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मनरेगा दिहाड़ी मजदूर के बेटे ने पास किया UPSC, रिजल्ट सुनकर निकले थे मां के आंसू, जानें हेमंत की कहानी

UPSC Success Story: राजस्थान के हेमंत ने यूपीएससी की परीक्षा में 884 रैंक के साथ परीक्षा में सफलता हासिल हैं। बता दें, उनकी मां मनरेगा में दिहाड़ी मजदूर का काम किया करती हैं। आइए जानके हैं हेमंत के बा

मनरेगा दिहाड़ी मजदूर के बेटे ने पास किया UPSC, रिजल्ट सुनकर निकले थे मां के आंसू, जानें हेमंत की कहानी
Priyanka Sharmaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 28 May 2024 09:22 PM
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UPSC Success Story: संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने 16 अप्रैल को सिविल सेवा 2023 परीक्षा परिणाम घोषित किया था, जिसमें कुल 1016 उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए सिफारिश की गई है। इस लिस्ट में राजस्थान के 23 साल के हेमंत का नाम भी शामिल हैं।

यूपीएससी सीएसई परीक्षा 2023 में हेमंत को 884वीं रैंक मिली है। यूपीएससी की परीक्षा में यह उनका दूसरा प्रयास था। अपने पहले प्रयास में, उन्होंने यूपीएससी सीएसई प्रीलिम्स को पास कर लिया था। यूपीएससी सीएसई 2023 में हेमंत ने कुल 912 अंक प्राप्त किए, जिनमें से उन्होंने लिखित परीक्षा में 792 और पीटी यानी पर्सनालिटी टेस्ट में 120 अंक प्राप्त हुए हैं।

हेमंत का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ है। वह राजस्थान के हनुमानगढ़ क्षेत्र के बीरेन गांव का रहने वाला हैं। उनकी मां मनरेगा परियोजना के तहत दिहाड़ी मजदूर हैं, जबकि उनके पिता एक स्थानीय पुजारी हैं। अपनी मां को अपने वेतन के बारे में एक मनरेगा अधिकारी के साथ बहस करते देखने के बाद, हेमंत को "कलेक्टर" शब्द का अर्थ पता चला था और उसी क्षण उन्होंने जिला मजिस्ट्रेट बनने का फैसला किया था।

बता दें, जब वह कॉलेज के छात्र थे, तब उन्होंने यूपीएससी की तैयारी के लिए अपना सफर शुरू कर दिया था। हेमंत ने अपने पहले प्रयास में प्रीलिम्स परीक्षा पास कर ली थी, लेकिन पासिंग मार्क्स की कमी के कारण उन्हें मुख्य परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी गई। हालांकि अपने दूसरे प्रयास में अटूट दृढ़ता के साथ, हेमंत ने 884वीं रैंकिंग के साथ यूपीएससी सीएसई 2023 परीक्षा पास कर ली है।

हेमंत के लिए यूपीएससी की तैयारी करना आसान नहीं था, तैयारी शुरू करने से पहले उन्हें कई असफलताओं का सामना भी करना पड़ा था।  इंग्लिश सब्जेक्ट में फेल होने के कारण वह डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन पूरा नहीं कर पाए थे। जहां एक ओर हेमंत हिम्मत हार गए थे, वहीं उनके दोस्तों ने उन्हें मोटिवेट किया। जिसके बाद उन्होंने जोबनेर में SKN एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन की डिग्री हासिल की थी।

एक मीडिया पोर्टल के साथ अपनी सफलता की कहानी के बारे में बात करते हुए हेमंत ने कहा, "उनके पिता बहुत खुश थे और उन्हें इस खबर पर विश्वास नहीं हो रहा था, जबकि उनकी मां उनका रिजल्ट सुनकर खुशी से रोने लगी थीं। उन्होंने कहा, "मैंने हमेशा अपनी मां के दुख के आंसू देखे हैं, लेकिन पहली बार उनकी आंखों में खुशी के आंसू थे"

जब उनसे उनकी परीक्षा की तैयारी और कोचिंग के महत्व के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "जहां तक ​​मेरी बात है, मैं किसी भी कोचिंग के लिए मोटी फीस नहीं सकता। मेरे पास उतने पैसे नहीं थे। वहीं मैंने कठिन विषयों की पढ़ाई यूट्यूब पर वीडियो देखकर की थी। इसी साथ मेरे टीचर्स ने मुझे काफी सलाह दी थी।

 

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