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20 मई, 2020|7:24|IST

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DU Admission 2020: कोराना से बदल सकता है डीयू एडमिशन का समीकरण

du  file photo

दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक दाखिला का समीकरण कोरोना संक्रमण के कारण बदल सकता है। डीयू में लगभग 45 फीसद छात्र दिल्ली के अलावा दूसरे राज्यों से दाखिला लेने आते हैं। इसमें आरक्षित वर्ग के छात्र भी हैं। लेकिन कोरोना संक्रमण की बढ़ती दर के कारण यह कयास लगाया जा रहा है कि डीयू में इस साल दिल्ली के बाहर से आने वाले छात्रों की संख्या घट सकती है। ज्ञात हो कि डीयू इस साल 15 फीसद सीट और बढ़ा रहा है। विगत वर्ष यहां स्नातक में दाखिला के लिए लगभग ढाई लाख छात्रों ने आवेदन किया था। 

डीयू की दाखिला से 13 साल तक जुड़े रहने वाले और एसजीटी यूनिवर्सिटी के पूर्व उप कुलपति डा.जीएस टुटेजा ने इस बार डीयू दाखिला समीकरण में बड़े बदलाव की बात कही है। 

उनका कहना है कि डीयू में दाखिला के ट्रेंड में बदलाव को देखते हुए राजधानी के आस पास के इलाकों के निजी विश्वविद्यालयों को भी अपनी दाखिला प्रक्रिया देर से शुरू करनी पड़ेगी।
उन्होंने बताया कि देश भर में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन, यात्रा सहित तमाम ऐसे एहतियात लागू होंगे जिससे डीयू में पूर्वोत्तर या दक्षिण भारत या पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार के छात्रों का आना अब उतना आसान नहीं होगा। जिसका सीधा असर यहां की कटआफ मेरिट पर भी पड़ेगा। यही नहीं पूर्वोत्तर,राजस्थान,झारखंड, छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से एससी,एसटी वर्ग के छात्रों की संख्या भी घट सकती है। जिस तरह से दिल्ली में बाहरी छात्र आने से बचेंगे उसी दिल्ली से बाहर भी छात्र जाने से बचेंगे ऐसे में डीयू पर दाखिला का दबाव होगा या विदेशी विश्वविद्यालयों से ऑनलाइन छात्र पढ़ाई करेंगे। 

डीयू में मेरिट के अलावा स्पोर्ट्स और ईसीए से भी निर्धारित सीटों पर दाखिला होता है ऐसे में जो छात्र दिल्ली के हैं और उनके अंक कम हैं वह स्पोर्ट्स या ईसीए के माध्मय से दाखिला की कोशिश करेंगे। 

डीयू दाखिला का इंतजार करते हैं निजी विश्वविद्यालय
डा.टुटेजा का कहना है कि डीयू दाखिला का इंतजार एनसीआर के विश्वविद्यालयों को भी रहता है। क्योंकि यहां की स्नातक की निर्धारित सीटें भर जाने के बाद ये छात्र आसपास के विश्वविद्यालयों में अपनी सुविधा के अनुसार दाखिला लेते हैं। इसलिए इस बार बहुत संभावना है कि अगस्त या सितंबर के बाद निजी विश्वविद्यालय अपनी दाखिला प्रक्रिया बंद करें।

पीजी और हास्टल हो सकते हैं सस्ते

राजधानी में छात्रों के कम आने के कारण बहुत संभावना है कि यहां पर छात्रों को किराए पर पीजी व हास्टल देकर मोटी कमाई करने वाले लोग अब अपना किराया कम करेंगे। क्योंकि दूर रहकर पढ़ने वाले छात्रों की संख्या घटेगी।

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  • Web Title:DU Admission 2020: Delhi university seats formula allocation can change due to coronavirus lockdown