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झारखंड: विषय के आधार पर शिक्षकों का होगा रेशनलाइजेशन

झारखंड के प्रारंभिक स्कूलों के शिक्षकों का फिर से रेशनलाइजेशन होगा। इस बार छात्र-शिक्षक अनुपात या उनकी संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि विषयों के आधार पर रेशनलाइजेशन होगा। हर स्कूल में एक विषय के एक ही शिक्षक होंगे। किसी स्कूल में अगर एक विषय के दो या उससे अधिक शिक्षक हैं तो उन्हें वहां से दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जायेगा। 

राज्य के 35 हजार स्कूलों में कार्यरत 56 हजार नियमित शिक्षक और 65 हजार पारा शिक्षकों का रेशनलाइजेशन हो सकेगा। स्कूली शिक्षा व साक्षरता विभाग इसके नियम और मॉडल तैयार कर रहा है। यह रेशनलाइजेशन पंचायत स्तर पर, प्रखंड स्तर पर या फिर जिला स्तर पर होगा, इस पर अंतिम निर्णय लिया जाना है। लोकसभा चुनाव व स्कूलों में गर्मी की छुट्टी के बाद जुलाई से यह प्रक्रिया शुरू हो सकेगी। स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना सही से हो, इसके लिए यह प्रयास किये जा रहे हैं। स्कूली शिक्षा विभाग हर स्कूलों में हर विषय के एक शिक्षक रखने की तैयारी कर रहा है। रेशनलाइजेशन के आधार पर जिन स्कूलों में किसी एक विषय के एक से अधिक नियमित या पारा शिक्षक होंगे तो उन्हें दूसरे स्कूलों में समायोजित किया जायेगा और उनकी जगह दूसरे शिक्षक को लाया जा सकेगा। विभाग हर क्लास के लिए कम से कम एक शिक्षक रखने का लक्ष्य निर्धारित कर रहा है, ताकि प्राथमिक स्कूल में एक साथ पांचवीं तक की पढ़ाई और मध्य विद्यालयों में आठवीं तक की पढ़ाई हो सके। 

भाषा में एक ही शिक्षक की होती है नियुक्ति 
स्कूलों में भाषा में एक ही शिक्षक नियुक्त होते हैं, जबकि भाषा में हिंदी-अंग्रेजी दोनों पढ़ाई जाती है। ऐसे में दोनों में से एक ही विषय के शिक्षक दोनों विषय पढ़ाते हैं। वहीं, सामाजिक विज्ञान और विज्ञान में भी यही समस्या आ रही है। जो शिक्षक अर्थशास्त्र से स्नातक किये हैं और वे भूगोल कभी नहीं पढ़े तो सामाजिक विज्ञान में कैसे पढ़ाएंगे। भौतिकी पढ़ कर आने वाले शिक्षक रसायनशास्त्र कैसे पढ़ाएंगे? 

हर शिक्षक का लिया जायेगा डाटा 
राज्य में कार्यरत 56 हजार नियमित शिक्षक और 65 हजार पारा शिक्षकों का शैक्षणिक डाटा सरकार लेगी। शिक्षक कौन सा विषय पढ़ाते हैं, किस विषय से उन्होंने स्नातक, स्नातकोत्तर की है, इसे इकट्ठा किया जा रहा है। 

सात हजार शिक्षकों का हो चुका है रेशनलाइजेशन 
राज्य के सात हजार शिक्षकों का 2018 में रेशनलाइजेशन हो चुका है। 4600 स्कूलों के विलय के बाद इन शिक्षकों का रेशनलाइजेशन हुआ था। जिन स्कूलों में बच्चों के अनुपात में शिक्षकों की संख्या ज्यादा थी, उन्हें वैसे स्कूल जहां कम शिक्षक थे, वहां समायोजित किया गया।  

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  • Web Title:jharkhand: teacher rationalisation on the basis of subject