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DSMRU : पुनर्वास विश्वविद्यालय में अगले तीन साल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा

लखनऊ स्थित डॉ शकुंतला मिश्रा रिहैबिलिटेशन यूनिवर्सिटी यानी पुनर्वास विश्वविद्यालय में दृष्टिबाधित विभाग और बौद्धिक अक्षमता विभाग ने आगामी योजनओं की रूपरेखा प्रस्तुत की है। विश्वविद्यालय में कॉर्टिकल अ

DSMRU : पुनर्वास विश्वविद्यालय में अगले तीन साल में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनेगा
Alakha Singhसंवाददाता,लखनऊSun, 26 May 2024 03:42 PM
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शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के दृष्टिबाधित विभाग की ओर से अगले एक वर्ष में तीन अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं टेक्सास टेक यूनिवर्सिटी लबॉक अमेरिका, पर्किंस स्कूल फॉर द ब्लाइंड वॉटरटाउन अमेरिका और गलाऊडेत यूनिवर्सिटी वाशिंगटन से एमओयू किया जाएगा। अगले तीन वर्ष में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना होगी। दो ओपन इलेक्टिव कोर्स भी शुरू होंगे। यह प्रस्ताव दृष्टिबाधित विभाग के अध्यक्ष डॉ. विजय शंकर शर्मा ने कुलपति प्रो. संजय सिंह की अध्यक्षता में चल रही आगामी एक, तीन और पांच वर्षीय कार्ययोजनाओं के प्रस्तुतीकरण के दौरान रखे गए।

पुनर्वास विश्वविद्यालय में दृष्टिबाधित विभाग और बौद्धिक अक्षमता विभाग ने शनिवार को आगामी योजनाओं को लेकर प्रस्तुतिकरण दिया। विशेष शिक्षा संकाय के अधिष्ठाता डॉ. कौशल शर्मा, विभाग के शिक्षक डॉ. आद्या शक्ति राय, आशीष कुमार गुप्ता, डॉ. बृजेश कुमार राय, डॉ. सुधा राव, पूजा, नीरज दीक्षित एवं पूनम चौरसिया भी उपस्थित रहीं। विभागाध्यक्ष डॉ. विजय शंकर शर्मा ने बताया कि एनईपी 2020 और वर्तमान में चल रही सीबीसीएस योजना के तहत आगामी जुलाई से विश्वविद्यालय के अन्य विभागों और संकायों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए दो ओपन इलेक्टिव कोर्स शुरू किए जाएंगे। जानकारी के अनुसार यह अध्ययन मंडल की बैठक से पास हो गया है। जीवन कौशल एवं समेकित शिक्षा के लिए तकनीकी विषयक दो प्रश्नपत्रों को भी शामिल किया जाएगा।

प्रयोगशाला और पीठ की स्थापना भी की जाएगी
दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए रोजगारपरक कंप्यूटर सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्स चलाने पर सहमति बनी। अल्पदृष्टि वाले बालकों के लिए उच्च स्तरीय प्रयोगशाला की स्थापना जाएगी। शोध एवं अनुसंधान के लिए आईसीसीआर जैसी अन्य राष्ट्रीय संस्थान से सहयोग राशि प्राप्त की जाएगी। अगले कुछ वर्षों में एक लब्ध-प्रतिष्ठित दिव्यांगजन के नाम से पीठ की स्थापना भी विभाग में होगी।

कैंपस प्लेसमेंट, करियर प्रोग्राम भी होंगे
एक वर्षीय योजना में दिव्यांग और अभिभावक जागरूकता कार्यक्रम, करियर ओरिएंटेशन प्रोग्राम, दृष्टिबाधिता एवं दिव्यांग के क्षेत्र में कार्य करने वाले विशेषज्ञों को विभाग में बुलाकर उनका व्याख्यान कराया जाएगा। रोजगार मेला, सतत पुनर्वास शिक्षा कार्यक्रम और कैंपस प्लेसमेंट की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा तीन दृष्टि दिव्यांगता संबंधित दिवसों का आयोजन, सहायक तकनीकी और सूचना एवं प्रौद्योगिकी तकनीकी पर वर्कशॉप और एक संसाधन पुस्तक का प्रकाशन भी शामिल है।

सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए पूरी करनी होंगी अर्हताएं:
विभाग को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाने के लिहाज से प्रस्ताव दिया गया कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए कुछ न्यूनतम अर्हताएं हैं जिन्हें पूरा किया जाएगा। इसके बाद विभाग को अगले तीन वर्षों में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में स्थापित किया जाएगा। 

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