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Hindi News करियरप्रदेश के 1068 एडेड जूनियर स्कूलों के अनुदान पर खतरा

प्रदेश के 1068 एडेड जूनियर स्कूलों के अनुदान पर खतरा

राज्य के जूनियर एडेड स्कूलों में छात्रों की संख्या कम होने के चलते अनुदान रुकने का खतरा मंडरा रहा है। प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने सभी बीएसए को छात्र संख्या बढ़ाने के दिए निर्देश दिए हैं। रिपोर्ट में साम

प्रदेश के 1068 एडेड जूनियर स्कूलों के अनुदान पर खतरा
Alakha Singhप्रमुख संवाददाता,प्रयागराजMon, 03 Jun 2024 07:45 AM
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प्रदेश के 1068 सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों के अनुदान पर खतरा मंडरा रहा है। यू-डायस पोर्टल की रिपोर्ट के अनुसार इन स्कूलों में 2023-24 शैक्षणिक सत्र में कक्षा छह से आठ तक की छात्र संख्या 100 से कम है। जबकि 7 सितंबर 2006 को जारी अनुदान सूची में इन्हें इसी शर्त पर शामिल किया गया था कि तीन साल तक छात्र संख्या 105 से कम नहीं थी। बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने ऐसे स्कूलों की सूची भेजते हुए बेसिक शिक्षा अधिकारियों को छात्र संख्या में वृद्धि सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए हैं। छात्रसंख्या नहीं बढ़ने पर अनुदान सूची से बाहर भी किया जा सकता है।

संगमनगरी में 46 स्कूलों में छात्र 100 से कम
प्रयागराज के 46 स्कूलों में छात्रसंख्या 100 से कम है। मऊ के 56, आजमगढ़ के 43, देवरिया के 35, आगरा के 31, अंबेडकरनगर व औरैया के 33, बलिया के 30, वाराणसी के 26, अलीगढ़ 9 और अमेठी के 6 स्कूलों समेत 71 जिलों का नाम शामिल है। केवल चार जिले ऐसे हैं जहां के स्कूलों में छात्रसंख्या 100 से अधिक है।

कई स्कूलों में 10 से भी कम बच्चे, कुछ में शून्य
प्रदेश के विभिन्न जिलों में कई स्कूलों में बच्चों की संख्या दस से भी कम है। कुछ स्कूल ऐसे हैं जहां छात्रों से अधिक शिक्षक हैं। उदाहरण के तौर पर उच्च प्राथमिक स्कूल बुढ़ऊ बाबा पूर्व माध्यमिक विद्यालय चोलापुर वाराणसी में एक छात्र और दो शिक्षक हैं। नारायण मांटेसरी स्कूल मिश्रिख सीतापुर में चार, जय हिंद जूनियर हाईस्कूल नागल सहारनपुर में सात, सर्वोदय जूनियर हाईस्कूल सताओं रायबरेली में एक छात्र पंजीकृत है। प्रयागराज में बालिका जूनियर हाईस्कूल रसूलपुर व लाल सूर्य प्रताप उच्च प्राथमिक स्कूल कौड़िहार में छात्रसंख्या शून्य है। 

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