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हिंदी न्यूज़ करियरउच्च शिक्षा में सर्वाधिक 1.04 करोड़ विद्यार्थियों ने ''बीए''में नामांकन; सबसे अधिक पीएचडी छात्र इंजीनियरिंग में: AISHE सर्वेक्षण

उच्च शिक्षा में सर्वाधिक 1.04 करोड़ विद्यार्थियों ने ''बीए''में नामांकन; सबसे अधिक पीएचडी छात्र इंजीनियरिंग में: AISHE सर्वेक्षण

देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में सर्वाधिक 1.04 करोड़ विद्यार्थियों ने स्नातक कला (बीए) पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया और स्नातक विज्ञान (बीएसएसी) में 49.12 लाख ने नामांकन कराया है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा

उच्च शिक्षा में सर्वाधिक 1.04 करोड़ विद्यार्थियों ने ''बीए''में नामांकन; सबसे अधिक पीएचडी छात्र इंजीनियरिंग में: AISHE सर्वेक्षण
Alakha Singhभाषा,नई दिल्लीMon, 30 Jan 2023 09:44 PM

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देश के उच्च शिक्षण संस्थानों में सर्वाधिक 1.04 करोड़ विद्यार्थियों ने स्नातक कला (बीए) पाठ्यक्रमों में दाखिला लिया और स्नातक विज्ञान (बीएसएसी) में 49.12 लाख ने नामांकन कराया है। शिक्षा मंत्रालय द्वारा रविवार को जारी अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण (एआईएसएचई) 2020-21 से यह जानकारी मिली। मंत्रालय उच्च शिक्षा का अखिल भारतीय सर्वेक्षण 2011 से करा रहा है। सर्वेक्षण के अनुसार, स्नातक कला (बीए) पाठ्यक्रमों में 1.04 करोड़ विद्यार्थियों ने दाखिला लिया, जिसमें 52.7 प्रतिशत छात्र और 47.3 प्रतिशत छात्राएं शामिल हैं। स्नातक विज्ञान (बीएसएसी) में 49.12 लाख विद्यार्थियों ने नामांकन कराया है, जिसमें 52.2 प्रतिशत छात्राएं हैं। इसी तरह, स्नातक कॉमर्स (बीकॉम) में 43.22 लाख विद्यार्थियों ने दाखिला लिया, जिसमें 48.5 प्रतिशत छात्राएं हैं। 'बीटेक' में 23.20 लाख विद्यार्थियों ने दाखिला लिया, जिसमें 28.7 प्रतिशत लड़कियां हैं। इसी तरह, बैचलर आफ इंजीनियरिंग (बीई) में 13.42 लाख विद्यार्थियों ने दाखिला कराया, जिसमें 28.5 प्रतिशत लड़कियां हैं। रिपोर्ट के अनुसार, स्नातक पाठ्यक्रम में कुल नामांकित विद्यार्थी लगभग 79.06 प्रतिशत हैं और स्नात्कोत्तर पाठ्यक्रम में 11.5 प्रतिशत विद्यार्थियों ने नामांकन कराया। इसमें कहा गया है कि स्नातक में विषयों के क्रम में सबसे अधिक नामांकन (33.5 प्रतिशत) कला (आर्ट्स) में कराया गया। उसके बाद विज्ञान (15.5 प्रतिशत), वाणिज्य (13.9 प्रतिशत) और इंजीनियरिंग व टेक्नोलॉजी (11.9 प्रतिशत) का स्थान है।

वहीं, स्नातकोत्तर में सर्वाधिक संख्या में विद्यार्थियों ने सामाजिक विज्ञान (20.56 प्रतिशत) में नामांकन कराया। इसके बाद विज्ञान (14.83 प्रतिशत) में नामांकन कराया है। कुल नामांकनों में 55.5 लाख विद्यार्थियों ने विज्ञान में नामांकन कराया। इसमें छात्राओं की संख्या 29.5 लाख और छात्रों की संख्या 26 लाख है। स्नातकोत्तर में सामाजिक विज्ञान में सबसे अधिक छात्रों ने दाखिला लिया, जिनकी संख्या 9.41 लाख है। इसमें 56.5 प्रतिशत लड़कियां हैं। इसके बाद विज्ञान में 6,79,178 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया, जिसमें 61.3 प्रतिशत लड़कियां हैं। प्रबंध विषय में 6,86,001 विद्यार्थियों ने दाखिला लिया, जिसमें 43.1 प्रतिशत लड़कियां हैं। पीएचडी में सबसे अधिक विद्यार्थियों ने इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी में दाखिला लिया। इसके बाद विज्ञान में दाखिला लिया। सर्वेक्षण रिपोर्ट के अनुसार, छात्राओं का नामांकन 2019-20 के 1.88 करोड़ से बढ़कर 2020-21 में 2.01 करोड़ हो गया। इस तरह महिलाओं के नामांकन में 13 लाख की वृद्धि हुई है। सकल नामांकन दर वर्ष 2019-20 के 25.6 से बढ़कर 27.3 प्रतिशत हो गई है। अनुसूचित जनजाति वर्ग के छात्रों की सकल नामांकन दर (जीईआर) में वर्ष 2019-20 की तुलना में 2020-21 में 1.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। इसमें कहा गया कि अनुसूचित जाति वर्ग के विद्यार्थियों का नामांकन वर्ष 2014-15 के 46.06 लाख से बढ़कर वर्ष 2019-20 में 56.57 लाख और वर्ष 2020-21 में 58.95 लाख हो गई।

वहीं, अनुसूचित जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों का नामांकन वर्ष 2014-15 के 16.41 लाख से बढ़कर वर्ष 2019-20 में 21.6 लाख और वर्ष 2020-21 में 24.1 लाख दर्ज किया गया। उच्च शिक्षा में अन्य पिछड़ा वर्ग(ओबीसी) विद्यार्थियों का नामांकन वर्ष 2019-20 के 1.42 करोड़ से बढ़कर 2021-21 में 1.48 करोड़ हो गया।