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MBBS : एमबीबीएस छात्रों को अब मरीजों से बर्ताव पर भी मिलेंगे नंबर, इन 4 चीजों पर मिलेंगे मार्क्स

एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्रों को अब मरीजों के साथ किए व्यवहार पर भी नंबर मिलेंगे। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों को व्यवहार कुशल बनाने की पहल की गई है। रिजल्ट में भी ये नंबर जोड़े जाएंगे।

MBBS : एमबीबीएस छात्रों को अब मरीजों से बर्ताव पर भी मिलेंगे नंबर, इन 4 चीजों पर मिलेंगे मार्क्स
Pankaj Vijayमोहन भट्ट,हल्द्वानीThu, 16 Nov 2023 10:29 AM
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एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे छात्रों को अब मरीजों के साथ किए व्यवहार पर भी नंबर मिलेंगे। हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में छात्रों के व्यवहार को बेहतर बनाने के लिए ये कदम उठाया गया है। इसके लिए प्रोफेसरों को बाकायदा प्रशिक्षित किया जा चुका है ताकि वे छात्रों को सही से प्रशिक्षण दे सकें। कॉलेज प्रबंधन की कोशिश है छात्र जब डॉक्टर बनकर निकलें तो साथ में एक व्यावहारिक इंसान भी बनें।

एमबीबीएस कर रहे छात्र पढ़ाई के दौरान ही प्राथमिक उपचार के लगभग सभी हुनर सीख चुके होते हैं। इसमें टांके लगाना, रक्तचाप नापना, जीवन रक्षक तकनीक समेत कई उपचार शामिल हैं। लेकिन अब केवल पेशे से जुड़े कौशल से काम नहीं चलेगा। अच्छा डॉक्टर बनने के लिए छात्रों को विनम्रता भी व्यवहार में लानी होगी। नेशनल मेडिकल काउंसिल (एनएमसी) ने इसको लेकर गाइडलाइन भी जारी की है। मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर्स के लिए बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन (बीसीएमई) भी शुरू किए गए है ताकि वह मेडिकल छात्रों को बेहतर तरीके से प्रशिक्षित कर सकें। मेडिकल छात्रों को अनिवार्य तौर पर चिकित्सकिय नैतिकता का ज्ञान, आमजन से व्यवहार और मरीजों से बातचीत का तरीका भी सीखना होगा। एमबीबीएस की पांचों वर्ष की पढ़ाई में हर साल उन्हें यह बताया जाएगा और उनके परीक्षा परिणाम में इसके अलग से नंबर भी जुड़ेंगे।

चार बिंदुओं पर होगा मूल्यांकन
परीक्षा के समय संकाय सदस्यों कों छात्रों का मूल्यांकन करते समय चार बातों का ध्यान में रखना होगा। इसमें थ्योराी का ज्ञान, चिकित्सकीय ज्ञान, मनोदृष्टि का ज्ञान  और बातचीत का कौशल (व्यावहारिक ज्ञान) शामिल है। सभी छात्रों के लिए चारों श्रेणी में पास होना अनिवार्य होगा ।

डॉ साधना अवस्थी, (नोडल अधिकारी, राजकीय मेडिकल कॉलेज हल्द्वानी) ने कहा, 'नेशनल मेडिकल काउंसिल बेसिक कोर्स इन मेडिकल एजुकेशन के माध्यम से मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर्स को बेहतर पठन-पाठन को लेकर ट्रेनिंग दे रहा है। इसी कोर्स में मेडिकल छात्रों को मरीज से बेहतर व्यवहार आदि के बारे में भी पढ़ने को लेकर विस्तृत जानकारी दी जा रही है। जिसके आधार पर मेडिकल छात्रों को परीक्षा में अंक भी दिए जाएंगे।'

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