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नहीं ले सके NIOS D.El.Ed की डिग्री, अब जाएगी 4000 शिक्षकों की नौकरी

झारखंड के प्रारंभिक स्कूलों में बहाल 3,966 पारा शिक्षकों की नौकरी जायेगी। इनमें से 3508 वैसे पारा शिक्षक हैं जो नेशनल स्कूल ऑफ ओपेन स्कूलिंग  (एनआईओएस) के जरिये डीएलएड की डिग्री नहीं ले सके हैं। जबकि 458 पारा शिक्षक पलामू के नौडीहा और छतरपुर प्रखंड के हैं, जिनकी बहाली में निर्धारित प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। सरकार ने इन सभी को सेवा से हटाने के लिए सभी जिला शिक्षा पदाधिकारी और जिला शिक्षा अधीक्षकों को निर्देश दे दिया है। 

जानकारी के अुनुसार राज्य के सभी स्कूलों के अप्रशिक्षित शिक्षकों को 31 मार्च 2019 तक प्रशिक्षण ले लेना था। एक अप्रैल से सरकारी और निजी स्कूलों में किसी अप्रशिक्षित शिक्षक को नहीं रहना था।  इसके लिए एनआईओएस के जरिये राज्य के अप्रशिक्षित शिक्षकों को नवंबर 2017 से डेढ़ साल का प्रशिक्षण (डीएलएड) कराया गया। एनआईओएस ने डीएलएड का परिणाम जारी कर दिया। राज्य के 1053 पारा शिक्षक डीएलएड की परीक्षा में फेल हो गये जबकि 2455 पारा शिक्षकों ने परीक्षा ही नहीं दी। डीएलएड की परीक्षा पास करने वाले पारा शिक्षकों की सेवा जारी रहेगी, जबकि फेल हुए व परीक्षा में नहीं शामिल होने वाले पारा शिक्षकों की सेवा समाप्त हो जायेगी। 

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तीन दिन में जिलावार देनी होगी रिपोर्ट 
राज्य के सभी डीईओ-डीएसई से तीन दिन में शिक्षा विभाग ने एनआईओएस से डीएलएड पास किये पारा शिक्षकों की रिपोर्ट तलब की है। झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद् के राज्य परियोजना निदेशक उमाशंकर सिंह ने हर जिला को तीन दिन में पास करने वाले अप्रक्षिशित पारा शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की प्रति देने को कहा है। उन्होंने कहा कि मानदेय भुगतान भी सिर्फ पास किये हुए पारा शिक्षकों का दिया जाएगा। जो शिक्षक पास नहीं कर सके हैं उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं होगा और उन्हें  पदमुक्त करने की कार्रवाई की जायेगी। 

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पलामू के 458 पारा शिक्षकों की सेवा होगी समाप्त 
पलामू के नौडीहा और छतरपुर प्रखंड में कार्यरत 458 पारा शिक्षकों की सेवा से हटाने का भी सरकार ने निर्देश जारी कर दिया है। इन पारा शिक्षकों की नियुक्ति निर्धारित मापदंडों के आधार पर नहीं हुई थी। इनकी बहाली या तो सिर्फ ग्राम शिक्षा समिति की मंजूरी पर कर दी गई थी या फिर प्रखंड शिक्षा समिति के मंजूरी पर। कई की बहाली सिर्फ अधिकारियों की अनुशंसा पर कर दी गई। जांच में नौडीहा प्रखंड के 251 पारा शिक्षकों का चयन अवैध पाया गया, जबकि 18 शिक्षकों की बहाली के कोई दस्तावेज नहीं मिले। वहीं, छतरपुर के 184 पारा शिक्षकों का चयन अवैध पाया गया और पांच  की बहाली से जुड़े दस्तावेज नहीं मिले। इस पर जेईपीसी के राज्य परियोजना निदेशक उमाशंकर सिंह ने पलामू के डीईओ-डीएसई को संबंधित 458 पारा शिक्षकों का मानदेय रोकते हुए उन्हें सेवा से हटाने का निर्देश दिया है।

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  • Web Title:jharkhand : teacher who could not get nios deled degree will lost their job