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Hindi News करियरICSE Result 2024: करंट की वजह से खो दिया था सीधा हाथ, फिर भी मुंबई की अनामता ने ICSE में पाएं 92 फीसदी

ICSE Result 2024: करंट की वजह से खो दिया था सीधा हाथ, फिर भी मुंबई की अनामता ने ICSE में पाएं 92 फीसदी

ICSE Result 2024 मुबंई की 15 साल की अनामता अहमद के जज्बे को सभी को सलाम करना चाहिए, जिन्होंने इतने ट्रामा से गुजरने से बाद भी हिम्मत नहीं हारी और आईसीएसई परीक्षा मे में 92 फीसदी अंक हासिल किए

ICSE Result 2024: करंट की वजह से खो दिया था सीधा हाथ, फिर भी मुंबई की अनामता ने ICSE में पाएं 92 फीसदी
Anuradha Pandeyलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीTue, 07 May 2024 07:21 AM
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मुबंई की 15 साल की अनामता अहमद के जज्बे को सभी को सलाम करना चाहिए, जिन्होंने इतने ट्रामा से गुजरने से बाद भी हिम्मत नहीं हारी और काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन की आईसीएसई परीक्षा में 92 फीसदी अंक हासिल किए। आपको बता दें कि काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट एग्जामिनेशन (सीआईएससीई) ने बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम सोमवार को घोषित किया।  अनामता अहमद को अपना सीधा हाथ एक इलेक्ट्रिक शॉक लगने के कारण खोना पड़ा, लेकिन हिम्मत खोने के बजाए अनामता अपने मजबूत इरादों के साथ आगे बढ़ीं और अब दसवीं क्लास में उन्होंने बेस्ट फाइव में 92 फीसदी स्कोर किया है। यही नहीं अपने स्कूल में उन्होंने हिंदी में 98 फीसदी के साथ टॉप किया है। 

क्या हुआ था अनामता अहमद के साथ
अनामता अपने कजन के यहां अलीगढ़ गई हुई थी, जहां खेलते वक्त  11 केवी केबल से करंट लगने के कारण उसकी सीधा हाथ का काटना पड़ा। वहीं उल्टा हाथ ही बचा, वो भी बस 20 फीसदी ही काम करहा था। उसे बिस्तर पर कम से कम 50 दिन तक रहना पड़ा, इसके बाद डॉक्टरों ने सुझाव दिया कि अनामता को कम से कम एक साल के लिए पढ़ाई से ब्रैक लेना चाहिए। इस पर अनामता कहती हैं कि वो घर में बैठना नहीं चाहती थी।  उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया वेबसाइट को दिए एक इंटरव्यू में बताया कि अस्पताल से घर आने के बाद पहली बात जो मेरे दिमाग में आई वो थी कि मेरा उल्टा हाथ अच्छे से काम कर रहा छा, इसिलए मैंने हिम्मत नहीं हारी और कुछ महीने लगे मैं अपने एक हाथ से लिखना मैनेज करने लगी। आपको बता दें कि अनामता मुबंई, अंधेरी के सिटी इंटरनेशनल स्कूल की स्टूडेंट हैं।

लड़कियों का प्रदर्शन अच्छा
इस साल लड़कियों का प्रदर्शन अच्छा रहा। 10वीं (आईसीएसई) में 99.31 फीसदी छात्र और 99.65 फीसदी छात्राएं पास हुईं। वहीं, 12वीं (आईएससी) में 97.53 फीसदी छात्र और 98.92 फीसदी छात्राएं उत्तीर्ण हुईं। 99.47 विद्यार्थियों ने 10वीं और 98.19 ने 12वीं कक्षा उत्तीर्ण की। कक्षा 10 का रिकॉर्ड अब तक का सबसे अधिक है। पिछले साल 98.94 छात्र उत्तीर्ण हुए थे, जबकि 12वीं में यह संख्या 96.93 फीसदी थी।

60 विषयों में आयोजित हुई कक्षा दस की परीक्षा
कक्षा 10 की परीक्षा 60 विषयों में आयोजित की गई थी। इनमें से 20 भारतीय, 13 विदेशी और एक शास्त्रत्त्ीय भाषा थी। यह परीक्षाएं 21 फरवरी से लेकर 28 मार्च तक हुईं थीं। वहीं, कक्षा 12 की परीक्षा 47 विषयों में आयोजित की गई थी। इनमें से 12 भारतीय, चार विदेशी और दो शास्त्रत्त्ीय भाषाएं थीं। यह 12 फरवरी से शुरू होकर चार अप्रैल तक चली थी।

सिंगापुर में बेहतर प्रदर्शन
10वीं कक्षा में विदेश में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्कूल इंडोनेशिया, सिंगापुर और दुबई के हैं, जिनका उत्तीर्ण प्रतिशत 100 प्रतिशत है। 12वीं कक्षा में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले स्कूल सिंगापुर और दुबई के हैं।

बोर्ड ने मेरिट लिस्ट जारी नहीं की
सीआईएससीई ने इस वर्ष से 10वीं और 12वीं कक्षाओं के लिए मेरिट लिस्ट नहीं निकालने की घोषणा की है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। इससे पहले सीबीएसई यह पहल कर चुकी है। सीआईएससीई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं सचिव जोसेफ इमैनुएल ने बताया कि हमने इस वर्ष से बोर्ड परीक्षाओं के लिए मेरिट लिस्ट जारी करना बंद कर दिया है। इस कदम का मकसद विद्यार्थियों के बीच अव्यावहारिक होड़ को रोकना है।

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