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14 अक्तूबर, 2020|1:07|IST

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Hindi Diwas : हिन्दी कैसे और कब बनी भारत की आधिकारिक भाषा, जानें इसका इतिहास

hindi diwas

हिंदी दिवस पर हमने ठाना है,
लोगों में हिन्दी का स्वाभिमान जगाना है।
हम सब का अभिमान है हिन्दी
भारत देश की शान है हिन्दी।


14 सितंबर वह तारीख है, जब हर किसी को याद आती है हिंदी क्योंकि इसी दिन हिन्दी दिवस मनाया जाता है। ऐसे में अक्सर मन में सवाल उठता है कि हिन्दी दिवस 14 सितम्बर को क्यों मनाया जाता है और हिन्दी देश की आधिकारिक भाषा कैसे बनी। आइए, जानते हैं इससे जुड़ा पहलू- 

भारत में हिन्दी कब बनी आधिकारिक भाषा
6 दिसंबर 1946 को आजाद भारत का संविधान तैयार करने के लिए संविधान सभा का गठन हुआ। सच्चिदानंद सिन्हा संविधान सभा के अंतरिम अध्यक्ष बनाए गए। इसके बाद डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद को इसका अध्यक्ष चुना गया। डॉ। भीमराव अंबेडकर संविधान सभा की ड्राफ्टिंग कमेटी (संविधान का मसौदा तैयार करने वाली कमेटी) के चेयरमैन थे। संविधान में विभिन्न नियम-कानून के अलावा नए राष्ट्र की आधिकारिक भाषा का मुद्दा भी अहम था क्योंकि भारत में सैकड़ों भाषाएं और हजारों बोलियां थीं। काफी विचार-विमर्श के बाद हिन्दी और अंग्रेजी को नए राष्ट्र की आधिकारिक भाषा चुना गया। 14 सितंबर 1949 को संविधान सभा ने देवनागरी लिपि में लिखी हिन्दी को अंग्रेजी के साथ राष्ट्र की आधिकारिक भाषा के तौर पर स्वीकार किया। बाद में जवाहरलाल नेहरू सरकार ने इस ऐतिहासिक दिन के महत्व को देखते हुए हर साल 14 सितंबर को ‘हिन्दी दिवस’ के रूप में मनाने का फैसला किया। पहला आधिकारिक हिन्दी दिवस 14 सितंबर 1953 को मनाया गया था।

 

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  • Web Title:Hindi Diwas 2020 why we celebrate hindi diwas know its importance history and meaning