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17 फरवरी, 2020|8:14|IST

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6वीं JPSC परीक्षा रद्द कराने की मांग, अभ्यर्थियों का सत्याग्रह शुरू

jpsc 6th exam

झारखंड में छठी जेपीएससी परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने फिर आंदोलन शुरू कर दिया है। अभ्यर्थियों ने बैठक कर हेमंत सरकार से परीक्षा रद्द करने की मांग की है। परीक्षा के विरोध में अभ्यर्थियों ने  सोमवार को मोरहाबादी स्थित बापू की प्रतिमा के समक्ष अनिश्चितकालीन अनशन शुरू कर दिया। छात्रों ने कहा कि हेमंत सोरेन जब विपक्ष के नेता थे तो उन्होंने वादा किया था कि उनकी सरकार आने के बाद छठी जेपीएससी परीक्षा रद्द कर दी जाएगी।

 

अभ्यर्थियों ने सरकार से एक ही मांग की है कि वे छठी से लेकर नौवीं जेपीएससी कंबाइंड परीक्षा आयोजित करें। इसमें आरक्षण नीति का पालन भी किया जाए।  अभ्यर्थी ईमाम सफी ने कहा कि आयोग जल्द से जल्द परीक्षाफल घोषित करने की तैयारी कर रहा है। जबकि इस परीक्षा में आरक्षण नीति की धज्जियां उड़ा दी गई है। परीक्षा आयोजन से लेकर रिजल्ट घोषित करने में नियमों को ताक पर रखा गया है। यह आंदोलन तीन सालों से चल रहा है लेकिन उसी आधार पर रिजल्ट निकाला जा रहा है जिसके लिए आवाज उठायी गई थी। 


हेमंत सोरेन से अब मिलने की तैयारी में हैं अभ्यर्थी : 
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का दिल्ली से वापस आने के इंतजार में छात्र हैं। इनका कहना है कि अब उनके रांची आने के बाद ही उनसे मिलकर बात की जाएगी। मुख्यमंत्री को उनकी सारी समस्याओं की जानकारी पहले से ही हैं और इस दिशा में बिना देर किए उनसे मुलाकात करेंगे छात्र। 


आज राज्यभर से जुटेंगे अभ्यर्थी : 
मोरहाबादी मैदान में राज्यभर से अभ्यर्थी मंगलवार को जुटेंगे और सत्याग्रह में शामिल होंगे। अभ्यर्थियों ने बताया कि सभी जिलों से छात्र रांची की ओर निकल चुके हैं। इस ठंड में भी सभी इंसाफ की गुहार मुख्यमंत्री से करेंगे। 


सत्याग्रह आंदोलन बंद नहीं होगा : छात्र संघ 
अभ्यर्थी विनोद सिंह ने कहा है कि यह सत्याग्रह आंदोलन अब बंद होने वाला नहीं है। इसकी आग पूरे राज्य में फैल चुकी है। पांचवी जेपीएससी परीक्षा में आरक्षण को लेकर जो गड़बड़ी चली वो छठी में भी जारी रही। लेकिन अब छात्र जाग गए हैं और गलत का खुलकर विरोध तब तक किया जाएगा जब तक सरकार इस परीक्षा को ही रद्द ना कर दे। 


आरक्षण के अलावा छात्रों ने उठाए कुछ सवाल : 

  • - पूर्व सचिव जगजीत सिंह पद पर तब तक बने रहे जबकि उनका पुत्र छठी जेपीएससी परीक्षा का अभ्यर्थी था। 
  • - जेपीएससी में 15 कर्मी (जो अभ्यर्थी भी थे) से अधिक सहायक के पद पर कार्यरत थें, जो पीटी से लेकर मुख्य परीक्षा तक की स्क्रूटनी करवाई गई व मुख्य परीक्षा में शामिल भी हुए। 
  • - मुख्य परीक्षा का प्रश्न पत्र सील नहीं होना। 
  • - मुख्य परीक्षा का प्रश्न पत्र छह हजार थे, जसके 34 हजार फिर प्रिंट करवाया गया, जो पेपर लीक होने की आशंका को बढ़ाता है। 
  • - मुख्य परीक्षा में दो वर्ष पूराने प्रश्न ही पूछा जाता हैं। 
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  • Web Title:Demand for cancellation of 6th JPSC exam candidates start Satyagraha in jharkhand