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हिंदी न्यूज़ करियरडिस्टेंस एजुकेशन नियम उल्लंघन मामले में IGNOU और PTU के पूर्व कुलपति को क्लीन चिट

डिस्टेंस एजुकेशन नियम उल्लंघन मामले में IGNOU और PTU के पूर्व कुलपति को क्लीन चिट

दिल्ली की एक अदालत ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) और पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपतियों को नियमों का उल्लंघन कर पीटीयू को दूरस्थ शिक्षा पाठ्यक्रम चलाने की अनुमति देने

डिस्टेंस एजुकेशन नियम उल्लंघन मामले में IGNOU और PTU के पूर्व कुलपति को क्लीन चिट
Pankaj Vijayएजेंसी,नई दिल्लीTue, 06 Dec 2022 01:11 PM

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दिल्ली की एक अदालत ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) और पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपतियों को नियमों का उल्लंघन कर पीटीयू को दूरस्थ शिक्षा पाठ्यक्रम चलाने की अनुमति देने के आरोपों से मुक्त कर दिया है। विशेष न्यायाधीश नरेश कुमार लाका ने इग्नू के पूर्व कुलपति वी एन राजशेखरन, पंजाब तकनीकी विश्वविद्यालय (पीटीयू) के पूर्व कुलपति रजनीश अरोड़ा और पीटीयू के संयुक्त रजिस्ट्रार आर पी एस बेदी को राहत देते हुए कहा कि जांच एजेंसी आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत देने में विफल रही।
     
अदालत ने तीन दिसंबर के अपने आदेश में कहा, ''इस अदालत की सुविचारित राय है कि आरोपी व्यक्तियों, अर्थात् वी एन राजशेखरन, डॉ रजनीश अरोड़ा और आर पी एस बेदी के खिलाफ कथित अपराधों के मामले में आगे बढ़ने के लिए पर्याप्त आधार नहीं है। इसलिए, सभी आरोपी व्यक्तियों को इस मामले से आरोपमुक्त किया जाता है।''

सीबीआई ने आरोप लगाया था कि आरोपी ने बनी बनाई प्रक्रिया का उल्लंघन किया। साथ ही 10 मार्च, 2007 के समझौता ज्ञापन और यूजीसी (विश्वविद्यालय अनुदान आयोग) अधिनियम, एआईसीटीई (अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद) अधिनियम व इग्नू एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन किया। 2007 से शुरू होने वाले शैक्षणिक वर्ष के लिए पीटीयू में कुछ डिस्टेंस कोर्स शुरू करने के लिए मान्यता देने को लेकर कुछ जाली दस्तावेजों का भी इस्तेमाल किया गया।