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IPS मनोज शर्मा जैसी है IAS अधिकारी की कहानी, हुईं थी 10वीं-12वीं में में फेल, फिर पहले अटेम्प्ट में क्लियर किया था UPSC

आज हम आपको IAS अंजू शर्मा के बारे में बताने जा रहे हैं, जो स्कूल के दिनों में फेल हो गई थी। उनकी कहानी भी IPS मनोज शर्मा की तरह है। बता दें, उन्होंने पहले ही प्रयास में UPSC की परीक्षा पास की थी।

IPS मनोज शर्मा जैसी है IAS अधिकारी की कहानी, हुईं थी 10वीं-12वीं में में फेल, फिर पहले अटेम्प्ट में क्लियर किया था UPSC
Priyanka Sharmaलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीSat, 20 Jan 2024 09:51 PM
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UPSC success story: अपने लक्ष्य के रास्ते में मिलने वाली असफलताएं अक्सर कई महत्वपूर्ण सबक सिखाती है, जो उम्मीदवार इस बात को समझ लेते हैं, वह कभी भी हार नहीं मानते। यूपीएससी की परीक्षा मुश्किल होती है, जिसमें कई बार सफलता देखने को मिलती तो कई बार असफलता। आज हम आपको आईएएस अंजू शर्मा के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने 22 साल की उम्र में और अपने पहले प्रयास में UPSC की परीक्षा को पास कर लिया था।

आईएएस अधिकारी अंजू शर्मा की कहानी उन लोगों के लिए प्रेरक कहानी साबित हो सकती है, जो फेल हो जाने के बाद अपनी काबिलियत पर शक करते हैं। बता दें, IAS अंजू शर्मा  10वीं कक्षा में केमिस्ट्री के प्री-बोर्ड और 12वीं कक्षा में इकोनॉमिक्स के पेपर में फेल हो गईं। इन दो सब्जेक्ट्स को छोड़कर, उन्होंने अन्य सभी सब्जेक्ट्स को पास कर लिया था। अगर कोई बच्चा किसी परीक्षा में फेल हो जाता है, तो माना जाता है कि वह पढ़ाई में कमजोर हैं और भविष्य में कुछ नहीं कर पाएगा, लेकिन अंजू शर्मा IAS अधिकारी बनकर उन सभी को गलत साबित कर दिया।

जब फेल होने पर मिली सीख

अपनी असफलताओं के बारे में पूछे जाने पर वह केवल एक ही बात कहती हैं कि लोग आपको सफलता के लिए तैयार करते हैं लेकिन कोई भी आपको विफलता के लिए तैयार नहीं करता है। वह कहती हैं कि उन्हें याद है कि जिस दिन वह 12वीं कक्षा के इकोनॉमिक्स और कक्षा 10वीं के केमिस्ट्री के पेपर में फेल हो गई थी, उस दिन मैंने खुद को कैसे कोसा था।हालांकि अब वह अपने जीवन की इन असफलताओं को सीख के रूप में सोचती है जिसने उनके भविष्य को आकार दिया। क्योंकि इस दौरान मुझे पता चला कि कभी भी लास्ट मिनट की पढ़ाई पर निर्भर नहीं रहना चाहिए। जिसके बाद उन्होंने अपनी पढाई को काफी गंभीरता से लिया। स्कूल की पढ़ाई पूरी होने के बाद उन्होंने  जयपुर से ही बीएससी और एमबीए की पढ़ाई पूरी की थी और कॉलेज के दौरान गोल्ड मेडल भी जीता था।

कैसे की थी UPSC की तैयारी

यूपीएससी सिविल सर्विसेज की पढ़ाई के दौरान अंजू शर्मा ने भी यही रणनीति अपनाई। उन्होंने परीक्षा की तैयारी काफी पहले से ही शुरू कर दी थी। वह स्कूल की तरह लास्ट मिनट की तैयारी पर निर्भर नहीं रहना चाहती थी। इसलिए समय से पहले उन्होंने अपना सिलेबर पूरा कर लिया था।  बता दें, UPSC की परीक्षा से एक दिन से पहले वह खुद को स्वतंत्र महसूस कर रही थी। बता दें, अंजू ने 1991 में राजकोट के असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में अपना करियर शुरू किया था।

आपको बता दें, इन दिनों IPS ऑफिसर मनोज शर्मा की जीवन पर बनी फिल 12th फेल काफी चर्चा में है। मनोज शर्मा भी अपने स्कूल के दिनों में कक्षा 12वीं में फेल हो गए थे। जिसके बाद उन्होंने अपनी काबिलियत को परखा और UPSC की परीक्षा की तैयारी में जुट गए और आखिरकार परीक्षा पास करने में सफल रहे। इन अधिकारियों की कहानी दर्शाती है, कि हर छात्र के अंदर हुनर छिपा होता है। अगर कोई छात्र जीवन के किसी हिस्से में असफलता का सामना करना है तो इसका मतलब ये बिल्कुल नहीं है कि वह काबिल नहीं है।

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