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आशंका! शिक्षकों की तबादला नीति में फंस सकता है भाषा का पेंच

हिन्दुस्तान ब्यूरो,रांचीAlakha Singh
Sun, 28 Nov 2021 09:02 PM
आशंका! शिक्षकों की तबादला नीति में फंस सकता है भाषा का पेंच

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राज्य के सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की स्थानांतरण नियमावली में स्थानीय भाषा का पेच फंसता दिख रहा है। स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग ने भाषा और विषय के आधार पर अंतर जिला स्थानांतरण करने का निर्णय लिया है। इसमें जिस जिले में जो भाषा बोली जाती है उसी आधार पर अंतर जिला स्थानांतरण होगा। ऐसे नियम लागू हुए तो 2015-16 के पहले नियुक्त शिक्षकों को इसका लाभ नहीं मिल सकेगा और उन्हें अंतर जिला स्थानांतरण में मशक्कत करनी पड़ेगी।

झारखंड में शिक्षकों की नियुक्ति में 2015 के पूर्व स्थानीय भाषा के आधार पर नियुक्ति नहीं होती थी। प्राथमिक स्कूलों में (पहली से पांचवी) शिक्षकों की नियुक्ति विषय वार नहीं होती है, ऐसे इनके पुराने शिक्षकों के लिए स्थानीय भाषा या विषय को आधार बनाकर तबादला किया जाना मुश्किल नजर आ रहा है। इसमें उन शिक्षकों का तबादला भी नहीं हो सकेगा जो पारस्परिक (म्यूच्यूअल) तबादला कराना चाहते हों या फिर जिनके पति या पत्नी दूसरे जिले में सरकारी सेवा में पदस्थापित हों। ऐसे में राज्य सरकार को 2015-16 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों की स्थानांतरण नियमावली में बदलाव करना होगा। अगर सरकार प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के अंतर जिला स्थानांतरण में विषयवार और स्थानीय भाषा को सभी के लिए आधार बनाती है तो इस पर फिर से विवाद उठने की संभावना है। वही विषय के आधार पर मिडिल स्कूलों, हाई और प्लस 2 स्कूलों में तबादला हो सकेगा। प्राइमरी, मिडिल और हाईस्कूल का कैडर जिला स्तर पर होता है, जबकि प्लस टू स्कूल का कैडर राज्य स्तर पर होता है। ऐसे में प्राइमरी से लेकर प्लस टू स्कूल तक के शिक्षकों को पूरे सेवाकाल में एक बार अंतर जिला स्थानांतरण की सुविधा दी जा सकेगी। इसमें जो शिक्षक अपने गृह क्षेत्र में नहीं हैं उन्हें अपने गृह क्षेत्र में आने का मौका मिल सकेगा। वहीं वैसे शिक्षक जो झारखंड के नहीं हैं तो उन्हें सीमावर्ती जिलों में अंतर जिला स्थानांतरण किया जा सकेगा।

ग्रेड के अनुसार ही होगा तबादला
शिक्षकों के स्थानांतरण के लिए पूर्व में ही 5 ग्रेड तय किए गए हैं। इनमें शहरी, नगर परिषद- प्रखंड स्तरीय, पंचायत स्तरीय, ग्रामीण, सुदूर-नक्सल प्रभावित क्षेत्र का ग्रेड तय किया गया है। नई स्थानांतरण नियमावली के अनुसार तबादले में एक जिले से दूसरे जिले में भी इसी आधार पर तबादला हो सकेगा। जो शिक्षक 5 साल से अधिक सीमा से किसी ग्रेड में होंगे, उन्हें उस ग्रेड से दूसरे ग्रेड में स्थानांतरण किया जाएगा। अगर कोई शिक्षक 5 साल से किसी शहरी क्षेत्र में हैं तो अंतर जिला स्थानांतरण में उन्हें दूसरे जिले के शहरी क्षेत्र में नहीं बल्कि नगर परिषद-प्रखंड स्तर के क्षेत्र में ही तबादला किया जाएगा।

अगले माह शिक्षा मंत्री को सौंपा जाएगा प्रस्ताव
स्थानांतरण नियमावली का प्रस्ताव अगले महीने शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महत्व को सौंपा जाएगा। स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा के निर्देश के बाद विभाग इसे अंतिम रूप देने में जुटा है। साथ ही इस पर विद्वानों की राय भी ले रहा है कि नियमावली के आने के बाद किसी प्रकार की त्रुटि ना हो ना ही तबादला में कोई बाधा हो। 2019 में आई पिछली नियुक्ति नियमावली के अनुसार एक भी तबादला राज्य में नहीं हो सका था। 

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