DA Image
26 जनवरी, 2020|4:49|IST

अगली स्टोरी

class="fa fa-bell">ब्रेकिंग:

डीयू में शिक्षक नियुक्ति टलने के बढ़े आसार,शिक्षकों को अभी करना पड़ सकता है लंबा इंतजार

du

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने दिल्ली विश्वविद्यालय व संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्यों को सर्कुलर जारी कर एक दशक से लंबित ओबीसी कोटे के तहत दूसरी किस्त की नियुक्तियों को शुरू करने का निर्देश दिया है। माना जा रहा है कि अब स्थायी नियुक्तियों की प्रक्रिया एक बार फिर टल सकती है।

डीयू में विद्वत परिषद के पूर्व सदस्य हंसराज सुमन का कहना है कि यूजीसी द्वारा कॉलेजों को भेजे गए पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि ओबीसी कोटे के पदों को जल्द भरा जाए। ऐसे में बहुत संभावना है कि डीयू के विभागों व शिवाजी कॉलेज, मैत्रीय कॉलेज, खालसा कॉलेज, कालिंदी आदि कॉलेजों द्वारा स्थायी नियुक्तियों के लिए निकाले गए विज्ञापन रदद् कर दिए जाएं। ऐसा इसलिए क्योंकि अब कॉलेजों को एक बार फिर नया रोस्टर बनाना पड़ेगा।

दोबारा निकालना होगा विज्ञापन-

 हंसराज सुमन का कहना है कि सभी कॉलेजों को रोस्टर फिर से बनाकर उसे डीयू से पास कराकर पदों को विज्ञापित करना होगा। इस कारण नियुक्ति प्रक्रिया में महीनों की देरी हो जाएगी। ओबीसी कोटे की दूसरी किस्त में भी सामान्य जाति के आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को केंद्र सरकार द्वारा दिया गया 10 फीसदी ईडब्ल्यूएस आरक्षण शिक्षकों की नियुक्ति में लागू होगा। उन्होंने कहा कि कॉलेज ईडब्ल्यूएस के 10 फीसदी आरक्षण का पालन नए सृजित पदों के लिए करें।

 
विश्वविद्यालय प्रशासन दिशा-

निर्देश जारी करे दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष आलोक रंजन पांडेय का कहना है कि यूजीसी द्वारा शिक्षकों की नियुक्ति के लिये जारी दूसरी किस्त का हम स्वागत करते हैं। लेकिन इसके बाद कॉलेजों के समक्ष भ्रम की स्थिति है। डीयू प्रशासन इस बाबत अपना स्पष्टीकर जारी करके भ्रम दूर करे। हमारी मांग है कि जो तदर्थ शिक्षक जहां पढ़ा रहा है उसे वहीं पर समायोजित किया जाये।

  • Hindi News से जुड़े ताजा अपडेट के लिए हमें पर लाइक और पर फॉलो करें।
  • Web Title:DU mein shikshak niyukti talane ke aasaar badhe