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30 मार्च, 2021|7:25|IST

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DSSSB DASS Head Clerk Exam : सुप्रीम कोर्ट ने कहा, सरकारी सेवाओं की भर्तियों में लोगों को भरोसा होना चाहिए, परीक्षा रद्द करने का फैसला बरकरार

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सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कहा कि सरकारी सेवाओं की भर्तियों को लेकर लोगों में भरोसा होना चाहिए क्योंकि चयनित अभ्यर्थी से उम्मीद होती है कि वह सरकार के कामकाज से जुड़े सार्वजनिक कामों को पूरा करेगा। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और एम आर शाह की एक पीठ ने कहा कि जहां समूची चयन प्रक्रिया को त्रुटिपूर्ण पाया जाए वहां परीक्षा के रद्द होने से निश्चित रूप से उन कुछ लोगों के लिये बेहद मुश्किल होती है जिन्हें इस गड़बड़ी में शामिल नहीं पाया जाता। 
        
पीठ ने कहा, “लेकिन यह उस परीक्षा को निरस्त करने के आदेश को रद्द करने के लिये पर्याप्त नहीं है जहां पूरी प्रक्रिया में गड़बड़ी पाई जाए जिससे चयन प्रक्रिया के लिये हुई परीक्षा की वैधता पर गंभीर प्रभाव पड़े।”
        
अदालत ने कहा कि “लोकसेवाओं की भर्तियों को लेकर लोगों में पूरा भरोसा होना चाहिए। जिन अभ्यर्थियों का चयन होता है उनका उद्देश्य सरकार के कामकाज से संबंधित दायित्वों को पूरा करना होता है।”
        
न्यायालय ने यह टिप्पणी दिल्ली सरकार की 15 मार्च 2016 की एक अधिसूचना बरकरार रखते हुये अपने फैसले में की। इस अधिसचूना के तहत दिल्ली अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (डीएसएसएसबी) द्वारा प्रधान लिपिक पद पर भर्ती के लिये आयोजित प्रथम और द्वितीय चरण की परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया था। 
        
शीर्ष अदालत ने इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्णय को चुनौती देने वाली करीब एक दर्जन अपील पर यह फैसला सुनाया। उच्च न्यायालय ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (सीएटी) के भर्ती प्रक्रिया को रद्द करने के फैसले को दरकिनार करने के आदेश को सही ठहराया था। 
        
दिल्ली उच्च न्यायालय ने मौजूदा मामले में अधिकरण की उस राय से इत्तेफाक जताया था कि समूची भर्ती प्रक्रिया को रद्द करना अवैध है। चयन प्रक्रिया में गंभीर खामियों का जिक्र करते हुये शीर्ष अदालत ने कहा कि अब डीएसएसएसबी और दिल्ली सरकार को पर्याप्त उपाय करने चाहिए ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं हो।
 

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  • Web Title:DSSSB DASS Head Clerk Exam : SC said Recruitment To Public Services Must Command Public Confidence