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16 सितम्बर, 2020|11:41|IST

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इनसे सीखें ! UPSC में 430वीं रैंक पाने वाली आदिवासी युवती रीना हांसदा ने बताए कामयाबी के राज,कहा-इंटरनेट से मिली मदद

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झारखंड के खूंटी जिले की बेटी रीना हांसदा ने यूपीएससी में 430वीं रैंक हासिल की है। इससे खूंटीवासियों का सर उंचा हो उठा है। खूंटी के तोरपा रोड स्थित प्रेम नगर में रहने वाली रीना हांसदा का अगला लक्ष्य आदिवासी महिलाओं और बच्चों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना और प्राथमिक शिक्षा के गुणवत्ता को बेहतर करने की दिशा में काम करना है। 

हिन्दुस्तान से बातचीत में रीना हांसदा ने बताया कि उन्होंने दसवीं तक की पढ़ाई सेक्रेट हार्ट स्कूल, हुलहुंडू रांची से की।  2009 में दसवीं की पास की। इसके बाद बारहवीं जवाहर विद्या मंदिर श्यामली, रांची से की और फिर आगे सेंट जेवियर कॉलेज, रांची से पोलिटिकल साइंस में ऑनर्स की पढ़ाई की जिसमें उन्हें गोल्ड मेडल मिला।

यूपीएससी क्वालिफाई करने वाली रीना हांसदा मुल रूप से गोड्डा जिले के तिलाईपाड़ा की रहने वालीं हैं। उनके पिता खूंटी में वर्ष1983 में अपनी नौकरी के दौरान आए थे। मां खूंटी के संत मिखाईल स्कूल की टीचर थीं। रीना अपनी सफलता का श्रेय अपनी मां बेर्था केरकेट्टा और पापा ऐंथोनी हांसदा को देतीं हैं। इंटरव्यू में उनसे पीएचडी से जुडे सवालों के अलावा उनकी हॉबी,आर्ट से जुड़े सवाल पूछे गए। इसके अलावा ग्लोबल अफेयर्स स्टूडेंट पॉलिटिक्स से जुड़े सवाल पूछे गए थे।
 

परिवार से मिली प्रेरणा
रीना हांसदा कहतीं हैं कि यूपीएससी क्वालिफाई करने का सपना उन्हें परिवार से ही मिला। पापा और दीदी बीपीएससी की तैयारी कर रहे थे, हालाकि उन्हें सफलता नहीं मिली। पापा और दीदी को देखकर ही रीनी हांसदा ने यूपीएससी क्वालिफाई करने की ठानी। इस दौरान परिवार का भरपूर सहयोग मिला।

वे कहतीं हैं, 'सफलता की राह में सबसे बड़ी बाधा खूंटी का सामाजिक परिवेश था। समझ में नहीं आ रहा था कि क्या करूं ? किससे कुछ जानकारियां हासिल करूं? ' ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद वे जेएनयू, दिल्ली चलीं गईं। यहां से उन्होंने अपना रास्ता स्वंय तय करने की ठानी। जेएनयू में संपर्क बढ़े और एक के बाद एक रास्ते निकलते चले गए। लोगों का सहयोग मिला। माइंडसेट में बदलाव आया। जेएनयू से जीआरएस क्वालिफाई करने के बाद वह आत्मनिर्भर बन गईं। उसके बाद उन्होंने पीएचडी करना प्रारंभ किया। वर्तमान में वह पीएचडी सेकेंड ईयर में अध्यनरत हैं। 

यूपीएससी की तैयारी में इंटरनेट बड़ा सहयोगी : रीना हांसदा कहती हैं पहले यह कहा जाता था कि यूपीएससी की तैयारी के लिए दिल्ली जाकर बड़े-बड़े कोचिंग संस्थानों में बहुत सारे पैसे देकर तैयारियां करनी पड़ती है। लेकिन आज के जमाने में खूंटी में रहकर भी इंटरनेट के जरिए यूपीएससी की तैयारी की जा सकती है। वह कहतीं हैं कि इंटरनेट बड़ी क्रांति ला रहा है। अब खूंटी में भी यूपीएससी की तैयारी करने की बड़ी संभावना है। 

रीना हांसदा का लक्ष्य 
रीना आदिवासी बहुल इलाकों की पिरस्थितियों से काफी आहत हैं। वे कहतीं हैं कि आदिवासी बहुल इलाकों में महिलाओं का विकास नहीं हुआ। पिछड़ापन, कुपोषण, गुणवत्तापुर्ण शिक्षा की पहुंच आदिवासियों तक नहीं है। उनका लक्ष्य आदिवासी महिलाओं के जीवन स्तर को उपर उठाना, कुपोषण को खत्म करना, प्राथमिक शिक्षा को बेहतर बनाना होगा।

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  • Web Title:Learn from them Reena Hansda a tribal woman who got 430th rank in UPSC told internet helped