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JEE NEET 2018: AIADMK की मांग- राज्य सरकारों की दी जाए ऐसी परीक्षाएं आयोजित करने की इजाजत

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JEE, NEET 2018: AIADMK ने लोक सभा में सोमवार को मांग की कि नीट और जेईई जैसी परीक्षाएं आयोजित करने का अधिकार राज्य सरकारों को दिया जाए। AIADMK सांसद एम तंबिदुरै ने लोकसभा में सवाल उठाया कि 'नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) वर्ष में दो बार परीक्षाएं आयोजित करने जा रही है। अब बच्चों को 12वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी की बजाय इन प्रवेश परीक्षाओं पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करना पड़ेगा। इस तरह की संयुक्त परीक्षाओं से केवल उच्च वर्ग के विद्यार्थियों को फायदा होता है।'  उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की कमी इसलिए है क्योंकि राज्यों को इस तरह की परीक्षाएं आयोजित करने की अनुमति नहीं है।   

अन्नाद्रमुक के एम तंबीदुरै ने एनटीए का विरोध करते हुए कहा कि यह एजेंसी साल में दो बार प्रवेश परीक्षाएं आयोजित कराएगी जिससे 12वीं में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अधिक समय देना पड़ेगा और नियमित पढ़ाई बाधित होगी।

उन्होंने यह भी कहा कि पहले शिक्षा पूरी तरह राज्य का विषय था और बाद में इसे समवर्ती सूची में लाया गया। इस तरह के निर्णयों से केंद्र सरकार राज्यों के अधिकार क्षेत्र में हस्तक्षेप करती है।

तंबिदुरै ने पूछा, ''क्या यह एजेंसी जरूरी है? क्या आपको इस तरह की परीक्षाओं के आयोजन के लिए राज्यों पर भरोसा नहीं है।
 
उनके विचारों का अन्नाद्रमुक के साथ-साथ शिवसेना सांसदों ने भी मेजें थपथपाकर स्वागत किया जो सरकार में सहयोगी है।

एनटीए को बनाया जाएगा जवाबदेह: सरकार
केंद्र सरकार ने कहा कि भविष्य में सीबीएसई की जगह इंजीनियरिंग और मेडिकल आदि उच्च शिक्षा की प्रवेश परीक्षाएं आयोजित करने वाली राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को जवाबदेह बनाया जाएगा, वहीं अन्नाद्रमुक ने एजेंसी के गठन पर ही सवाल खड़ा कर दिया।

लोकसभा में कांग्रेस की मौसम नूर के एनटीए से संबंधित पूरक प्रश्न के उत्तर में मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि इससे वैज्ञानिक तरीके से पेपर तैयार किये जा सकेंगे और छात्रों को सुरक्षित माहौल मिलेगा।

उन्होंने कहा कि इसमें जवाबदेही भी तय की जाएगी।  

जावड़ेकर ने कहा कि जेईई और नीट की प्रवेश परीक्षाएं कुल 24 लाख छात्र देते हैं। राज्य सरकारें अन्य परीक्षाएं आयोजित करती हैं जिनमें करीब डेढ़ करोड़ परीक्षार्थी भाग लेते हैं।

उन्होंने इस तरह की परीक्षाओं में भाषा संबंधी तंबीदुरै की चिंता पर कहा कि हमने तमिलनाडु सरकार से अनुवादक मांगे हैं और उनसे यह काम कराया जाएगा।

इससे पहले उन्होंने कहा कि कई विकसित देशों में इस तरह की परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी होती हैं। इससे वैज्ञानिक तरीके से प्रश्नपत्र तैयार किये जा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्रों की सुरक्षा एक महत्वपूर्ण विषय है।

जावड़ेकर ने कहा कि जल्द एनटीए की घोषणा की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि इसके माध्यम से परीक्षाएं ऑनलाइन नहीं बल्कि कंप्यूटर से कराई जाएंगी जिसमें एक फॉरमट को डाउनलोड करना होगा।

मंत्री ने कहा कि इस बारे में भी विचार किया जा रहा है कि क्या प्रणाली बदलने के चरण में सुदूर इलाकों में अगले एक साल तक परीक्षा पुराने तरीके से कराई जा सकती है?

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  • Web Title:JEE NEET 2018: State govt to be allowed to hold such examinations demands AIADMK