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16 सितम्बर, 2020|2:17|IST

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मुंबई यूनिवर्सिटी फाइनल ईयर परीक्षा 2020: प्रिंसिपलों ने कहा, कॉलेजों को छात्रों को क्वेश्चन बैंक देने की जरूरत नहीं

college exam  file photo

मुंबई यूनिवर्सिटी की फाइनल ईयर परीक्षा से पहले एफिलिएटेड कॉलेजों में क्वेश्चन बैंक स्टूडेंटस के साथ शेयर करने के मुद्दे पर विवाद पैदा हो गया है। स्टूडेंट्स चाहते हैं कि एग्जाम के नए फॉर्मेट में होने के चलते उनके साथ कॉलेजों द्वारा क्वेश्चन बैंक शेयर किया जाए। जबकि कॉलेजों के प्रिंसिपलों ने क्वेश्चन बैंक स्टूडेंट्स को देने से साफ इनकार कर दिया है। महाराष्ट्र छात्र संघ (एमएएसयू) के अध्यक्ष सिद्धार्थ इंगल ने कहा, 'पेपर इस बार एमसीक्यू फॉर्मेट में होगा जो कि स्टूडेंट्स के लिए नया है। राज्य के उच्च व तकनीकी शिक्षा मंत्री ने इस बात का आश्वासन दिया था कि परीक्षा को लेकर तैयार किया गया क्वेश्चन बैंक स्टूडेंट्स के साथ शेयर किया जाएगा। लेकिन अब कॉलेज कुछ भी शेयर कर रहे हैं। वह केवल मॉक टेस्ट करवा रहे हैं।'

कॉलेजों ने अपने छात्रों के लिए एग्जाम शेड्यूल और मॉक टेस्ट पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है। 

एक नामी कॉलेज के प्रिंसिपल ने कहा, 'यूनिवर्सिटी के सर्कुलर में एमसीक्यू क्वेश्चन बैंक बनाने की जरूरत के बारे में कहा गया है। लेकिन यह कहीं भी नहीं कहा गया कि कॉलेज को वह क्वेश्चन बैंक स्टूडेंट्स को भी देने होंगे। मॉक टेस्ट अनिवार्य है और हम इस पर काम कर रहे हैं। छात्र पिछले एक सप्ताह से क्वेश्चन बैंक मांग रहे हैं, उनकी दुविधा दूर करने के लिए उन्हें यूनिवर्सिटी का सर्कुलर उपलब्ध करवा दिय गया है।  '

आरए पोदार कॉलेज माटूंगा की प्रिंसिपल शोभना वासुदेवन ने कहा, 'प्रश्न पत्र का कॉन्सेप्ट नया है, इसलिए यूनिवर्सिटी और राज्य शिक्षा विभाग की ओर से कहा गया था कि इसे समझने में स्टूडेंट्स की मदद करें। लेकिन यह नहीं कहा गया है कॉलेज स्टूडेंटस् को क्वेश्चन बैंक देंगे।'

ऊषा प्रवीन गांधी कॉलेज, विले पार्ले की प्रिंसिपल अंजू कपूर ने कहा, 'किसी भी कॉलेज को स्टूडेंट्स के साथ कोई भी प्रश्न शेयर करने की अनुमति नहीं है। नया कॉन्सेप्ट और पैटर्न समझाने के लिए कॉलेज स्टूडेंट्स के लिए मॉक टेस्ट करा रहे हैं।'

यूनिवर्सिटी के परीक्षा विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह कंफर्म किया है कि कॉलेजों को स्टूडेंट्स के साथ क्वेश्चन बैंक शेयर करने की जरूरत नहीं है। 

कॉलेजों से प्रश्न पत्र बनाते समय उनके डिफिकल्टी लेवल का भी ध्यान रखने के लिए कहा गया है। 

शेड्यूल के मुताबिक फ्रैश अभ्यर्थियों के एग्जाम 1 अक्टूबर से 17 के बीच होंगे। सभी कॉलेजों से उन्हें परीक्षा शुरू होने से पहले ऑनलाइन मॉक टेस्ट देने की सुविधा मुहैया कराने के लिए भी कहा गया है। पेपर एक घंटे का होगा। हर विषय का पेपर 50 अंकों का होगा। इन्हें 75/80/100 मार्क्स में बदल दिया जाएगा। दिव्यांग छात्रों को 20 मिनट एक्स्ट्रा मिलेंगे और परीक्षा लिखने के लिए वह राइटर की मदद ले सकते हैं। चूंकि पेपर एमसीक्यू फॉर्मेट में होगा इसलिए इसमें री-इवेल्यूएशन नहीं होगी।

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  • Web Title:Mumbai University final year exams: MU Colleges do not have to share question bank with students say college principals