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28 मई, 2020|2:58|IST

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Online Class Side Effects : लंबे समय तक ऑनलाइन कक्षा से बच्चों के स्वास्थ्य पर असर

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जम्मू के स्कूल शिक्षा निदेशालय ने लॉकडाउन के दौरान निजी स्कूलों को नियमित तौर पर लंबे समय तक ऑनलाइन कक्षाएं लेने की व्यवस्था को यह कहते हुए टालने के लिए कहा कि इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ सकता है। जम्मू की स्कूल शिक्षा निदेशक अनुराधा गुप्ता ने स्कूलों को जारी परामर्श के बारे में शनिवार को यहां यूनीवातार् को बताया कि सभी निजी स्कूलों से कहा गया है कि प्रत्येक दिन नियमित रूप से लंबी अवधि तक ऑनलाइन कक्षायें नहीं ली जानी चाहिए क्योंकि इससे बच्चों के स्वास्थ्य पर खराब असर पड़ सकता है।”


उन्होंने कहा कि स्कूलों को पैरेंट्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श कर ऑनलाइन, इंटेरेक्टिव क्लासेज के लिए एक कार्यक्रम तैयार करने के लिए कहा गया है। निदेशक ने कहा कि सभी निजी स्कूलों को सुविधाओं की उपलब्धों के अनुसार वैकल्पिक माध्यमों से अपने छात्रों को शिक्षा प्रदान करने के लिए तंत्र विकसित करने होंगे और इसे अपने वेबसाइटों पर अपलोड करने के साथ-साथ निदेशालय के साथ साझा भी करने होंगे।


उन्होंने कहा, “लॉकडाउन के मद्देनजर, ऑनलाइन एवं डिस्टेंस शिक्षा को जारी रखते हुये महत्वपूर्ण पहलुओं को ध्यान में रखते हुये निजी स्कूलों के साथ-साथ स्कूली छात्रों के माता-पिता के लिए परामर्श जारी करने की जरूरत महसूस हुई।” निदेशक ने कहा कि किसी भी शैक्षिक बोर्ड से संबंद्ध निजी स्कूलों को ऐसे छात्रों की सूची तैयार करनी होगी जिनके पास स्मार्ट फोन या लैपटॉप के जरिये इंटरनेट की पहुंच है और जो जिनके पास ये सुविधाएं नहीं है लेकिन उनके घरों में टेलीविजन है। 
उन्होंने कहा, “स्कूलों से ऐसे छात्रों के आंकड़े तैयार करने के लिए कहा गया है जिनके पास इंटरनेट और टीवी की सुविधा नहीं है एवं उनके पास केवल साधारण फोन है या किसी तरह का कोई फोन भी नहीं है।” सुश्री गुप्ता ने कहा कि स्कूलों से हड़बड़ी में पाठ्यक्रम पूरा करने पर ध्यान न देने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा, “सरकार संबंधित बोडोर्ं के साथ विचार-विमर्श कर शैक्षिक कैलेंडर में संशोधन के संबंध में निर्णय लेने के लिए तैयार है और इस पर बाद में विचार किया जा सकता है।”
निदेशक ने कहा कि सभी निजी स्कूलों को बड़ी संख्या में वीडियो भेजकर और सोशल मीडिया के माध्यम से लंबी अवधि तक कक्षायें लेकर पाठ्यक्रम पूरा करने की जल्दबाजी नहीं करने की सलाह दी गई है एवं बच्चों से सीमित संख्या में वीडियो देखने और विषयों को अच्छे से समझने की कोशिश करने के लिए कहा गया है। 
उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने क्लास के व्हाट्सऐप ग्रुप में विषयों को लिखकर पूछने के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए और संबंधित शिक्षकों को इसे अच्छी तरह समझानी चाहिए। 

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  • Web Title:Jammu Board Long-term online classroom affects childrens health