तरीकों पर काम करना चाहिए।'

 

इससे पहले शनिवार को सिसोदिया ने ट्वीट करते हुए कहा था कि केंद्र सरकार जेईई और नीट परीक्षा के नाम पर लाखों लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रही है। केंद्र से मेरी अपील है कि इस साल ये दोनों परीक्षाएं रद्द कर दी जाएं और इस साल एडमिशन के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। इस भीषण आपदा के दौर में कोई बड़ा कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि एडमिशन के लिए केवल नीट और जेईई के बारे में सोचना बहुत संकुचित और अव्यवहारिक सोच हैं। उन्होंने कहा कि दुनियाभर की शैक्षिक संस्थाएं इस साल एडमिशन के लिए नई विधियों को अपना रही हैं। ऐसे में हम भारत में ऐसा क्यों नहीं कर सकते हैं? एडमिशन के लिए बच्चों के जीवन को खतरे में डालना क्या यह समझदारी की बात है? 'उन्होंने कहा कि जेईई-एनईईटी के अलावा हजारों और दूसरे विकल्प भी हो सकते हैं।'

नीट और परीक्षा स्थगित करने की मांगों के बीच मंगलवार को एनटीए और सरकार की तरफ से यह साफ कर दिया गया कि न परीक्षा सितंबर में अपने तय समय पर आयोजित की जाएगी। जेईई मेन का आयोजन 1 सितंबर से 6 सितंबर के बीच जबकि नीट परीक्षा 13 सितंबर को होने जा रही है। दोनों परीक्षाओं के एडमिट कार्ड जारी कर दिए गए हैं। एनटीए ने 99 फीसदी छात्रों के लिए उनकी पहली प्राथमिकता का परीक्षा केंद्र सुनिश्चित किया है। जेईई मेन के लिए 8.58 लाख और नीट के लिए 15.97 लाख विद्यार्थी पंजीकृत हैं। 

 उम्मीदवारों को निर्देश दिए गए हैं कि उन्हें फेस मास्क पहनना जरूरी है। परीक्षा देते हुए उन्हें गलव्स, पानी की बोतल और सैनिटाइजर लाना होगा। इसके साथ ही परीक्षा केंद्र पर सोशल डिस्टेंसिंग का खास ध्यान रखना होगा। 

उम्मीदवारों को कम से कम 6 फीट की दूरी बनाकर रखनी होगी। परीक्षा केंद्र में जाने से पहले हर उम्मीदवार को अपने हाथ धोने होंगे। हर परीक्षा केंद्र पर हैंड सैनिटाइजर की व्यवस्था होगी।  

एनटीए ने बयान में कहा कि जेईई के लिए परीक्षा केंद्रों की संख्या 570 से बढ़ाकर 660 की गई है जबकि नीट परीक्षा अब 2,546 केंद्रों के बजाय 3,843 केंद्रों पर होगी। जेईई कंप्यूटर आधारित परीक्षा है जबकि नीट पारंपरिक तरीके से कलम और कागज पर होती है।

बयान में कहा गया कि इसके अलावा जेईई-मुख्य परीक्षा के लिए पालियों की संख्या आठ से बढ़ाकर 12 कर दी गई है और प्रत्येक पाली में विद्यार्थियों की संख्या अब 1.32 लाख से घटकर 85,000 हो गई है।

एनटीए ने कहा कि सामाजिक दूरी का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जेईई-मुख्य परीक्षा में छात्रों को परीक्षा कक्ष में एक सीट छोड़कर बैठाया जाएगा। इसके अलावा अब एक कमरे में जहां पहले 24 उम्मीदवारों को बैठाया जा रहा था, वहीं अब 12 उम्मीदवार ही एक कमरे में बैठेंगे। 

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