Independence Day 2022 Speech: 15 अगस्त को स्कूल में स्पीच देने के लिए यहां है स्पीच आइडिया और स्पीच

Aug 04, 2022 02:21 pm ISTAnuradha Pandey लाइव हिन्दुस्तान टीम, नई दिल्ली
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इस साल हम आजादी के 75 साल अमृत महोत्सव के रूप में मना रहे हैं। हर साल की तरह इस साल भी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पर तिरंगा झंडा फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इस राष्ट्रीय पर्व

Independence Day 2022 Speech: 15 अगस्त को स्कूल में स्पीच देने के लिए यहां है स्पीच आइडिया और स्पीच

इस साल हम आजादी के 75 साल अमृत महोत्सव के रूप में मना रहे हैं। हर साल की तरह इस साल भी देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पर तिरंगा झंडा फहराएंगे और राष्ट्र को संबोधित करेंगे। इस राष्ट्रीय पर्व को हर हिन्दुस्तानी पूरी शिद्दत से मनाता है। स्कूल, कॉलेजों में वाद-विवाद प्रतियोगिता, भाषण प्रतियोगिता, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। अगर आप भी इस स्वतंभता दिवस पर भाषण प्रतियोगिता में हिस्सा लेना चाहते हैं तो हम आपके लिए भाषण आइडिया से लेकर 1 मिनट में पढ़ी जाने वाली स्पीच भी लाए हैं, जिसे पढ़कर आप प्रतियोगिता में सभी का दिल जीत सकते हैं।

भाषण के शुरू में सबसे पहले अपना इंट्रोडक्शन दें और फिर भाषण शुरू करें आखिर में जय हिंद बोलना न भूलें।

'ऐ मेरे वतन के लोगों ज़रा आंख में भर लो पानी' जो शहीद हुए हैं उनकी ज़रा याद करो क़र्बानी' लता जी का खाया हुआ ये गाना आज भी करोड़ों हिन्दुस्तानियों के शरीर में रौंगटे खड़े कर देता है। महात्मा गांधी, भगत सिंह, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ.राजेंद्र प्रसाद, मौलाना अबुल कलाम आजाद, सुखदेव, गोपाल कृष्ण गोखले, लाला लाजपत राय, लोकमान्य बालगंगाधर तिलक, चंद्र शेखर आजाद ऐसे ही नाम हैं, जिनके बलिदान के कारण ही आज हम आजाद भारत में जी रहे हैं। 15 अगस्त के ही जिन 1947 को भारत ब्रिटिश शासन से आजाद हुए थे।  हर साल देश के प्रधानमंत्री लाल किले पर तिरंगा झंडा फहराते हैं और राष्ट्रगान के बाद देश को संबोधित करते हैं। भाषण के बाद भारत के स्वतंत्रता सैनानियों को 21 तौपों की सलामी दी जाती है। 15 अगस्त 1947 को पहली बार देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने लाल किले पर तिरंगा झंडा फहराया था। उन्होंने वहां से भाषण भी दिया था, उस दिन से लगातार हर साल 15 अगस्त के दिन देश के पीएम लाल किले पर झंडा फहराते हैं और भाषण देते हैं। आपने भाषण के अंत में आज में देश के उन सभी वीर सपूतों को नमन करना चाहता हूं, जिन्होंने देश की रक्षा और स्वतंत्रता के लिए हंसते-हंसते अपने प्राणों का बलिदान दे दिया।
जय हिंद

Anuradha Pandey

लेखक के बारे में

Anuradha Pandey

शार्ट बायो

अनुराधा पांडेय पिछले 16 सालों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में एस्ट्रोलॉजी और करियर टीम का नेतृत्व कर रही हैं।


परिचय और अनुभव

अनुराधा पांडे पत्रकारिता जगत का एक अनुभवी चेहरा हैं, जिन्हें मीडिया में 16 वर्षों का व्यापक अनुभव है। वर्तमान में वह 'लाइव हिन्दुस्तान' (हिन्दुस्तान टाइम्स ग्रुप) में असिस्टेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं और संस्थान के एस्ट्रोलॉजी और करियर सेक्शन की इंचार्ज हैं। अनुराधा पिछले 10 सालों से लाइव हिन्दुस्तान के एस्ट्रोलॉजी सेक्शन में लिख रही हैं। डिजिटल पत्रकारिता के दौर में उन्होंने धर्म जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपनी लेखनी से करोड़ों पाठकों का भरोसा जीता है। उनके पास खबरों को न केवल प्रस्तुत करने, बल्कि सरल जानकारी, संतुलित सलाह, भरोसेमंद और विश्लेषणात्मक कंटेंट देने का लंबा अनुभव है। वह शिव महापुराण, नारद पुराण, पद्म पुराण और कई अन्य शास्त्रों के जटिल तथ्यों को अपने शब्दों में लिखकर पाठकों तक पहुंचाती हैं।


शैक्षणिक योग्यता और पेशेवर सफर

अनुराधा ने अपने करियर की शुरुआत साल 2010 में आज समाज अखबार से की। इसके बाद उन्होंने 'आज तक' (Aaj Tak) में एजुकेशन सेक्शन में तीन साल तक अपनी सेवाएं दीं। साल 2015 से वह लाइव हिन्दुस्तान से जुड़ी हैं और एस्ट्रोलॉजी सेक्शन का नेतृत्व कर रही हैं। उनका गहरा अनुभव उन्हें जटिल विषयों पर सरल और प्रभावी ढंग से लिखने में सक्षम बनाता है। उन्होंने देश के प्रतिष्ठित संस्थान भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया है। इसके साथ ही दिल्ली विश्वविद्यालय से ग्रेजुएशन, सीसीएसयू से एम.कॉम और कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी से मास कम्युनिकेशन एवं मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है।


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