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जानिए कमाल की पिता- बेटी की कहानी: बेटी को प्रेरित करने के लिए साथ दे दी NEET यूजी परीक्षा

क्या आपने कभी सुना है कि पिता और बेटी ने एक साथ कोई परीक्षा दी। विकास मंगोत्रा ने अपनी बेटी मीमांसा को प्रेरित और तैयारी में साथ देने के लिए NEET-UG 2024 की परीक्षा दी।जानिए पिता- बेटी की अनोखी कहानी

जानिए कमाल की पिता- बेटी की कहानी: बेटी को प्रेरित करने के लिए साथ दे दी NEET यूजी परीक्षा
Prachiलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीWed, 19 Jun 2024 12:39 PM
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किसी बच्चे का पहला टीचर और दोस्त उसके माता-पिता होते हैं। माता-पिता बच्चे के साथ परछाई की तरह रहते हैं। माता-पिता अपने बच्चों के लिए कुछ भी कर सकते हैं। इसी का एक कमाल का उदाहरण हमें NEET- UG परीक्षा 2024 में देखने को मिला। जब 50 वर्षीय विकास मंगोत्रा ने अपनी बेटी मीमांसा को NEET-UG परीक्षा के लिए प्रेरित और साथ देने के लिए इस वर्ष खुद भी NEET- UG की परीक्षा दी। 

विकास मंगोत्रा ने बताया कि ‘NEET बहुत ही कठिन परीक्षा है, मैं अपनी बेटी की तैयारी में उसका साथ देना चाहता था, इसलिए मैंने भीतर NEET परीक्षा दी। मेरी बेटी कहती है कि मैं बहुत आसान तरीके से पढ़ाता हूं और उसे मुझसे पढ़ना अच्छा लगता है। एक बार जब उसे किसी प्रश्न को हल करने में परेशानी आ रही थी, तो मैंने उसकी सहायता की। मेरी बेटी यह देखकर बहुत हैरान थी कि मुझे अभी तक सब याद है।’

दोनों ही पिता- बेटी ने अलग- अलग सेंटर्स से NEET- UG 2024 की परीक्षा दी थी। विकास मंगोत्रा ने ग्रेटर नोएडा और उनकी बेटी मीमांसा ने नोएडा सेंटर से परीक्षा दी थी। विकास मंगोत्रा मूल रूप से जम्मू के रहने वाले हैं। वे दिल्ली की एक कॉर्पोरेट कंपनी में काम करते हैं। उन्होंने 2022 में भी NEET- UG की परीक्षा दी थी। विकास मंगोत्रा ने बताया कि ‘90 के दशक में उन्होंने पीएमटी (PMT) की परीक्षा दी थी। मैं डॉक्टर बनना चाहता था और एक अच्छे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए मेरे अंक भी अच्छे आए थे। लेकिन कुछ निजी कारणों की वजह से मैंने अगले साल इंजीनियरिंग की।’

विकास मंगोत्रा ने NEET ही नहीं दो दशकों पहले देश के और भी कई सारे बड़े एग्जाम दिए हैं, जिनमें GATE, JKCET और UPSC CSE परीक्षाएं शामिल हैं। विकास मंगोत्रा ने कहा कि पहली बार 2022 में NEET परीक्षा उन्होंने अपनी काबिलीयत और क्षमता चेक करने के लिए दी थी। दूसरी बार यह परीक्षा उन्होंने अपनी बेटी मीमांसा को प्रेरित करने के लिए दी थी। 

विकास मंगोत्रा और उनकी बेटी मीमांसा की कहानी बहुत ही प्रेरणादायक और सराहनीय है। इनकी कहानी हमें फिल्म नील बट्टे सन्नाटा की याद दिलाती है।  इससे यह साबित होता है कि माता- पिता अपने बच्चों के लिए कुछ भी कर सकते हैं। 

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