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हैदराबाद के लड़के को अमेरिकी यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए मिली 1.3 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप

हैदराबाद के वेदांत आनंदवाड़े (Vedant Anandwade) को संयुक्त राज्य अमेरिका में केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी से न्यूरोसाइंस और साइकोलॉजी में प्री मेडिकल अंडरग्रेजुएट स्टडीज के लिए 1.3 करोड़ रुपये की

हैदराबाद के लड़के को अमेरिकी यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए मिली 1.3 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप
Priyanka Sharmaलाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीSun, 07 Aug 2022 09:56 PM

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हैदराबाद के वेदांत आनंदवाड़े (Vedant Anandwade) को संयुक्त राज्य अमेरिका में केस वेस्टर्न रिजर्व यूनिवर्सिटी से न्यूरोसाइंस और साइकोलॉजी में प्री मेडिकल अंडरग्रेजुएट स्टडीज के लिए 1.3 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप मिली है। बता दें, जिस यूनिवर्सिटी में वेदांत पढ़ाई करने वाले हैं उसने दुनिया को 17 नोबेल पुरस्कार विजेता दिए हैं।

18 साल के वेदांत ने एक जलवायु कॉम्पिटिशन चैलेंज ( climate competition challenge) में हिस्सा लिया। अब वे UNESCO की जूरी के समक्ष अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए नवंबर में पेरिस जाएंगे।

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वेदांत शुरू से ही विदेश की यात्रा करना चाहते हैं, अब उनका ये सपना पूरा होने जा रहा है। वह अपनी एजुकेशन को आगे बढ़ाना चाहते हैं।  वह केस वेस्टर्न में न्यूरोसाइंस की पढ़ाई करेंगे और भविष्य में सर्जन बनना चाहते हैं।

वेदांत यहां कैसे पहुंचें, कैसे मिली स्कॉलरशिप?

हैदराबाद के वेदांत जब कक्षा 8वीं में थे तब से विदेश में पढ़ाई करने का सपना देख रहे थे। उन्होंने कक्षा 10वीं के बाद बायोलॉजी सब्जेक्ट को चुन लिया था। उस देश में कोरोना वायरस महामारी ने अपने पैर फैला दिए थे। उस वक्त उनकी मां ने उनका परिचय डेक्सटेरिटी ग्लोबल (Dexterity Global) से कराया।

16 साल की उम्र में, उन्होंने विदेशों में कॉलेजों और  काउंसलर को शॉर्टलिस्ट करते हुए तीन महीने के करियर डेवलपमेंट प्रोग्राम  के लिए आवेदन किया। ताकि वेदांत को इस बारे में जानकारी मिल जाए कि भविष्य में वह अपनी पढ़ाई के लिए आगे कहां जाएं।

वेदांत शुरू से ही अपनी एजुकेशन को लेकर सीरियस थे। उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI को बताया, कक्षा मिले साप्ताहिक असाइनमेंट से उनके मन में आत्मविश्वास बढ़ा और स्वतंत्रता प्राप्त हुई। मंथली असाइनमेंट ने छात्रों को उन अवसरों, प्रतियोगिताओं और क्विज़ का सिलेक्शन करने के लिए प्रेरित किया, जिनमें उन्हें भाग लेना था। इस तरह डेक्सटेरिटी ग्लोबल की उनकी टीम ने जलवायु कॉम्पिटिशन चैलेंज को जीत लिया जिसने उनके रिज्यूमे को काफी हद तक बढ़ावा दिया।

मां को है बेटे पर गर्व

वेदांत की मां विजया लक्ष्मी अनादवड़े को अपने बेटे पर गर्व है। वह 1.3 करोड़ रुपये की स्कॉलरशिप से खुश हैं।

 

 

 

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