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बजट : NEET देने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर, देश में बढ़ेंगे मेडिकल मेडिकल कॉलेज, बनेगी समति

अंतरिम बजट पेश करते समय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि देश में मेडिकल कॉलेज बढ़ेंगे। मौजूदा जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में बदलने के बारे में सुझाव देने के लिए समिति का गठन होगा।

बजट : NEET देने वाले छात्रों के लिए अच्छी खबर, देश में बढ़ेंगे मेडिकल मेडिकल कॉलेज, बनेगी समति
Pankaj Vijayलाइव हिन्दुस्तान,नई दिल्लीThu, 01 Feb 2024 12:18 PM
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Education Budget 2024 : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को अंतरिम बजट पेश करते समय मेडिकल छात्रों के लिए अहम घोषणा की। उन्होंने कहा कि देश में और नए मेडिकल कॉलेज खोले जाएंगे।  मौजूदा जिला अस्पतालों को मेडिकल कॉलेज में बदलने के बारे में सुझाव देने के लिए समिति का गठन होगा। उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार मौजूदा अस्पताल के बुनियादी ढांचे का उपयोग करके और अधिक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना बना रही है। इस संबंध में विभिन्न पहलुओं की जांच करने और सिफारिशें करने के लिए एक समिति गठित की जाएगी।' मेडिकल कॉलेज बढ़ते हैं तो जाहिर है कि देश में एमबीबीएस सीटें बढ़ेंगी। 

इग्नू, केवीएस-एसपीए की धनराशि में इजाफा
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू), स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (एसपीए) और केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) का बजट बढ़ा दिया गया है। इग्नू का बजट जो सत्र 2023-24 में 130.80 करोड़ था, वह अब 2024-25 में 140 करोड़ हो गया है। एसपीए का बजट 2023-24 में 178 था, जो 2024-25 में 185.85 करोड़ दिया गया है। केवीएस की राशि में 802 करोड़ का इजाफा किया है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में केवीएस को 8500 करोड़ रुपये मिले थे, जिसे बढ़ाकर 9307.67 करोड़ किया गया है। बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए इग्नू के कुलपति प्रो.नागेश्वर राव का कहना है कि उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात बढ़ा है। इग्नू सस्ती शिक्षा, उपयोगी पाठ्यक्रम और छात्रों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कोर्स संचालित करता है। नए पाठ्यक्रम खोल भी रहे हैं। सरकार ने कार्यों की समीक्षा करने के बाद ही यह निर्णय लिया है। डीयू के कुलपति और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर के निदेशक प्रो. योगेश सिंह का कहना है कि अभी यह अंतरिम बजट है, जो उत्साह बढ़ाने वाला है।

आरएमएल के मेडिकल कॉलेज को गति मिलेगी
 दिल्ली के राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल के बजट में बढ़ोतरी से अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय शुक्ला ने खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि इस साल बजट में बढ़ोतरी से मेडिकल कॉलेज की नई इमारत और सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक का निर्माण पूरा होगा।

उच्च शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार पर विशेष ध्यान
शिक्षा क्षेत्र पर अंतरिम बजट में भी केंद्र सरकार ने अपना फोकस बरकरार रखा है। एक तरफ बुनियादी शिक्षा पर जोर है, वहीं उच्च शिक्षा में अनुसंधान और नवाचार पर सरकार का ध्यान है।

स्कूल शिक्षा के बजट में केंद्रीय योजनाओं के लिए करीब 19 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी की गई है। जबकि स्कूली शिक्षा का कुल बजट भी पिछली साल की तुलना में बढ़ा है। उच्च शिक्षा का बजट आवंटन भी बढ़ाया गया है।

केंद्रीय योजनाओं में ज्यादा खर्च संशोधित अनुमान वर्ष 2023-24 से वित्त वर्ष 2024-25 में स्कूल शिक्षा और साक्षरता विभाग के तहत केंद्रीय योजनाओं के लिए बजट आवंटन में 12,024 करोड़ रुपये यानी 19.56 की कुल वृद्धि हुई है।

केवीएस और एनवीएस पर भी फोकस केवीएस और एनवीएस के स्वायत्त निकायों में अब तक का सबसे अधिक बजट आवंटन देखा जा सकता है। केवीएस के लिये 9,302 करोड़ रुपए और नवोदय विद्यालय के लिये 5,800 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है।

डिजिटल शिक्षा को ज्यादा पैसा डिजिटल इंडिया लर्निंग के तहत आवंटन में करीब 80 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। गत वर्ष 420 करोड़ रुपये की तुलना में इस बार 505 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

अध्ययन को ज्यादा राशि उच्च शिक्षा विभाग के तहत अध्ययन और नवाचार के लिए 355 करोड़ रुपए दिए गए हैं। जबकि गत वर्ष यह आवंटन करीब 210 करोड़ रुपये था। सरकार ने इस वर्ष यूजीसी के बजट में 60 प्रतिशत की कटौती की है।

पीएम श्री योजना का आवंटन बढ़ाया गया पीएम श्री स्कूल योजना के तहत आवंटन 4000 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 6000 करोड़ रुपये तक कर दिया गया है। इस योजना के तहत नए स्कूल खोले जाएंगे।

बजट भाषणा में वित्त मंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने 7 आईआईटी, 16 ट्रिपल आईटी, 7 आईआईएम और 15 एम्स और 390 विश्वविद्यालयों की स्थापना की। 1.4 करोड़ युवाओं को स्किल इंडिया मिशन फायदा हुआ। युवाओं को सशक्त बनाने पर भी काम किया है। तीन हजार नए आईटीआई खोले गए हैं। 54 लाख युवाओं को प्रशिक्षित किया गया है।

बजट में शिक्षा व रोजगार क्षेत्र को क्या मिला, देखें लाइव अपडेट

11:51 AM: युवा शक्ति प्रौद्योगिकी योजना बनाएंगे 

11:45 AM:  40 हजार नॉर्मल रेल डिब्बों को वंदे भारत में बदला जाएगा। लखपति दीदी को बढ़ावा दिया जाएगा। 2 करोड़ से बढ़ाकर 3 करोड़ का निर्णय लिया है। 9 करोड़ महिलाओं के जीवन में बदलाव आया है। आंगनबाड़ी कार्यक्रमों में तेजी लाई जाएगी। अब तक एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाया। अगले पांच वर्षों में दो  करोड़ से अधिक घरों का निर्माण किया जाएगा ।

11.30 AM : आयुष्मान भारत योजना के तहत सभी आशा कर्मी और आंगनवाड़ी कर्मचारियों को सुविधा दी जाएगी।

11.30 AM : देश में और नए मेडिकल कॉलेज खुलेंगे। इसके लिए समित बनाई जाएगी। वित्त मंत्री ने कहा, 'हमारी सरकार मौजूदा अस्पताल के बुनियादी ढांचे का उपयोग करके और अधिक मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की योजना बना रही है। इस संबंध में विभिन्न पहलुओं की जांच करने और सिफारिशें करने के लिए एक समिति गठित की जाएगी।"

11.15 AM : हमारी सरकार ने 7 आईआईटी, 16 ट्रिपल आईटी, 7 आईआईएम और 15 एम्स और 390 विश्वविद्यालयों की स्थापना की। 1.4 करोड़ युवाओं को स्किल इंडिया मिशन फायदा हुआ।

10.05 AM :  चुनावी बजट में शिक्षा क्षेत्र को क्या मिलेगा, नए इंजीनियरिंग व मेडिकल कॉलेजों, रोजगारों, नौकरियों को लेकर क्या ऐलान होंगे, इसका विद्यार्थियों, बेरोजगार युवाओं और नौकरीपेशा युवाओं को बेसब्री से इंतजार है। लोकसभा चुनाव से पहले पेश होने वाला अंतरिम बजट सत्ता में मौजूद पार्टी के लिए लोकलुभावन योजनाओं के जरिये मतदाताओं को आकर्षित करने का एक मौका होता है। इसलिए इससे काफी उम्मीदें की जा रही हैं। बीते कुछ सालों में शिक्षा के क्षेत्र में नई शिक्षा नीति 2020 के चलते कई बदलाव हुए हैं। ऐसे में यह देखना होगा कि बजट 2023 में एजुकेशन सेक्टर के लिए क्या खास रहता है। 

10:00 AM : वर्ष 2023 में शिक्षा मंत्रालय को 13 फीसदी की वृद्धि के साथ 1,12,899 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया। यह वित्त वर्ष 2024 के लिए सरकार के कुल अनुमानित खर्च का 2.9% था। इस बजट में समग्र शिक्षा अभियान के लिए बड़ी रकम (37,453 करोड़ रुपये) आवंटित की गई। 

09:50 AM : पिछले बजट में एकलव्य स्कूलों के लिए 38,000 से भी ज्यादा शिक्षकों की भर्ती करने का ऐलान भी किया गया था। इसके बाद एकलव्य स्कूलों में 2023 में करीब 12 हजारों पदों पर भर्ती निकाली भी गई जिसका रिजल्ट आ चुका है। 

09:30 AM : बीते साल स्कूली शिक्षा के लिए 68,805 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे, जो वित्त वर्ष 2023 के संशोधित अनुमानों से 16.5% ज्यादा है। इसके अलावा, उच्च शिक्षा के लिए 44,095 करोड़ का प्रावधान किया गया था, जो वित्त वर्ष 2023 के संशोधित अनुमानों के मुकाबले 8% ज्यादा है।

प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी से निपटने के लिए संसद में सोमवार को पेश हो सकता है विधेयक
सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी और अनियमितताओं से सख्ती से निपटने के लिए अगले सप्ताह संसद में एक नया विधेयक पेश कर सकती है। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि विधेयक में इस अपराध के लिए अधिकतम 10 साल तक की जेल और एक करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान हो सकता है।
 
सूत्रों ने बताया कि लोक परीक्षा (अनुचित साधन रोकथाम) विधेयक, 2024 सोमवार को संसद में पेश किया जा सकता है, लेकिन अभी तक अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल में इस विधेयक को मंजूरी दी थी।

उन्होंने बताया कि प्रस्तावित विधेयक में विद्यार्थियों को निशाना नहीं बनाया जाएगा, बल्कि इसमें संगठित अपराध, माफिया और साठगांठ में शामिल पाए गए लोगों के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान है। विधेयक में एक उच्च-स्तरीय तकनीकी समिति का भी प्रस्ताव है, जो कम्प्यूटर के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाने के लिए सिफारिशें करेगी। यह एक केंद्रीय कानून होगा और इसके दायरे में संयुक्त प्रवेश परीक्षाएं और केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिले के लिए होने वाली परीक्षाएं भी आएंगी।
     
इससे पहले, बजट सत्र की शुरुआत पर संसद के दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि सरकार परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ी को लेकर युवाओं की चिंताओं से अवगत है। उन्होंने कहा, ''इस दिशा में सख्ती लाने के लिए नया कानून बनाने का निर्णय लिया गया है।'' सूत्रों ने बताया कि परीक्षा पत्र लीक होना एक राष्ट्रव्यापी समस्या बन गयी है, इसलिए अपनी तरह का पहला केंद्रीय कानून लाने की आवश्यकता महसूस की गयी। गुजरात जैसे कुछ राज्य इस समस्या से निपटने के लिए अपने कानून लेकर आए हैं।

पिछले साल परीक्षा पत्र लीक होने के बाद राजस्थान में शिक्षक भर्ती परीक्षा, हरियाणा में ग्रुप-डी पदों के लिए साामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी), गुजरात में कनिष्ठ लिपिकों के लिए भर्ती परीक्षा और बिहार में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा समेत अन्य परीक्षाएं रद्द की गयी थीं।

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