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करियरमहाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा, विश्वविद्यालयों में नहीं होंगी फाइनल ईयर की परीक्षाएं

लाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीPublished By: Pankaj Vijay
Mon, 01 Jun 2020 12:51 PM
महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे ने कहा, विश्वविद्यालयों में नहीं होंगी फाइनल ईयर की परीक्षाएं

महाराष्ट्र के कॉलेज और विश्वविद्यालयों को छात्रों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने साफ कर दिया है कि फाइनल ईयर में पढ़ रहे छात्रों की परीक्षाएं भी नहीं होंगी। उन्हें उनकी पिछली परीक्षाओं में प्राप्तांकों के आधार पर पास किया जाएगा। ठाकरे ने कहा कि वर्तमान स्थिति विश्वविद्यालय में फाइनल ईयर की परीक्षाएं आयोजित करने के अनुकूल नहीं है। सेमेस्टर परीक्षाओं के कुल अंक जोड़कर छात्रों को फाइनल मार्क्स दिए जाएंगे।

रविवार को अपने संबोधन में ठाकरे ने राज्य में 30 जून तक लॉकडाउन बढ़ाने की घोषणा की और कहा कि फाइनल ईयर के छात्रों को उनके पिछले सेमेस्टर्स व ऐकेडमिक ईयर की परीक्षाओं के आधार पर प्रमोट करने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। हालांकि राज्य शिक्षा विभाग व विश्वविद्यालयों की ओर से इस फैसले से जुड़ी विस्तृत जानकारी आना बाकी है। 

ठाकरे ने अपने संबोधन में कहा, 'फाइनल ईयर के छात्रों का रिजल्ट पिछले सेमेस्टर्स के एग्रीगेट मार्क्स के आधार पर निकाला जाएगा। जिन छात्रों को इम्प्रूवमेंट के लिए फिर से परीक्षा में बैठना है, वह विंटर सेशन (अक्टूबर नवंबर 2020) की परीक्षा में बैठ सकेंगे।'

करीब एक माह पहले राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री उदय सामंत ने घोषणा कि थी कि सभी यूनिवर्सिटी में स्नातक और स्नातकोत्तर कोर्स में फाइनल ईयर के छात्रों को छोड़कर अन्य सभी छात्रों को बिना परीक्षा अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाएगा। फर्स्ट व सेकेंड ईयर के छात्रों के लिए 50-50% ग्रेडेशन का फॉर्मूला अपनाया जाएगा। 50 फीसदी मार्क्स छात्र की इंटरनल व इस सेमेस्टर के अन्य प्रोजेक्ट्स में परफॉर्मेंस और शेष 50 फीसदी मार्क्स स्टूडेंट्स के पिछले सेमेस्टर के मार्क्स के आधार पर दिए जाएंगे। जो स्टूडेंट्स किसी विषय के लिए ATKT चुनेंगे, उन्हें फिलहाल तो अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया जाएगा लेकिन 120 दिनों के भीतर उन्हें वह परीक्षा पास करनी होगी।

महाराष्ट्र के दूरवर्ती इलाकों के स्कूलों को खोला जा सकता है: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने रविवार को यह भी कहा कि महाराष्ट्र के दूरवर्ती इलाकों के ऐसे स्कूलों को सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए खोला जा सकता है, जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है और जो कोरोना वायरस महामारी से अप्रभावित हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नया शैक्षणिक वर्ष जून में शुरू होना चाहिए जैसा सामान्य समय में होता है। उन्होंने राज्य में ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था को विकसित और मजबूत करने की जरूरत पर भी बल दिया।
         
उन्होंने स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों और मंत्री वर्षा गायकवाड़ के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से हुई बैठक में कहा, ''दूरवर्ती इलाकों में जहां इंटरनेट की कनेक्टिविटी नहीं है और कोरोना वायरस नहीं फैला है, वहां सामाजिक दूरी के नियमों का पालन करते हुए स्कूलों को खोला जा सकता है। जिन स्थानों पर स्कूलों को खोलने में समस्या है, वहां ऑनलाइन शिक्षा के विकल्प का इस्तेमाल किया जा सकता है।
         
उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि स्कूलों को अभी शुरू किया जाए लेकिन विभाग को आने वाले समय में ऑनलाइन शिक्षा व्यवस्था का विकास कर उसे मजबूत करना चाहिए।
         
ठाकरे ने कहा, ''कोरोना वायरस महामारी बच्चों की शिक्षा के मार्ग में बाधा नहीं होनी चाहिए। शैक्षणिक वर्ष (2020-2021) जून से शुरू होना चाहिए। महाराष्ट्र को देश के शेष हिस्से के लिए उदाहरण बनना चाहिए।
         
उन्होंने कहा, ''शिक्षा आवश्यक है जिसे रूकने नहीं दिया जाना चाहिए।
 

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