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हिंदी न्यूज़ करियरJEE Advanced Result 2021 : धनंजय 7वीं से कर रहे थे इस पल का इंतजार, अनंत करते थे रोज 5 घंटे की पढ़ाई, जानें जेईई टॅापरों के सफलता का मूल मंत्र

JEE Advanced Result 2021 : धनंजय 7वीं से कर रहे थे इस पल का इंतजार, अनंत करते थे रोज 5 घंटे की पढ़ाई, जानें जेईई टॅापरों के सफलता का मूल मंत्र

वरिष्ठ संवाददाता,नई दिल्लीYogesh Joshi
Sat, 16 Oct 2021 08:16 AM
JEE Advanced Result 2021 : धनंजय 7वीं से कर रहे थे इस पल का इंतजार, अनंत करते थे रोज 5 घंटे की पढ़ाई, जानें जेईई टॅापरों के सफलता का मूल मंत्र
  • धनंजय सातवीं से ही इस पल का कर रहे थे इंतजार
  • रोज पांच घंटे की पढ़ाई ने अनंत को दिलाई सफलता

दिल्ली के रहने वाले अंनत ने जेईई एडवांस में तीसरा स्थान हासिल किया है। अंनत ने बताया कि जब परिणाम आया तो वे चौंक गए। उन्होंने कहा कि उम्मीद नहीं थी कि ऑल इंडिया रैंक तीन आ जाएगी। उन्होंने कहा कि वह रोज पांच घंटे की पढ़ाई करते थे। वह आईआईटी दिल्ली में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में दाखिला लेना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा देने से पहले उन्हें टॉप 50 में स्थान पाने की उम्मीद थी, लेकिन पेपर खत्म होने के बाद उन्हें विश्वास हो गया था कि टॉप 10 में स्थान हासिल कर लेंगे। जब परिणाम के बारे में पता चला तो उस समय ड्राइविंग की क्लास ले रहे थे।

दिल्ली के द्वारका सेक्टर-2 स्थित महालक्ष्मी अपार्टमेंट निवासी धनंजय रमन ने जेईई एडवांस परीक्षा में अखिल भारतीय रैंकिग (ऑल इंडिया रैंकिंग) में दूसरा और दिल्ली में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने बताया कि वह इसके लिए सातवीं कक्षा से तैयारी कर रहे थे।

रमन ने बताया कि उनका लक्ष्य हमेशा से जेईई एडवांस परीक्षा में सफलता प्राप्त कर आईआईटी मुंबई में दाखिला लेना था। वह कंप्यूटर साइंस विषय में दाखिला चाहते हैं। रमन के कहा कि रैंक से मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा कि जेईई मेन्स परीक्षा में मेरी 146 रैंक की जानकारी मिलने के बाद शिक्षक और परिजन ज्यादा खुश नहीं थे, लेकिन अब दूसरी रैंक आने पर बेहद खुश हैं।

सातवीं से तैयारी : धनंजय ने बताया कि मैं कक्षा सात से ही जेईई एडवांस की परीक्षा के लिए अभ्यास कर रहा हूं। आज मेरी तपस्या पूरी हो गई है। कक्षा सातवीं में ही मैंने फिटजी कोचिंग सेंटर जाना शुरू कर दिया था। उन्होंने कहा कि तकनीक की ओर झुकाव को देखते हुए मैंने कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग का फैसला लिया है। रामानुजन से प्रभावित धनंजय उन्हीं की तरह देश में अपना व अपने परिवार का नाम रोशन करना चाहते हैं। रोमानिया में आयोजित 24वें अंतरराष्ट्रीय एस्ट्रोनामी ओलंपियाड में स्वर्ण पदक हासिल किया था।

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