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18 अप्रैल, 2021|5:18|IST

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आईआईटी ने 10 साल में एक अरब लोगों की मदद का लक्ष्य रखा

iit delhi

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली ने अपने हीरक जयंती वर्ष के अवसर पर अगले 10 साल का खाका प्रस्तुत किया। एक ऑनलाइन कार्यक्रम में संस्थान का रणनीतिक दस्तावेज (स्ट्रैटजी डाक्यूमेंट्स) और हीरक जयंती वर्ष का शुभंकर उपराष्ट्रपति और केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोरखरियाल निशंक ने जारी किया।
आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रो. राम गोपाल राव ने बताया कि हम अगले 10 साल में एक अरब लोगों के जीवन को छूना चाहते हैं। उनके जीवन को और बेहतर बनाना चाहते हैं। इसके लिए पांच महत्वपूर्ण बिंदु पर हमें काम करना है। 

ये पांच बिंदु बेहतर शोध के लिए अनुसंधान, शैक्षिक, अनुभवपरक और रोजगार में वृद्धि, चुनिंदा प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में वैश्विक प्रतिस्पर्धा प्राप्त करना, एंटरप्रेन्योरशिप और वैश्विक जगत में नेतृत्व तथा देश व समाज की सेवा में योगदान देना है। इसके लिए सुदृढ़ शिक्षण और अनुसंधान, प्रौद्योगिकी में निवेश चुनिंदा क्षेत्रों में नेतृत्व, उद्योग जगत में सुधार, एक विश्व स्तर पर स्थापित पूर्व छात्रों के लिए उद्यमशीलता केंद्र और संस्थान के पूर्व छात्रों व शिक्षकों को जोड़ना प्रमुख है।  

आईआईटी ग्रामीण भारत की समस्याओं का समाधान खोजें : नायडू
उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने आईआईटी दिल्ली के स्वर्ण जयंती समारोह के अवसर पर कहा कि आईआईटी संस्थानों को टिकाऊ प्रौद्योगिकी विकसित करके ग्रामीण अर्थव्यवस्था में जान फूंकने के लिए प्रमुख अनुसंधान कार्यक्रमों की शुरुआत करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि आईआईटी समेत अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में होने वाले अनुसंधान समाज के लिए प्रासंगिक होने चाहिए। इनका उद्देश्य जलवायु परिवर्तन से लेकर स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों तक मानव जाति के समक्ष पेश आ रही समस्याओं का समाधान खोजना होना चाहिए।

 दुनिया के श्रेष्ठ संस्थानों में भारतीय संस्थानों को तभी गिना जाएगा, जब वे समाज की समस्याओं का उत्कृष्ट समाधान देंगे। अनुसंधान का लक्ष्य लोगों के जीवन को सुगम बनाना, विकास को गति देना और अधिक समतामूलक विश्व व्यवस्था सुनिश्चित करना होना चाहिए। उप राष्ट्रपति ने कहा कि संस्थान केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि पौष्टिक एवं प्रोटीन से भरपूर खाद्यान्न के उत्पादन पर भी ध्यान दें।


 उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए प्रसन्नता हो रही है कि नई शिक्षा नीति भारत को शिक्षा के वैश्विक केंद्र के रूप में बढ़ावा देगी। उच्च स्तर की सस्ती शिक्षा उपलब्ध करवाएगी तथा विश्व गुरु की भूमिका में फिर से आने में भारत की मदद करेगी।

राष्ट्रीय चुनौती को पूरा करने में योगदान दे रहा संस्थान: निशंक 
केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि आईआईटी दिल्ली राष्ट्रीय चुनौती को पूरा करने में अपना योगदान दे रहा है। भारत में 40 लाख से अधिक पीपीई किट की आपूर्ति करने के लिए सबसे सस्ती आरटी-पीसीआर-आधारित कोविड-19 डायग्नोस्टिक किट बनाकर उल्लेखनीय कार्य किया है।  उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकर खुशी हुई कि संस्थान ने  500 ​​से अधिक पेटेंट दायर किए गए हैं और पिछले 5 वर्षों में छात्रों को 10,000 से अधिक शोध प्रकाशित करने के अलावा कई नवोन्मेषी कार्य किए हैं। 

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  • Web Title:IIT delhi aims to help one billion people in 10 years