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HBSE 10th result 2020: BSEH हरियाणा बोर्ड 10वीं टॉपर ऋषिता को लैपटॉप देकर किया गया सम्मानित

जननायक जनता पार्टी (जजपा) की वरिष्ठ नेता और बाठड़ा से विधायक नैना चौटाला ने जींद में हरियाणा में दसवीं की परीक्षा में प्रथम स्थान पर रही नारनौंद की ऋषिता को लैपटॉप देकर सम्मानित किया।  चौटाला...

HBSE 10th result 2020: BSEH हरियाणा बोर्ड 10वीं टॉपर ऋषिता को लैपटॉप देकर किया गया सम्मानित
एजेंसी,जींदMon, 13 Jul 2020 06:31 PM
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जननायक जनता पार्टी (जजपा) की वरिष्ठ नेता और बाठड़ा से विधायक नैना चौटाला ने जींद में हरियाणा में दसवीं की परीक्षा में प्रथम स्थान पर रही नारनौंद की ऋषिता को लैपटॉप देकर सम्मानित किया। 

चौटाला ने पार्टी कायार्लय में ऋषिता को राज्य के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला द्वारा भेजा गया लैपटॉप देकर सम्मानित किया और बधाई देते हुय सुखद भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा जिस तरह से ऋषिता के दसवीं की परीक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त किया है उसी तरह वह आईएएस परीक्षा में भी एक दिन नाम रोशन करे।

बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा ने 10वीं के नतीजे 10 जुलाई को देर शाम घोषित कर दिए थे। इस बार 3 लाख स्टूडेंट्स परीक्षा में शामिल हुए थे। इनमें 64.59 फीसदी ने परीक्षा पास कर ली है। परीक्षा में हिसार की ऋषिता ने टॉप किया था। ऋषिता के 500 में से 500 अंक आए हैं। दूसरे स्थान पर उमा, कल्पना, निकिता मारुति सावंत, स्नेह और अंकिता रही हैं। इन्होंने 99.8 फीसदी अंक हासिल किए हैं।

हिन्दुस्तान टाइम्स से बता करते हुए ऋषिता ने कहा कि वो स्कूल से आने के बाद रोजाना चार से पांच घंटे की पढ़ाई करती थी। ऋषिता का कहना है कि उन्होंने कभी भी ट्यूशन नहीं ली। इसके अलावा उन्होंने कभी भी पढ़ाई को लेकर तनाव नहीं लिया। उन्होंने बताया कि मेरे दो दोस्त और क्लासमेट की भी दूसरी पॉजिशन आई है। पैरेंट्स और अभिभावकों ने पढ़ाई में उनका बहुत सपोर्ट किया। वो अपनी सफला का श्रेय अपनी शिक्षकों को देना चाहती हैं, जिनके बिना वह यह हासिल नहीं कर सकती थी। पढ़ाई के दौरान उन्होंने सोशल मीडिया से दूरी बना ली थी। 

ऋषिता के पिता हरियाणा सरकार में असिस्टेंट ऑडिटर जनरल हैं । वो जिंद में पोस्टेड हैंष वहीं ऋषिता की मां प्राइमरी शिक्षिका हैं। ऋषिता आगे चलकर डॉक्टर बन गांव के लोगों की सेवा करना चाहती है। ऋषिता ने कहा, 'मेरा सपना है कि मैं लोगों की जान बचाऊं। गांव देहात में रहने वाले लोग बिना डॉक्टर के इलाज के मर जाते हैं, मैं डॉक्टर बनकर उनकी सेवा करना चाहती हूं। मैं स्टूडेंट्स से कहना चाहती हूं कि वो पढ़ाई पर फोकस करें और रिजल्ट की चिंता न करें। मैंने कभी हरियाणा स्टेट टॉपर बनने का सपना नहीं देखा था। परीक्षा के दिनों को छोड़कर मैं रोजाना बै़मिंटन खेलती थी। 

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