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DU admission 2023:पिछले साल की अपेक्षा तेजी से भरी पहले राउंड में सीटें

डीयू के स्नातक दाखिला के प्रवेश के पहले दौर में दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में स्नातक की 87 प्रतिशत से अधिक सीटें भर गयी हैं। यह फीसद विगत वर्ष की अपेक्षा अधिक है। विगत वर्ष 61,500 यूजी प्रवेश के

DU admission 2023:पिछले साल की अपेक्षा तेजी से भरी पहले राउंड में सीटें
Anuradha Pandeyप्रमुख संवाददाता,नई दिल्लीTue, 08 Aug 2023 08:33 AM
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डीयू के स्नातक दाखिला के प्रवेश के पहले दौर में दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों में स्नातक की 87 प्रतिशत से अधिक सीटें भर गयी हैं। यह फीसद विगत वर्ष की अपेक्षा अधिक है। विगत वर्ष 61,500 यूजी प्रवेश के दूसरे दौर के अंत में सीटें भरी थी। लेकिन इस बार यह संख्या 62 पहले राउंड में ही 62 हजार को पार कर गई है। ज्ञात हो कि प्रवेश के पहले दौर में दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में कुल 85,853 उम्मीदवारों को सीटें आवंटित की गईं। दिल्ली यूनिवर्सिटी ने कहा कि नॉर्थ कैंपस के कॉलेजों में अब कुछ ही सीटें खाली हैं। किरोड़ीमल कॉलेज में, सभी वाणिज्य और कला कार्यक्रमों में एक या दो सीटें खाली हैं, जबकि अन्य श्रेणियों में सीटें भरी हुई हैं। बीएससी (ऑनर्स) गणित और बीएससी (ऑनर्स) बॉटनी में कई सीटें खाली हैं। हालांकि विज्ञान विषयों की सीटें कई कॉलेजों में खाली हैं।

इसी तरह मिरांडा हाउस में ज्यादातर सीटें पहले राउंड में ही भर गईं। हालांकि, कुछ विज्ञान पाठ्यक्रमों में अभी भी कुछ सीटें उपलब्ध हैं।रसायन विज्ञान, भौतिकी और इलेक्ट्रॉनिक्स सहित संस्कृत और विज्ञान पाठ्यक्रमों में अधिकांश रिक्तियां ऑफ-कैंपस और साउथ कैंपस के कुछ कॉलेजों में उपलब्ध हैं। दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज में, वनस्पति विज्ञान बीएससी (ऑनर्स) के लिए 14 सीटें, कंप्यूटर विज्ञान के लिए 31, इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए 32, गणित के लिए 27 और भौतिकी के लिए 33 सीटें खुली हैं। इसके अतिरिक्त, बीएससी (ऑनर्स) जूलॉजी और लाइफ साइंसेज में क्रमश 17 और 12 खुली सीटें हैं।

शिक्षक संगठन ने सीट विवरण को छलावा बताया
डीयू द्वारा रिक्त सीटों की सूची जारी करने के बारे में आम आदमी पार्टी के शिक्षक संगठन इकाई के पदाधिकारी प्रो.राजेश झा का कहना है कि डीयू द्वारा जो खाली सीटों का विवरण दिया है वह छात्र के हित के साथ छलावा हैं। 20 फीसद अधिक सीटों पर नामांकन देने की बात थी वो इस खाली सीटों के लिस्ट में नही दिख रही है। उदाहरण के लिए अगर 24 सीट है और 25 लोग ने एडमिशन लिया तो वेबसाइट पर वहां पर सीटों की संख्या शून्य दिखा रहा है। अगर वो एक बच्चा या कुछ बच्चे छोड़ जाते हैं तो क्या होगा? आने वाले दिनों में इससे स्थिति जटिल होती जाएगी और पिछले सालों की तरह हजारों सीट खाली रह जाएगी और स्टूडेंट बाहर परेशान बिना दाखिला के रह जाएंगे। दूसरी चिंता की बात साइंस की सीटों का खाली रहना है। इस पर ध्यान दिए जाने की जरूरत है।

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