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30 मार्च, 2021|6:21|IST

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साइबर सुरक्षा हैकथान 2020 में आईआईटी दिल्ली की टीम विजेता

hackathon

साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने के इरादे से भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर द्वारा आयोजित साइबर सुरक्षा हैकथान में पहला पुरस्कार आईआईटी दिल्ली से टीम बाइट ने अपने नाम किया।

करीब 45 दिनों तक चलने वाले इस इवेंट की वेबसाइट पर 50,000 से अधिक मेहमानों ने हिस्सा लिया। हैकथॉन के दौरान आयोजित पांच वेबिनार और कार्यशालाओं में 500 से अधिक की औसत उपस्थिति थी। हैकथान में 2100 से अधिक कॉलेजों और भारत समेत 12 देशों के 12,500 छात्रों, पेशेवरों और स्टार्टअप ने हिस्सा लिया। 

स्वतंत्रता दिवस की शाम एचसीएल हैक आईआईटीके 2020 का पुरस्कार समारोह आयोजित किया गया जिसमें दूसरा पुरस्कार ढाका विश्वविद्यालय से टीमडीयूट्ठएपोफिस और तीसरा पुरस्कार आईआईटी दिल्ली से टीम सारानी ने जीता। इस हैकथान के मुख्य अतिथि आईआईटी कानपुर के उप निदेशक प्रो गणेश मुख्य अतिथि थे जबकि डॉ सौरभ श्रीवास्तव उद्यमी, एंजेल इन्वेस्टर, ज्यूरी के वीसी और अध्यक्ष ने समारोह की अध्यक्षता की।

प्रो संदीप शुक्ला, संयुक्त समन्वयक सी थ्री आई हब आईआईटीके ने बताया 'हैकथॉन के साथ हमने 'आत्मनिर्भर भारत' बनाने का एक आह्वान भी किया है, जहां संभावित रूप से न केवल फिनटेक स्टार्ट-अप से स्थानांतरित होने का अवसर है, बल्कि भारत में साइबर सिक्योरिटी के क्षेत्र, जो कि अभी व्यापक दृष्टि से उभरता हुआ क्षेत्र है जिसमें हमारे पहले कुछ स्टार्टअप ने अच्छा प्रदर्शन किया है, लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है।'  

उन्होने बताया कि इस हैकथॉन को आईआईटीके सीथ्रीआई हब में प्रोफेसरों द्वारा डिजाइन किया गया था। भाग लेने वाली टीमों के पास किसी दिए गए व्यावहारिक समस्या के लिए मजबूत साइबर रक्षा समाधानों की पहचान, निर्माण और परीक्षण करने का अवसर था। इस प्रक्रिया में उन्हे आईआईटी कानपुर सीथ्रीआई हब के प्रख्यात संकाय द्वारा सलाह प्राप्त करने का अवसर मिला था।  

साइबर सुरक्षा पर आईआईटी कानपुर सीथ्रीआई हैकथॉन एक अभूतपूर्व सफलता रही है। 45 दिनों तक चलने वाले इस इवेंट की वेबसाइट पर 50,000 से अधिक आगंतुक थे और हैकथॉन के के दौरान आयोजित की किये गए पांच वेबिनार और कार्यशालाओं में 500 से अधिक की औसत उपस्थिति थी। इस कार्यक्रम ने 2100 से अधिक कॉलेजों और 12 देशों के 12,500 पंजीकरण के साथ छात्रों, पेशेवरों और स्टार्टअप को आकर्षित किया। यह हैकाथॉन इस मायने में अनूठा था कि इसने प्रतिभागियों को साइबर हमलों के खिलाफ समाधान बनाने के लिए कहा गया। 

प्रतियोगिता बहुत ही जटिल थी जिसमें टूल्स बनाने के लिए टीमों ने वास्तव में कड़ी मेहनत की। प्रोफेसर संदीप शुक्ला द्वारा टीमों को प्रदान की गयी सलाह बहुत ही उत्कृष्ट थी जिसे  बहुत सराहा गया, प्रतियोगिता के अलावा यह हैकाथॉन इस क्षेत्र में इच्छुक प्रतिभागियों के लिए सीखने का एक शानदार अनुभव था।

 प्रो गणेश ने एचसीएल हैक आईआईटीके 2020 की अभूतपूर्व सफलता के लिए आयोजन समिति को बधाई दी, जो उद्योग प्रायोजकों, संरक्षकों , नॉलेज पार्टनर्स, ज्यूरी सदस्यों और प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी के बिना संभव नहीं थी। उन्होंने कहा कि इस हैकथॉन से साइबर हमलों के खिलाफ योद्धा पैदा करने में मदद मिलेगी।

सीथ्रीआई के निदेशक प्रो मनिंद्र अग्रवाल ने बताया कि सीथ्रीआई केंद्र अब सीथ्रीआई हब बन गया है, जो साइबर सुरक्षा और साइबर भौतिक प्रणाली की साइबर सुरक्षा पर दुनिया के अग्रणी अनुसंधान केंद्रों में से एक है। उन्होंने कहा कि सीथ्रीआई में अनुसंधान, शिक्षा, प्रशिक्षण करना और महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे की सुरक्षा के लिए तकनीकी सुरक्षित गार्ड बनाने के लिए स्टार्टअप शुरू करना है।

डॉ सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि 'मैं न केवल विजेताओं बल्कि आप सभी को बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने प्रतिस्पधार् की। मैं निवेदन करता हूं कि आप अपनी विशेषज्ञता बढ़ाते रहें और भारत को विश्व मानचित्र पर एक ऐसे देश के रूप में रखें, जिसे साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अग्रणी गिना जाए।'
 

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  • Web Title:IIT Delhi Team becomes Winner in Cyber Security Hackathon 2020