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IAS अंकुर दास ने बताया- 'UPSC क्लियर करने के लिए कितने घंटे पढ़ना जरूरी है'

यूपीएससी की परीक्षा मुश्किल परीक्षा में से एक है। ऐसे कम ही उम्मीदवार होते हैं जो यूपीएससी क्लियर कर IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा कर लेते हैं। आज हम आपको अंकुर दास के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्ह

IAS अंकुर दास ने बताया- 'UPSC क्लियर करने के लिए कितने घंटे पढ़ना जरूरी है'
Priyanka Sharmaलाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीSun, 07 Aug 2022 07:10 PM
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यूपीएससी की परीक्षा मुश्किल परीक्षा में से एक है। ऐसे कम ही उम्मीदवार होते हैं जो यूपीएससी क्लियर कर IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा कर लेते हैं। आज हम आपको अंकुर दास के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्होंने UPSC 2021 में 52 रैंक हासिल कर IAS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया है।

बता दें,  शिलांग के जेल रोड के निवासी अंकुर दास ने मेघालय के ऐसे शख्स बन गए हैं, जिन्होंने राज्य में सात साल बाद यूपीएससी परीक्षा पास की है। आइए अंकुर के बारे में विस्तार से जानते हैं। कैसे की थी यूपीएससी की तैयारी।

यहां पढ़ें- मिलिए IAS शुभम से, जो पहले बन चुके थे IES, IFS, IRTS अधिकारी, 5 बार क्लियर की थी UPSC परीक्षा

मेघालय के शिलांग में जन्मे और पले-बढ़े अंकुर ने सेंट एडमंड्स, शिलांग में अपनी शिक्षा पूरी की और बाद में आर्मी पब्लिक स्कूल, शिलांग में अपनी उच्च शिक्षा पूरी की। वह शुरुआत से पढ़ाई में शानदार थे और उन्होंने 2011 में भारतीय माध्यमिक शिक्षा प्रमाणपत्र (ICSE) में दूसरा स्थान हासिल किया था।

अपनी स्कूली शिक्षा पूरी करने के बाद, वह एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा से बी.टेक में डिग्री हासिल करने के लिए साल 2013 में दिल्ली चले गए। UPSC क्लियर करना और सिविल सर्विसेज में प्रवेश करना अंकुर का बचपन का सपना था। उनके पिता, जो अब
असिस्टेंट कमीश्नर ऑफ कस्टम एंड जीएसटी के पद से रिटायर्ड हो चुके हैं, उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा थे।

उन्होंने एक न्यूज वेबसाइट को इंटरव्यू देते हुए कहा, “मैंने 2017 में कॉलेज से ग्रेजुएशन की और उसके बाद, यूपीएससी सीएसई की पूरी तरह से तैयारी शुरू कर दी। मैं IAS अधिकारी बनने के अपने सपने को पूरा करना चाहता था और इसलिए, मैंने तैयारी में अपना सब कुछ देने का फैसला किया, "

पांचवें प्रयास में मिली जीत

अंकुर ने साल 2017 में यूपीएससी की तैयारी शुरू की और 2018 में अपना पहला प्रयास दिया था, लेकिन वह परीक्षा पास नहीं कर सके। इसके बाद चार और प्रयास दिए।  वहीं अंकुर को सफलता पांचवें प्रयास में मिली। जिसमें उन्होंने 52 रैंक हासिल की। बता दें, सात वर्षों बाद मेघालय से यूपीएससी टॉपर भी बने।

अपनी तैयारी के बारे में बात करते हुए, उन्होंने कहा, “मेरी यात्रा से सबसे बड़ी उपलब्धि निरंतरता है। अच्छी तरह से नोट्स बनाना और फोकस के साथ पढ़ाई करना आपको इस परीक्षा में सफलता हासिल करवा सकता है ”

अंकुर ने आगे कहा- “सबसे अच्छी बात यह है कि मेरी इस सफलता ने युवाओं के बीच बातचीत को बढ़ावा दिया है। कई युवा मेरे पास आ रहे हैं और मुझसे कह रहे हैं कि मुझे परीक्षा पास करते देख अब उन्हें विश्वास होने लगा है कि वे भी कर सकते हैं.”

बता दें, अंकुर को अपने गृह कैडर मेघालय आवंटित होने की उम्मीद है, और वह उस राज्य में काम करना चाहता है जिसमें वह बड़ा हुआ है। उनका मानना ​​​​है कि राज्य में सुधार की बहुत गुंजाइश है, खासकर मातृ स्वास्थ्य, शिक्षा और स्थायी पर्यटन के मामले में। क्योंकि यह आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्र है।

उन्होंने कहा, "मैं इन क्षेत्रों में विशेष रूप से काम करना चाहता हूं और अपने गृह राज्य में बेहतरी के लिए बदलाव लाना चाहता हूं।"

यूपीएससी उम्मीदवारों को दी ये सलाह

यूपीएससी के उम्मीदवारों के लिए अपने संदेश में, अंकुर कहते हैं कि यह एक कठिन परीक्षा है, लेकिन कठिनाई के मामले में भी, हर दिन 10-15 घंटे अध्ययन करने की आवश्यकता नहीं है। उन्हें बस इतना करना है कि पढ़ाई के मामले में निरंतरता बनाए रखें। “यहां तक ​​कि अगर आप दिन में चार घंटे पढ़ रहे हैं, तो सुनिश्चित करें कि इसे ठीक से और बिना किसी रुकावट के करें। अपने प्रति सच्चे रहें और आप निश्चित रूप से इसे पार कर लेंगे। ”

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