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DU Admission 2019: 34 बोर्ड के कई विषयों को CBSE के बराबर माना गया

DU admissions

डीयू की दाखिला समिति ने देश के हजारों छात्रों को राहत देते हुए एक प्रस्ताव पास किया है, जिसमें विषयों का आंकलन कर 34 बोर्ड को सीबीएसई बोर्ड के बराबर माना है। इन बोर्ड के कई एकेडमिक (अकादमिक) विषयों को सीबीएसई द्वारा पढ़ाये जाने वाले एकेडमिक विषयों के बराबर माना जाएगा। पहले डीयू इन विषयों को नॉन एकेडमिक विषय में रखता था, जिससे यहां दाखिला लेने वाले इन बोर्ड के छात्रों को बेस्ट फोर में से 2 फीसद अंक कटने के बाद आई मेरिट के आधार पर दाखिला मिलता था। इससे हजारों छात्र दाखिले से वंचित रह जाते थे या वे शुरुआती कटऑफ में दाखिला नहीं ले पाते थे। हालांकि, टाइपिंग, पेंटिंग जैसे नॉन एकेडमिक विषयों में बेस्ट फोर जोड़ने पर अंक अब भी काटे जाएंगे।

छात्रों की सुविधा के लिए निर्णय
डीयू के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमने छात्रों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है। उन्होंने बताया कि नागरिक शास्त्र की पढ़ाई सीबीएसई बोर्ड नहीं कराता है, लेकिन राजनीति विज्ञान से इसका पाठ्यक्रम मिलता है, इसलिये हम इसे मान रहे हैं। इसी तरह जम्मू कश्मीर में 12वीं में बायोकेमेस्ट्री पढ़ाई जाती है, जिसका पाठ्यक्रम बायलॉजी से मिलता है। इसलिए हम उसमें अंक नहीं काटेंगे। इस तरह से कुल 34 बोर्ड हैं, जिसके बारे में समिति ने हमें सुझाव दिया है। इसमें से 28 राज्य बोर्ड, 3 राष्ट्रीय बोर्ड और 3 संस्कृत के बोर्ड हैं, जो 12वीं की परीक्षा आयोजित करते हैं। 

विषयों के आंकलन के बाद फैसला
डीयू में स्थाई समिति के सदस्य डॉ. रसाल सिंह बताते हैं कि एंथ्रोपोलॉजी, सिविक्स, बायोकेमेस्ट्री, लॉजिक एंड फिलॉसफी सहित लगभग एक दर्जन ऐसे विषय हैं जो अन्य बोर्ड के लिए एकेडमिक हैं। लेकिन यह अभी तक डीयू के लिये नॉन एकेडमिक सूची में थे। अब इनके पाठ्यक्रमों का आंकलन कर सीबीएसई बोर्ड के बराबर किया गया है, जिससे दूसरे बोर्ड के छात्रों को भी फायदा होगा। स्थाई समिति ने यह भी माना है कि यदि किसी तरह से विषयों में विभिन्नता होती है और वह विषय डीयू की एकेडमिक सूची में नहीं है तो इस स्थिति में डीयू की शिकायत निवारण समिति का फैसला अंतिम होगा।

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  • Web Title:DU Admission 2019: good new for students who are not belong to cbse board