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Post Office Recruitment 2019: 14 जुलाई को हुई पोस्टमैन भर्ती परीक्षा रद्द, ये होंगे बदलाव

डाक विभाग की पिछले सप्ताह हुयी एक परीक्षा का माध्यम केवल हिंदी और अंग्रेजी रखने के विरोध में मंगलवार को राज्यसभा में अन्नाद्रमुक, द्रमुक सहित कई दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण कार्यवाही कई बार बाधित हुयी। हालांकि बाद में सरकार द्वारा इस परीक्षा को रद्द करने और विभिन्न भारतीय भाषाओं में नए सिरे से परीक्षा कराने की घोषणा के बाद सदन में सामान्य तरीके से कामकाज होने लगा। इस मुद्दे पर चार बार के स्थगन के बाद फिर शुरू हुयी बैठक में संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सदन में घोषणा की कि 14 जुलाई को हुयी परीक्षा रद्द कर दी गयी है और नए सिरे से होने वाली परीक्षा तमिल सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं में होगी।
        
विभिन्न दलों के हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही भोजनावकाश के पहले पूरी तरह से बाधित रही। भोजनावकाश के बाद भी हंगामे के कारण एक बार सदन की बैठक आधे घंटे के लिए स्थगित की गयी।

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अब सभी क्षेत्रीय भाषाओं में होगी परीक्षा
इसके बाद रविशंकर प्रसाद ने कहा कि उन्होंने इस मुद्दे पर गौर किया और 14 जुलाई को डाक विभाग के लिए हुयी परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि आगे नए सिरे से होने वाली परीक्षा सभी क्षेत्रीय भाषाओं में होगी। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी नीत सरकार तमिल सहित सभी क्षेत्रीय भाषाओं का सम्मान करती है।
        
उनकी इस घोषणा के बाद अन्नाद्रमुक नेता नवनीत कृष्णन और वी मैत्रेयन, माकपा नेता टी रंगराजन, द्रमुक नेता टी शिवा, भाकपा नेता डी राजा और कांग्रेस नेता आनंद शर्मा, भाजपा नेता भूपेंद्र यादव, सपा नेता रामगोपाल यादव आदि ने सरकार को यह संवेदनशील मुद्दा सुलझाने के लिए धन्यवाद दिया। हालांकि रामगोपाल यादव ने मांग की कि भोजपुरी भाषा को आधिकारिक भाषा की सूची में शामिल किया जाए।
         
इसके बाद सदन में सुचारू रूप से कामकाज हुआ।
        
उल्लेखनीय है कि इस मुद्दे पर हंगामे के कारण सुबह शून्यकाल और प्रश्नकाल नहीं चल पाए थे। 
    
सुबह बैठक शुरू होते ही अन्नाद्रमुक, द्रमुक, भाकपा और माकपा सदस्यों ने तमिलनाडु में डाकिया और अन्य पदों के लिए हुयी डाक विभाग की परीक्षा रद्द करने की मांग की। इन सदस्यों ने कहा कि यह परीक्षा नए सिरे से ली जानी चाहिए जिसमें प्रश्न हिंदी, अंग्रेजी के साथ साथ तमिल में भी पूछे जाने चाहिए। 
        
सभापति ने हंगामा कर रहे सदस्यों से शांत रहने और शून्यकाल चलने देने की अपील की। 
        
उन्होंने कहा कि सदस्य सरकार को अपनी मांग पर जवाब देने के लिए आदेश नहीं दे सकते। ''नियमों में ऐसा नहीं कहा गया है। मैं आदेश नहीं दे सकता, यह उचित नहीं है।
        
बाद में प्रश्नकाल में भी यही नजारा देखने को मिला और विभिन्न विपक्षी दलों के सदस्य आसन के समीप आकर नारेबाजी करते रहे।

एक बार के स्थगन के बाद दोपहर 12 बजे सदन की बैठक शुरू होने पर भी सदन में हंगामा जारी रहा। अन्नाद्रमुक, द्रमुक, तृणमूल कांग्रेस आदि के सदस्य आसन के समक्ष आ गए और नारेबाजी करने लगे।

हंगामे के दौरान ही संसदीय कार्य राज्य मंत्री वी मुरलीधरन ने कहा कि सदस्यों की मांग पर सभापति ने संचार मंत्री रविशंकर प्रसाद को अपने कक्ष में बुलाया था और उनके साथ इस मुद्दे पर चर्चा की। मंत्री कल सदन में आकर स्थिति स्पष्ट करने को तैयार हैं और अभी वह लोकसभा में व्यस्त हैं। 
  
उपसभापति हरिवंश ने हंगामा कर रहे सदस्यों से शांत होने और प्रश्नकाल चलने देने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभापति ने इस मुद्दे पर संबंधित मंत्री से बातचीत की और मंत्री अभी लोकसभा में व्यस्त हैं। उपसभापति ने प्रश्नकाल शुरू कराने का प्रयास किया। लेकिन हंगामे के कारण यह पूरा नहीं हो सका।

इसी दौरान अन्नाद्रमुक के कुछ सदस्य कुछ कागज फाड़कर उछालते देखे गए। इस पर उपसभापति ने आपत्ति जताते हुए कहा कि यह अशोभनीय है और पूरा देश इसे देख रहा है।

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हरिवंश ने कहा कि प्रश्नकाल सदस्यों के लिए है। प्रश्नों को तैयार करने में काफी खर्च होता है। उन्होंने एक बार फिर सदस्यों से शांत होने की अपील की। लेकिन इसका असर नहीं होते देख उन्होंने 12 बजकर करीब पांच मिनट पर बैठक 15 मिनट के लिए स्थगित कर दी।

दो बार के स्थगन के बाद 12 बजकर करीब 20 मिनट पर बैठक शुरू होने पर भी सदन में वही नजारा दिखा और अन्नाद्रमुक, तृणमूल कांग्रेस, कांग्रेस आदि दलों के सदस्य आसन के समक्ष आ गए।

उपसभापति ने कुछ क्षणों बाद ही बैठक दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

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  • Web Title:Exam for appointments of postmen to be re-conducted in local languages including Tamil: Modi government