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BPSC शिक्षक भर्ती से निजी स्कूलों में कई विषयों के पद खाली, सीबीएसई स्कूलों को नहीं मिल रहे परीक्षक

बीपीएससी शिक्षक नियुक्ति का निजी स्कूलों पर बड़ा असर दिखाई दे रहा है। इन विद्यालयों में कई विषयों में पद हो गए खाली गए हैं। सीबीएसई बोर्ड परीक्षा 2024 की तैयारी में सामने आया है कि कई विषयों के परीक्ष

BPSC शिक्षक भर्ती से निजी स्कूलों में कई विषयों के पद खाली, सीबीएसई स्कूलों को नहीं मिल रहे परीक्षक
Alakha Singhमुजफ्फरपुर,मुजफ्फरपुरMon, 27 Nov 2023 07:24 AM
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BPSC Teacher Recruitment: सीबीएसई स्कूलों में विषयवार परीक्षक नहीं मिल रहे हैं। ओएसआईएस (ऑनलाइन एफलिएटेड स्कूल इनफॉर्मेशन सिस्टम) पर 2024 की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर शिक्षकों के मांगे गए रिकॉर्ड से यह सामने आया है। बीपीएससीसी शिक्षक नियुक्ति के तहत मुजफ्फरपुर जिले में सीबीएसई एफलिएटेड स्कूलों को छोड़कर लगभग 500 से अधिक शिक्षक चले गए हैं। जिले में निजी स्कूलों से 1500 से अधिक शिक्षक चले गए हैं। बोर्ड ने सभी जिलों को 30 नवम्बर तक खाली पदों पर नियुक्ति कर नाम भेजने का आदेश दिया है। कई बड़े स्कूल ऐसे हैं, जहां से 13-14 शिक्षकों तक की नियुक्ति बीपीएसएसी के तहत हुई है।

सबसे अधिक दिक्कत 9-12वीं की कक्षाओं में
सीबीएसई स्कूल संगठन सहोदय के सचिव सतीश कुमार झा ने बताया कि कक्षा 1-5वीं और 9-12वीं में प्राइवेट स्कूलों में शिक्षकों के कई पद खाली हो गए हैं। बड़ी संख्या में साईंस विषय के शिक्षकों की कमी हो गई है। सबसे अधिक कमी 1-5वीं और 9-12वीं में है। 9-12वीं में फिजिक्स, मैथ, केमेस्ट्री में दर्जनों स्कूल में पद खाली हो गए हैं। विभिन्न स्कूल के शिक्षकों ने कहा कि ऊपर की कक्षाओं में पढ़ाने के लिए शिक्षक नहीं मिल रहे हैं।

बच्चों के अनुपात में देनी है शिक्षकों की संख्या
श्री झा ने बताया कि केवल बोर्ड परीक्षाओं की कॉपी जांच को लेकर ही नहीं बल्कि बोर्ड के नियम के अनुसार भी सेक्शन और छात्रों की संख्या पर शिक्षकों का अनुपात तय है। अधिकांश स्कूलों में यह अनुपात गड़बड़ा गया है। ऐसे में बोर्ड के निर्देशानुसार 30 नवम्बर से पहले नई नियुक्ति कर रिपोर्ट अपलोड कर देनी है। ऐसा नहीं करने वाले स्कूल जांच के घेरे में होंगे। इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्राइवेट स्कूल के अध्यक्ष सुमन कुमार ने कहा कि इससे भी बड़ी दिक्कत अगले चरण की बहाली के बाद होगी, क्योंकि उसमें छह से आठ के लिए नियुक्ति हो रही है। सीबीएसई के नियम के अनुसार निर्धारित योग्यता वाले अभ्यर्थियों की ही नियुक्ति करनी है। ऐसे में सभी खोज में लगे हुए हैं। तकरीबन हर जिले में यही स्थिति है। 

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