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इंजीनियरिंग छात्रों का कंप्यूटर साइंस से मोहभंग, इस विषय पर ज्यादा जोर दे रहे

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अमेरिका की सख्ती और आईटी क्षेत्र के प्रति रुझान कम होने के कारण छात्रों का कंप्यूटर इंजीनियरिंग से मोहभंग हो रहा है। यह खुलासा अखिल-भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण में हुआ है। इसके मुताबिक 2016-17 में सबसे अधिक छात्रों ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में प्रवेश लिया और कई साल बाद कंप्यूटर साइंस पहले पायदान से खिसक कर दूसरे पायदान पर आ गया। अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वेक्षण की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2016-17 के दौरान मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 9.5 लाख प्रवेश हुए। इसमें चार वर्षों में पढ़ रहे छात्र-छात्राओं को गिना जाता है। जबकि इसी अवधि में दूसरे स्थान पर कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में आठ लाख छात्र पढ़ रहे थे। तीसरे नंबर पर इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में 6.9 लाख, सिविल में 6.3 तथा इलेक्ट्रिकल में 4.4 लाख छात्रों ने एडमिशन लिया। 

पूर्व में कंप्यूटर साइंस थी इंजीनियरिंग छात्रों की पहली पसंद
अखिल भारतीय उच्च शिक्षा सर्वे में यह आंकड़ा पहली बार एकत्र किया गया है। लेकिन पूर्व में जो सर्वे हुए हैं, वे सभी यह दर्शाते हैं कि कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग छात्रों की पहली पसंद थी। एयू यूनिवर्सिटी ब्लॉग सर्वे 2014 में कंप्यूटर इंजीनियरिंग पहले, इलेक्ट्रिकल दूसरे, मैकेनिकल तीसरे, केमिकल चौथे तथा सिविल पांचवें पायदान पर था। जबकि लिस्टडेन सर्वेक्षण में क्रमश कंप्यूटर, इलेक्ट्रिॉनिक्स, आईटी, इलेक्ट्रिकल तथा मैकेनिकल को स्थान दिया गया है। आईआईटी और एनआईटी जैसे टॉप संस्थानों में भी कंप्यूटर इंजीनियरिंग की मांग रहती है।

इसलिए घट रही है मांग
इंजीनियरिंग काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. उदेश कोहली का कहना है कि पिछले कुछ सालों से आईटी क्षेत्र में मंदी का दौर है। साथ ही आईटी क्षेत्र में सस्ते कार्मिकों की भी भर्ती हो रही है। इसलिए बिना इंजीनियरिंग पढ़े भी लोग आईटी में जा रहे हैं। यही वजह है कि छात्रों को कंप्यूटर इंजीनियरिंग से मोहभंग हो रहा। 

मैकेनिकल इंजीनियरिंग से उम्मीदें
आईटी में मंदी से कंप्यूटर से दूर भाग रहे छात्र मैकेनिकल में अपना भविष्य देख रहे हैं। छात्रों का मानना है कि इस मैकेनिकल का पारंपरिक दायरा बढ़ रहा है। अब यह धारा अंत:-विषय क्षेत्र के रूप में विकसित हो रहा है। इसमें नैनेटेक्नोलॉजी, यौगिक तत्वों के विकास, बायोमेडिकल उपकरणों, रोबोटिक, पर्यावरण संरक्षण क्षेत्र में महत्व बढ़ रहा है। 

नई प्रवृत्ति से जानकार चिंतित 
डॉ. कोहली ने इस प्रवृत्ति पर चिंता प्रकट जताई है। उन्होंने कहा, मैकेनिकल इंजीनियरिंग में सबसे ज्यादा छात्र प्रवेश ले रहे हैं। लेकिन यह सार्थक नहीं है, क्योंकि उद्योग जगत भी मंदी की चपेट में है। ले-देकर ऑटोमोबाइल क्षेत्र में ही रोजगार हैं।  
 

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