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Govt Jobs: बिहार के सभी ज़िलों में एक हजार डॉक्टरों की बहाली संविदा पर होगी

10 मई को सभी ज़िलों में कुल एक हजार डॉक्टरों की बहाली संविदा पर किये जाने के लिए एक साथ वॉकिंग इंटरव्यू होगा। साथ ही 6338 डॉक्टरों की नियमित नियुक्ति तकनीकी सेवा चयन आयोग के माध्यम से शुरू की गई है।...

Govt Jobs: बिहार के सभी ज़िलों में एक हजार डॉक्टरों की बहाली संविदा पर होगी
हिन्दुस्तान ब्यूरो,पटनाMon, 03 May 2021 07:48 AM
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10 मई को सभी ज़िलों में कुल एक हजार डॉक्टरों की बहाली संविदा पर किये जाने के लिए एक साथ वॉकिंग इंटरव्यू होगा। साथ ही 6338 डॉक्टरों की नियमित नियुक्ति तकनीकी सेवा चयन आयोग के माध्यम से शुरू की गई है। इसके लिए आवेदन की तिथि 24 मई रखी गयी है। स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव ने स्थायी नियुक्ति की गति तेज करने के लिए आयोग के अध्यक्ष के साथ बैठक कर अनुरोध किया है। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की ओर से ऑनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में ये जानकारी दी गयी। बताया गया कि सभी मेडिकल कॉलेज के सीनियर रेजिडेंट्स के कार्यकाल को तीन माह का अवधि विस्तार दिया गया है।

जिलों और मेडिकल कॉलेज में बहाली के निर्देश
सभी सिविल सर्जनों और मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक को आवश्यकतानुसार तीन माह के लिए मानव संसाधन बहाल करने का निर्देश दिया गया है। इनमें लैब टेक्नीशियन, नर्स, वार्ड ब्वॉय सहित सभी श्रेणी के कर्मचारी शामिल हैं। इसके लिये नियुक्तिकर्ता सभी कर्मियों को मानदेय का भुगतान करेंगे। स्वास्थ्य विभाग खर्च की गई राशि उन्हें उपलब्ध कराएगा।

केंद्र ने बढ़ाकर 2104 टन किया ऑक्सीजन का कोटा
बताया गया कि केंद्र सरकार ने 194 मीट्रिक टन से बढ़ाकर राज्य के लिए ऑक्सीजन का कोटा 214 मीट्रिक टन कर दिया है। जो एयर वाटर-जमशेदपुर से 20 एमटी, आइनॉक्स-बोकारो से 50 एमटी, लिंडे जेएमपी 1290 से 30 एमटी, लिंडे जेएमपी 2550 से 20 एमटी, सेल-बोकारो से 20 एमटी, वेदांता एलेक्ट्रो स्टील- बोकारो से 20 एमटी, सेल-वर्नपुर से 20 एमटी और एमएसएमई एएसयू, बिहार से 34 एमटी प्राप्त होगा। राज्य में 19 प्लांटों में ऑक्सीजन को लेकर कार्य कर रहे हैं जबकि 134 टन ऑक्सीजन की आपूर्ति की जा रही है। राज्य के 10 सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 15 से 20 मीट्रिक टन का क्रायोजेनिक टैंक लगेगा। पीएमसीएच और एनएमसीएच में एक माह के अंदर टैंक बन जायेगा। जबकि अन्य मेडिकल कॉलेजों में 2 से 3 माह में टैंक बनकर तैयार होगा। इसके लिये टैंक निर्माता कंपनी को 5 साल तक ऑक्सीजन आपूर्ति सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गयी है। इस कार्य पर 90.5 करोड़ रुपये खर्च होगा। कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दे दी है।

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