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23 सितम्बर, 2020|9:03|IST

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जापान के टीचर ने भारत के एक गांव में जापानी भाषा सीख रहे बच्चों को भेजी किताबें

council teachers started online classes children are also studying diligently

महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले के एक सुदूर गांव के जिला परिषद के स्कूल में जापानी भाषा सीख रहे बच्चों को जापान के एक शिक्षक ने किताबें भेजी हैं ताकि बच्चे सही तरीके से इस भाषा को सीख सकें। औरंगाबाद से 25 किलोमीटर दूर स्थित गदिवत गांव उस वक्त चर्चा में आया जब स्थानीय जिला परिषद संचालित स्कूल के बच्चों ने एक सोशल मीडिया मंच के जरिए जापानी भाषा सीखनी और बोलनी शुरू की।  स्कूल ने पिछले साल सितम्बर में एक विदेशी भाषा कार्यक्रम शुरू करने का फैसला किया था। इस कार्यक्रम के तहत चौथी से आठवीं कक्षा के छात्रों से अपनी पसंद की एक भाषा चुनने को कहा गया। उनमें से अधिकतर बच्चों ने रोबोटिक्स और प्रौद्योगिकी का ज्ञान अर्जित करने की चाह में जापानी भाषा को चुना।

इसके बाद जापानी भाषा के एक स्थानीय विशेषज्ञ बच्चों को मुफ्त ऑनलाइन शिक्षा देने लगे।

औरंगाबाद जिला परिषद के शिक्षा विस्तार अधिकारी रमेश ठाकुर ने न्यूज एजेंसी भाषा से कहा, ''राष्ट्रीय जापानी भाषा और भाषा विज्ञान संस्थान के प्रोफेसर प्रशांत परदेशी को जब इस पहल के बारे में पता चला तो उन्होंने इन बच्चों को विदेशी भाषा को बेहतर तरीके से सीखने में मदद करने का फैसला किया। वह 25 वर्षों से जापान में रह रहे हैं।''

ठाकुर ने कहा, ''परदेशी ने मुझसे फोन पर इस कार्यक्रम का विवरण लिया और मराठी और जापानी भाषाओं पर पुस्तकों के छह सेट भेजे। हमें किताबें मिल गई हैं, जिसमें एक जापानी-मराठी शब्दकोश, अनुवादित कहानियों की किताबें और व्याकरण तथा अन्य विषयों पर किताबें शामिल हैं।''

उन्होंने कहा कि जिला परिषद ने जिले के चार और स्कूलों में जापानी भाषा सिखाने की पहल का निर्णय लिया है।

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  • Web Title:Japan tokyo professor sends books to India Maharashtra village kids learning japanese