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JPSC PT : जेपीएससी की ओएमआर शीट में छेड़छाड़ पर केस करने का निर्देश

हाईकोर्ट ने प्रार्थी गोपाल कुमार महथा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। प्रार्थी ने कोर्ट में पेश की गई ओएमआर शीट में छेड़छाड़ की थी। शीट से मिलान करने पर दोनों में अंतर पाया गया।

JPSC PT : जेपीएससी की ओएमआर शीट में छेड़छाड़ पर केस करने का निर्देश
Pankaj Vijayविशेष संवाददाता,रांचीSat, 18 May 2024 08:28 AM
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अदालत को गुमराह करने और गलत जानकारी देने पर हाईकोर्ट ने प्रार्थी गोपाल कुमार महथा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया है। जस्टिस आनंद सेन की अदालत ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को बुलाकर प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। प्रार्थी ने कोर्ट में पेश की गई ओएमआर शीट में छेड़छाड़ की थी। जेपीएससी की मूल ओएमआर शीट से मिलान करने पर दोनों में अंतर पाया गया। अदालत ने जेपीएससी और प्रार्थी की ओर से पेश किए गए ओएमआर शीट को सीलबंद कर रखने को निर्देश भी दिया।

इस संबंध में गोपाल कुमार महथा ने याचिका दाखिल की थी। सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से बताया गया कि जेपीएससी की ओर से  वर्ष  2024  में संयुक्त सिविल सेवा की परीक्षा के लिए विज्ञापन जारी किया गया था। प्रार्थी ने इसमें आवेदन किया था। मार्च 2024 में जेपीएससी ने प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी किया। इसके बाद उनकी ओर से प्रश्नों का उत्तर भी जारी किया गया। प्रार्थी ने दावा किया उसे  परीक्षा  में 246 अंक मिले हैं, लेकिन उनका चयन नहीं किया गया है।

जेपीएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल और प्रिंस कुमार सिंह ने अदालत को बताया कि  प्रार्थी को मात्र 46  अंक  ही  मिले हैं। इस पर अदालत ने जेपीएससी से प्रार्थी की ओएमआर शीट सीलबंद लिफाफे में पेश करने का निर्देश दिया था। जेपीएससी की ओर से ओएमआर शीट प्रस्तुत की गई। जब अदालत ने प्रार्थी और जेपीएससी की ओएमआर शीट मिलान कराया तो प्रतीत हुआ कि प्रार्थी ने ओएमआर शीट में छेड़छाड़ की है। इसके बाद अदालत ने प्रार्थी पर नाराजगी जताते हुए  कहा  कि  उन्होंने  कोर्ट  को गुमराह  करने  की  कोशिश की है।  अदालत ने प्रार्थी को किसी प्रकार की राहत देने से इनकार करते हुए याचिका  खारिज  कर  दी।

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