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करियरदिल्ली विश्वविद्यालय के 30 से अधिक शिक्षकों की कोरोना से मौत

अभिनव उपाध्याय,नई दिल्लीPublished By: Anuradha Pandey
Wed, 12 May 2021 07:45 AM
दिल्ली विश्वविद्यालय के 30 से अधिक शिक्षकों की कोरोना से मौत

दिल्ली विश्वविद्यालय के 30 से अधिक शिक्षकों की अब तक कोरोना संक्रमण से मौत हो चुकी है। यह संख्या डीयू में पढ़ा रहे शिक्षकों की है, जिसमें स्थायी और तदर्थ दोनों शिक्षक शामिल हैं। कई ऐसे शिक्षक हैं जो अपने परिवार के लिए आजीविका का एक मात्र आधार थे। सभी मौत एक मार्च से 10 मई के बीच हुई है। 

संक्रमण से मरने वालों में कई प्रोफेसर भी हैं। फिजिक्स एंड एस्ट्रोफिजिक्स विभाग के प्रतिष्ठित वैज्ञानिक प्रो.विनय गुप्ता की भी कोरोना से मौत हो गई। इसके अलावा बड़ी संख्या में डीयू कर्मचारियों का भी निधन हुआ है, जबकि सैकड़ों शिक्षक कोरोना से संक्रमित हैं। 
दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के अध्यक्ष राजीब रे ने बताया कि यह क्रूर समय है, जिसमें हमारे साथी एक एक कर हमसे बिछड़ रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह हमारे और शिक्षक समुदाय के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने बताया कि कई सेवानिवृत्त शिक्षकों की भी कोरोना संक्रमण से मौत हुई है। शिक्षक समुदाय सबके साथ मिलकर बीमार शिक्षकों की मदद करने व उनको हर तरह की सहायता पहुंचाने के लिए कार्य कर रहा है। 

ढाई करोड़ अनुदान की मांग
डीयू शिक्षक संघ ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को पत्र लिखकर मृत शिक्षकों के परिजनों को ढाई करोड़ की सहायता राशि देने की मांग की है। डूटा अध्यक्ष राजीब रे ने बताया कि एक शिक्षक पूरे कार्यकाल में जितनी राशि अपने परिवार के लिए एकत्रित करेगा, उसकी अपेक्षा यह राशि कम है। हमने अनुकंपा के आधार पर परिजनों को नौकरी देने की भी मांग की है। 

डीयू टीचर्स वेलफेयर फंड से भी मदद
कोरोना संक्रमण से जिन शिक्षकों का निधन हो गया है, उनके परिवार को डीयू टीचर्स वेलफेयर फंड से भी आर्थिक मदद मुहैया कराई जाएगी। हाल ही में डीयू मैनेजिंग कमेटी की बैठक में निर्णय लिया गया कि एक मार्च के बाद जिन शिक्षकों की मौत हुई है, उनके परिजनों को अधिकतम दस लाख रुपये की आर्थिक मदद की जाएगी। 40 वर्ष की आयु तक के शिक्षकों के परिजनों को अधिकतम 10 लाख, 50 वर्ष की आयु तक के शिक्षकों के परिजनों को आठ लाख एवं इससे ऊपर आयु वर्ग के शिक्षकों की मौत होने पर परिजनों को छह लाख की आर्थिक मदद की जाएगी। बैठक में तय हुआ कि तदर्थ शिक्षकों के परिजनों को एकमुश्त पांच लाख की मदद की जाएगी, चाहे वो शिक्षक वेलफेयर फंड का सदस्य हो या नहीं। 

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