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हिंदी न्यूज़ करियरIIT Patna Convocation 2022: आईआईटी का 9वां दीक्षांत समारोह बुधवार को, 521 छात्रों को दी जाएगी डिग्री

IIT Patna Convocation 2022: आईआईटी का 9वां दीक्षांत समारोह बुधवार को, 521 छात्रों को दी जाएगी डिग्री

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना का नौवां दीक्षांत समारोह बुधवार को होगा। संस्थान की ओर से दीक्षांत समारोह की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। दीक्षांत समारोह सुबह साढ़े दस बजे कैंपस में ही होना

IIT Patna Convocation 2022: आईआईटी का 9वां दीक्षांत समारोह बुधवार को, 521 छात्रों को दी जाएगी डिग्री
Alakha Singhवरीय संवाददाता,पटनाMon, 05 Dec 2022 09:37 PM
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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) पटना का नौवां दीक्षांत समारोह बुधवार को होगा। संस्थान की ओर से दीक्षांत समारोह की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। दीक्षांत समारोह सुबह साढ़े दस बजे कैंपस में ही होना है। समारोह में कुल 521 छात्रों को डिग्री दी जाएगी।

521 छात्रों में से कुल 422 पुरुष और 99 महिला छात्रों को विभिन्न कार्यक्रमों में डिग्री दी जाएगी। जिसमें बीटेक, एमएससी, एमटेक और पीएचडी शामिल हैं। इसमें बीटेक के 242, एमएससी के 64, एमटेक के 113 और पीएचडी के 102 छात्रों को डिग्री प्रदान की जाएगी। समारोह में अलग-अलग ब्रांच के ओवरऑल चार रैंकर्स को गोल्ड मेडल दिया जाएगा। इन्हें प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया गोल्ड मेडल दिया जाएगा। वहीं, बीटेक पांच ब्रांच के टॉपर को संस्थान सिल्वर मेडल दिया जाएगा। एमटेक के नौ और एमएससी के तीन टॉपर को सिल्वर मेडल दिया जाएगा। समारोह में मुख्य अतिथि ऐड्वर्ब टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के अध्यक्ष जलज ए. दानी होंगे।

विशिष्ट अतिथि डॉ. जी सतीश रेड्डी, रक्षा मंत्री के वैज्ञानिक सलाहकार और डॉ. आनंद देशपांडे, अध्यक्ष बोर्ड ऑफ गवर्नर्स, आईआईटी पटना, बोर्ड के सदस्य और आईआईटी पटना के सीनेट सदस्य द्वारा अनुग्रहित किया जाएगा। मुख्य अतिथि जलज ए. दानी, भारत की सबसे बड़ी रोबोटिक्स कंपनी ऐड्वर्ब टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के अध्यक्ष और बोर्ड सदस्य हैं, जो वेयरहाउस ऑटोमेशन और रोबोटिक्स और एंड्योरएयर टेक्नोलॉजी पर केंद्रित है, जो अत्याधुनिक मानव रहित हवाई वाहन पर केंद्रित हैं।

आईआईटी पटना के निदेशक प्रो. टीएन सिंह ने बताया कि इंजीनियरिंग, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान की विभिन्न शाखाओं में डिग्री प्रदान की जाएगी, जिसमें सिविल और पर्यावरण इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, गणित, भौतिकी, रसायन विज्ञान, केमिकल एण्ड बायोकेमिकल इंजीनियरिंग, मानविकी और सामाजिक विज्ञान, मेटलरजिकल एण्ड मटेरियल्स इंजीनियरिंग, मैथमैटिक्स एण्ड कंप्यूटिंग और मेकाट्रोनिक्स शामिल हैं। दीक्षांत समारोह के प्रभारी प्रोफेसर मनबेंद्र पाठक, दीक्षांत समारोह के प्रभारी एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. बच्चू अनिलकुमार, डीन एकेडमिक प्रो. ए के ठाकुर और प्रोफेसर-इन-चार्ज आउटरीच डॉ. नीलाद्रि दास हैं।

छात्र मंगलवार से दीक्षांत समारोह के लिए पहुंचेंगे। जहां वे 7 दिसंबर को दीक्षांत समारोह को सफल बनाने के लिए विभिन्न प्री-रिहर्सल गतिविधियों में भाग लेंगे। दीक्षांत समारोह के लिए लड़कों के लिए सफेद रंग का पायजामा कुर्ता और लड़कियों के लिए सफेद रंग का सलवार सूट/साड़ी रखा गया है। लगभग 265 छात्र व्यक्तिगत रूप से डिग्री प्राप्त करेंगे जबकि बाकी डिग्री डाक द्वारा भेजी जाएंगी।

निदेशक ने बताया कि इंडिया टुडे समूह द्वारा हाल ही में जारी एमडीआरए सर्वेक्षण 2022 में, आईआईटी पटना सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में 10वें स्थान पर, प्लेसमेंट रिकॉर्ड वाले सरकारी कॉलेजों में 9वें और उभरते सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेजों में दूसरे स्थान पर है। एनआईआरएफ एमओई द्वारा भारत रैंकिंग 2021 और 2022 में, आईआईटी पटना देश के इंजीनियरिंग संस्थानों में क्रमशः 21वें और 33वें स्थान पर है और समग्र रैंकिंग के लिए क्रमशः 51वें और 59वें स्थान पर है।

ये पुरस्कार भी दिए जाएंगे
- प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया गोल्ड मेडल : प्रेसिडेंट ऑफ इंडिया गोल्ड मेडल निवर्तमान स्नातक (अर्थात बी.टेक/बीएस) के एक बैच के छात्र को दिया जाता है, जो सभी यूजी शाखाओं में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर होता है, जिसे 8वें सेमेस्टर के अंत में उच्चतम सीपीआई के संदर्भ में मापा जाता है।
डायरेक्टर गोल्ड मेडल : डायरेक्टर गोल्ड मेडल प्रत्येक वर्ष एक निवर्तमान स्नातक (अर्थात बी.टेक/बीएस) छात्र को समग्र अकादमिक प्रदर्शन के आधार पर प्रदान किया जाता है, साथ ही संस्थान की गतिविधियों में सकारात्मक योगदान के साथ-साथ अकादमिक, कैंपस जीवन, सामाजिक सेवाएं और साक्ष्य शामिल हैं।
चेयरमैन गोल्ड मेडल : चेयरमैन गोल्ड मेडल केवल सभी पीजी शाखाओं में उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर बैच के एक निवर्तमान स्नातकोत्तर (यानी एमटेक/एमएस) छात्र को दिया जाता है, जिसे सत्र के चौथे सेमेस्टर के अंत में उच्चतम सीपीआई के संदर्भ में मापा जाता है।
आर्यभट्ट गोल्ड मेडल : आर्यभट्ट गोल्ड मेडल साइंस स्ट्रीम में एक आउटगोइंग पोस्ट ग्रेजुएट (यानी एमएससी) छात्र को दिया जाता है, जो पूरी तरह से विज्ञान स्ट्रीम में सभी पीजी शाखाओं में उत्कृष्ट अकादमिक प्रदर्शन के आधार पर होता है, जिसे चौथे सेमेस्टर के अंत में उच्चतम सीपीआई के रूप में मापा जाता है।
इंस्टीट्यूट सिल्वर मेडल : इंस्टीट्यूट सिल्वर मेडल की स्थापना स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर (बी. टेक/बीएस/एमटेक/एमएससी) पर अध्ययन की हर शाखा में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए की गई है।
इंस्टीट्यूट प्रोफेसिएनसी प्राइज : यूजी/पीजी डिग्री (यानी बी.टेक/बीएस/एम.टेक) पुरस्कार के लिए अच्छी गुणवत्ता वाले अनुसंधान परियोजना कार्य (सर्वश्रेष्ठ परियोजना- बीटीपी/एमटीपी) को प्रोत्साहित करने के लिए 5,000 रुपए का पुरस्कार दिया जाता है। विभागीय मूल्यांकन समिति की सिफारिश और दिए गए ग्रेड के आधार पर प्रत्येक यूजी/पीजी कार्यक्रम (यानी बी.टेक/बीएस/एम.टेक) में योग्यता के क्रम में सर्वश्रेष्ठ परियोजना कार्य के लिए 5,000 रुपये का पुरस्कार दिया जाता है।

श्री केदार नाथ दास मेमोरियल अवॉर्ड : यह अवॉर्ड शैक्षणिक, अनुसंधान (प्रकाशन, ऊष्मायन, परियोजना), कैम्पस जीवन, सामाजिक सेवाओं सहित संस्थान गतिविधि में सकारात्मक योगदान व उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के मामले में दिया जाता है। इसमें कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग में एक निवर्तमान बी.टेक छात्र को 10,000 रुपए दिए जाते हैं।
प्रो. दिब्येंदु मुखर्जी पुरस्कार : प्रोफेसर दिब्येंदु मुखर्जी द्वारा विशेष रूप से रसायन और जैव रासायनिक इंजीनियरिंग (सीबीई) में उत्कृष्ट बीटेक परियोजना अनुसंधान के लिए एक पुरस्कार की स्थापना की गई थी। केमिकल और बायोकेमिकल इंजीनियरिंग में बी.टेक के लिए योग्यता क्रम में दो सर्वश्रेष्ठ परियोजना कार्य के लिए नकद पुरस्कार दिया जाता है। विभागीय मूल्यांकन समिति की संस्तुति एवं ग्रेड दिये जाने के आधार पर मेरिट के क्रम में 20000 एवं 10000 की राशि दी जाती है।