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हिंदी न्यूज़ करियरक्या जामिया मिलिया इस्लामिया ने नहीं दिया सिलेक्ट हुए उम्मीदवारों को PhD में दाखिला? जानें- सच

क्या जामिया मिलिया इस्लामिया ने नहीं दिया सिलेक्ट हुए उम्मीदवारों को PhD में दाखिला? जानें- सच

Jamia Millia Islamia : जामिया मिलिया इस्लामिया में कई छात्रों को कथित तौर पर चयनित उम्मीदवारों की लिस्ट में उनके नाम का होने के बावजूद पर्यवेक्षकों की अनुपलब्धता का हवाला देते हुए विभिन्न पीएचडी कार्य

क्या जामिया मिलिया इस्लामिया ने नहीं दिया सिलेक्ट हुए उम्मीदवारों को PhD में दाखिला? जानें- सच
Priyanka Sharmaलाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीSat, 24 Sep 2022 10:52 PM

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Jamia Millia Islamia : जामिया मिलिया इस्लामिया में कई छात्रों को कथित तौर पर चयनित उम्मीदवारों की लिस्ट में उनके नाम का होने के बावजूद पर्यवेक्षकों की अनुपलब्धता का हवाला देते हुए विभिन्न पीएचडी कार्यक्रमों में प्रवेश से वंचित कर दिया गया है। हालांकि, प्रशासन ने दावा किया है कि किसी भी छात्र को प्रवेश से वंचित नहीं किया गया है और "फाइल लिस्ट" में उल्लिखित प्रत्येक नाम को एक सीट आवंटित की गई थी।

छात्रों ने दावा किया है कि सभी कार्यक्रमों  में लगभग 80 पीएचडी उम्मीदवार हैं, जिन्हें सभी डॉक्यूमेंट्स और क्लियरिंग रिटेन के साथ-साथ इंटरव्यू राउंड के बावजूद "रिजेक्ट" किया गया है।

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छात्रों ने कहा कि उनके नाम पीएचडी कार्यक्रमों के लिए चयनित उम्मीदवारों की लिस्ट में दिखाई दिए, जो अभी भी वेबसाइट पर है। हालांकि, जब वे अपने सम्मानित डीन के दफ्तर पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि उनका चयन नहीं हुआ है।

नाम न जाहिर करने की शर्त पर एक पीएचडी छात्र ने कहा, "हमारा पूरा साल बर्बाद हो गया। लिस्ट देखते ही हममें से कई लोगों ने अपनी नौकरी छोड़ दी। अब हम अधिकारियों का दरवाजा खटखटा रहे हैं। वे हमारी बात नहीं सुन रहे हैं।"

26 वर्षीय छात्र विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग से पीएचडी करना चाहता है। उम्मीदवार ने राजस्थान में अपनी फुलटाइम नौकरी छोड़ दी और दिल्ली चले गए जब उन्हें पता चला कि उन्हें जामिया मिलिया इस्लामिया में पीएचडी कार्यक्रम के लिए चुना गया है।

छात्र ने कहा, "कोविड के कारण प्रवेश पहले ही देर से आयोजित किया गया था। अब उन्होंने बिना किसी उचित कारण के अचानक हमें प्रवेश देने से इनकार कर दिया। उन्होंने हमें बताया कि हमारे विषय के लिए कोई पर्यवेक्षक उपलब्ध नहीं हैं, लेकिन इंटरव्यू राउंड से पहले, हमें अपना शोध सारांश प्रस्ताव (research synopsis proposal) प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था।  वे हमारे विषयों को पहले से जानते थे लेकिन फिर हमें क्यों चुना गया?"

इस बीच, प्रशासन ने कहा कि जिन सूचियों के आधार पर छात्र दावा कर रहे हैं, वे "प्रोविजनल" थीं और फाइनल लिस्ट के आधार पर प्रवेश दिए गए थे।

न्यूज एजेंसी पीटीआई ने भूगोल विभाग में पीएचडी कार्यक्रम के लिए चयनित उम्मीदवारों की "फाइनल लिस्ट" के लिए आधिकारिक वेबसाइट की जांच की, लेकिन इसमें कोई भी नहीं था। इसमें केवल 11 अगस्त को "चयनित उम्मीदवारों" की एक लिस्ट है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि 20 छात्रों को "अस्थायी रूप से" चुना गया है।

नोटिस में उल्लेख किया गया है कि छात्रों के पास 24 से 26 अगस्त तक डॉक्यूंमेंट्स जमा करने के लिए तीन दिन का समय है। "भूगोल विभाग में पीएचडी कार्यक्रम में प्रवेश के लिए निम्नलिखित उम्मीदवारों को अस्थायी रूप से चुना गया है।

 

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