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आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में कैसे बन सकते हैं डॉक्टर, जानें- क्या है AFMC प्रोसेस

भारतीय सशस्त्र बलों यानी भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना में डॉक्टरों और मेडिकल स्पेशलिस्ट की जरूरत होती है, जो घायल सैनिकों को ठीक करने में मदद करते हैं। अगर आप भी भारतीय सशस्त्र बलों में डॉक्टर बन

आर्मी, नेवी और एयरफोर्स में कैसे बन सकते हैं डॉक्टर, जानें- क्या है AFMC प्रोसेस
Priyanka Sharmaलाइव हिन्दुस्तान टीम,नई दिल्लीSat, 01 Oct 2022 03:52 PM

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भारतीय सशस्त्र बलों यानी भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना में डॉक्टरों और मेडिकल स्पेशलिस्ट की जरूरत होती है, जो घायल सैनिकों को ठीक करने में मदद करते हैं। अगर आप भी भारतीय सशस्त्र बलों  में डॉक्टर बनने के इच्छुक है, तो यहां जानें पूरा प्रोसेस।

 डॉक्टर्स  बनने के इच्छुक उम्मीदवार को भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के सिलेक्शन राउंड तो क्वालिफाई  करने की आवश्यकता होती है। तीनों सेनाए अपने विभिन्न मेडिकल प्रोग्राम के लिए MBBS ग्रेजुएच और फ्रेशर्स दोनों को नियुक्त करते हैं। मेडिकल प्रोग्राम  आर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विस  (AFMC) द्वारा संचालित किया जाता है।

हर साल, भारतीय रक्षा बल मेडिकल प्रोग्राम में नामांकन के लिए प्रोफेशनल और कक्षा 12वीं पास उम्मीदवारों दोनों के लिए रिक्तियां जारी करते हैं। भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना में डॉक्टरों के रूप में उम्मीदवारों का फाइनल सिलेक्शन राउंड क्वालिफाई  करने की आवश्यकता होती है।

क्या है आर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विस (AFMC)

AFMC का मतलब आर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विस है और यह तीनों बलों में से किसी में भी मेडिकल उम्मीदवारों के प्रवेश के लिए एक महत्वपूर्ण संचालन निकाय ( pivotal conducting body) है।

प्रवेश केवल 12वीं कक्षा के उम्मीदवारों को NEET परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर दिया जाता है। वर्तमान में, AFMC लगभग 150 उम्मीदवारों को उनके MBBS प्रोग्राम के लिए प्रवेश प्रदान करता है। इसमें से 115 सीटें पुरुष उम्मीदवारों के लिए आरक्षित हैं, और शेष 30 और 5 सीटें महिला और विदेशी नागरिकों के लिए आरक्षित हैं।

भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना में डॉक्टर कैसे बनें?

फोर्स दो प्रकार की चयन प्रक्रियाओं, शॉर्ट कमीशन और स्थायी कमीशन का पालन करते हैं। उम्मीदवार जो पहले से ही एमबीबीएस या बीडीएस के ग्रेजुएट हैं, वे भारतीय सेना / नौसेना / वायु सेना द्वारा जारी शॉर्ट कमीशन भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं। फोर्स  ग्रेजुएट्स के लिए स्थायी कमीशन भूमिकाओं को भी अधिसूचित करता है।

 

- दूसरा स्थायी कमीशन उन लोगों के लिए है जिन्होंने हाल ही में पीसीबी के साथ मुख्य विषय के रूप में कक्षा 12 वीं की परीक्षा पास की है। इन उम्मीदवारों को NEET परीक्षा के लिए आवेदन करना और लिखना होता है। NEET के स्कोरकार्ड का उपयोग सआर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विस में प्रवेश प्रदान करने के लिए किया जाता है।  चयन प्रक्रिया में SSB इंटरव्यू और एक मेडिकल परीक्षा भी शामिल है।

योग्यता  लिस्ट के बाद, उम्मीदवारों तीनों फोर्स में से किसी एक को सौंपा जाता है। प्रवेश के बाद, उम्मीदवारों को मेडिकल प्रोग्राम में नामांकित किया जाता है, जिसमें उन्हें शुरू से ही एमबीबीएस या बीडीएस पढ़ाया जाता है।

सिलेबस के पूरा होने के बाद, उम्मीदवारों को स्थायी आधार पर तीनों बलों में से किसी में डॉक्टर के रूप में नियुक्त किया जाता है। इन उम्मीदवारों को लेफ्टिनेंट के पद पर शामिल किया जाता है।

बता दें, एक डॉक्टर होने के नाते मेडिकल सर्विस में महान सर्विस में से एक मानी जाती है और भारतीय रक्षा सेवा के लिए काम करना इसे और अधिक गुणी बनाता है। इसलिए, यदि आप भी एक मेडिकल स्पेशलिस्ट के रूप में बल में शामिल होने के इच्छुक हैं तो आप हमेशा उस प्रक्रिया का पालन कर सकते हैं जिसका उल्लेख AFMC के नियमों के अनुसार किया गया है।

 

 

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