ट्रेंडिंग न्यूज़

अगली खबर पढ़ने के लिए यहाँ टैप करें

हिंदी न्यूज़ करियरIAS कनिष्क कटारिया ने इन बातों को ध्यान में रखकर क्लियर किया था UPSC एग्जाम, आई थी 1st रैंक

IAS कनिष्क कटारिया ने इन बातों को ध्यान में रखकर क्लियर किया था UPSC एग्जाम, आई थी 1st रैंक

UPSC Success Story 2022: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को क्रैक करना लाखों उम्मीदवारों का सपना होता है। वहीं इसे पास करने के लिए दिन रात एक करने पड़ते हैं। आज हम आपको ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे ह

IAS कनिष्क कटारिया ने इन बातों को ध्यान में रखकर क्लियर किया था UPSC एग्जाम, आई थी  1st रैंक
Priyanka Sharmaलाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीFri, 02 Dec 2022 04:10 PM

इस खबर को सुनें

0:00
/
ऐप पर पढ़ें

UPSC Success Story 2022: यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को क्रैक करना लाखों उम्मीदवारों का सपना होता है। वहीं इसे पास करने के लिए दिन रात एक करने पड़ते हैं। आज हम आपको ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने पहले प्रयास में ही यूपीएससी जैसी कठिन परीक्षा पास कर IAS पद हासिल किया।

हम बात कर रहे हैं, यूपीएससी टॉपर कनिष्क कटारिया की। 2018 बैच के IAS कनिष्क ने अपने पहले UPSC प्रयास में AIR 1 हासिल की थी।

IAS कनिष्क कटारिया एक भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे के पूर्व छात्र भी हैं और उन्होंने IIT JEE में 44वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने 26 साल की उम्र में यूपीएससी क्लियर किया था। जिसमें पूरे देश में उनकी पहली रैंक आई थी। यूपीएससी परीक्षा में कनिष्क कटारिया ने कुल 2025 अंकों में से कुल 1121 अंक हासिल किए थे। वर्तमान में आईएएस कनिष्क कटारिया राजस्थान में तैनात हैं और एसडीओ, रामगंज मंडी, कोटा के पद पर तैनात हैं।

बता दें, IAS कनिष्क जयपुर, राजस्थान के मूल निवासी हैं। वह सिविल सेवकों के परिवार से आते हैं। उनके पिता और चाचा सर्विस में हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, IIT बॉम्बे से ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी करने के बाद, कनिष्क को दक्षिण कोरिया में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में सैमसंग के साथ काम किया । हालांकि, वह शुरू से चाहते थे कि वह
भारत के विकास में अपना योगदान दें, जिसके बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू की।

इन बातों को ध्यान रखकर कनिष्क ने की थी यूपीएससी की तैयारी

कनिष्क कटारिया ने 7 से 8 महीने दिल्ली में कोचिंग ली और फिर सेल्फ स्टडी के लिए घर लौट आए। काफी हद तक उन्होंने सेल्फ स्टडी के जरिए अपनी तैयारी पूरी की। इंटरव्यू में कनिष्क ने बताया कि उन्होंने खुद को सोशल मीडिया से पूरी तरह से काट लिया और तैयारी पर फोकस किया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें AIR 1 प्राप्त करने की उम्मीद नहीं थी।

कनिष्क की इंटरनल मोटिवेशन

कनिष्क के अनुसार, UPSC एक वर्ष से अधिक की लंबी प्रक्रिया है, इसलिए IAS परीक्षा के लिए लगातार तैयारी करने के लिए निरंतर प्रेरणा की आवश्यकता होती है। प्रेरणा को बनाए रखने के लिए, किसी को खुद से पूछना चाहिए, "आप एक आईएएस अधिकारी क्यों बनना चाहते हैं?" प्रेरणा इंटरनल होनी चाहिए, बाहरी नहीं। हमेशा आशावादी  ( optimistic) रहें।

न हों डिस्ट्रैक्ट

IAS कनिष्क ने इस बात पर भी जोर दिया कि उम्मीदवारों को शोर-शराबे से डिस्ट्रैक्ट  नहीं होना चाहिए और अपने लिए बनाई गई स्ट्रैटजी पर ध्यान देना चाहिए। आपको कई बातें परेशान कर सकती है। कई बार फेल होने का डर भी सता सकता है, लेकिन खुद पर भरोसा रखें।

ऑप्शनल विषय चुनते समय दें इस बात का ध्यान

कनिष्क ने कहा- ऑप्शनल विषय को चुनते समय, इस बात का ध्यान रखें कि उन्हें उस विषय में कितनी रुचि है। उनका ऑप्शनल सब्जेक्ट गणित था। उन्होंने कहा, उम्मीदवार IAS परीक्षा के लिए जिस विषय का चयन कर रहे हैं, उसे पूरी तरह से पढ़ना चाहिए। ऑप्शनल विषय ऐसा होना चाहिए कि वह बोझ न लगे।