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बिहार के इंजीनियरिंग, मेडिकल और पॉलिटेक्निक संस्थानों में अब 23 हजार सीटें होंगी आरक्षित

बिहार के शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में 75 फीसदी आरक्षण नियम लागू कर दिया गया है। अब इंजीनियरिंग, मेडिकल और पॉलिटेक्निक संस्थानों में करीब 23 हजार आरक्षित सीटों पर विद्यार्थियों का हर साल दाखिला

बिहार के इंजीनियरिंग, मेडिकल और पॉलिटेक्निक संस्थानों में अब 23 हजार सीटें होंगी आरक्षित
Pankaj Vijayहिन्दुस्तान ब्यूरो,पटनाWed, 22 Nov 2023 10:36 AM
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बिहार के इंजीनियरिंग, मेडिकल और पॉलिटेक्निक संस्थानों में करीब 23 हजार आरक्षित सीटों पर विद्यार्थियों का हर साल दाखिला होगा। राज्य सरकार द्वारा सभी शैक्षणिक संस्थानों के नामांकन में आरक्षण का कोटा 60 से बढ़ाकर 75 किये जाने के बाद यह तय हो गया है। अगले शैक्षणिक सत्र में ही इसका लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा।

इसको लेकर राज्य सरकार ने मंगलवार को बिहार (शैक्षणिक संस्थानों में नामांकन में) आरक्षण (संशोधन) अधिनियम लागू कर दिया है। जानकारी के अनुसार राज्य सरकार के इंजीनियिरंग कॉलेजों में 13 हजार से अधिक, पॉलिटेक्निक में 16 हजार और मेडिकल कॉलेजों में 1630 सीटे हैं। इस तरह कुल 30 हजार 630 पदों पर इन संस्थानों में नामांकन होता है। इसके अलावा राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों आदि शैक्षणिक संस्थानों में भी 75 प्रतिशत सीटें विभिन्न वर्गों के लिए आरक्षित रहेंगी।

आरक्षण के नए प्रावधानों को मिल सकती है कानूनी चुनौती
राज्य में लागू नए आरक्षण संशोधन विधेयक को कानूनी स्तर पर चुनौती अभी समाप्त नहीं हुई है। कानूनविदों का कहना है कि अगर इस विधेयक को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी गई, तो इसके गुण-दोष की समीक्षा नए सिरे से करते हुए कानूनी मानकों पर परखा जाएगा। इसमें अगर यह पास हो गया, तो यह लागू रह सकता है। अगर कानून के इस लिटमस टेस्ट में यह फेल हो जाता है, तो राज्य सरकार को इसे वापस लेना पड़ सकता है। हालांकि, अभी इससे संबंधित कोई याचिका सुप्रीम कोर्ट में नहीं दी गई है।

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