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3 जून, 2020|9:00|IST

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Delhi University : 'ओपन बुक एग्जाम' को लेकर इतिहास विभाग ने जताई चिंता

du open book exam 2020

दिल्ली विश्वविद्यालय में ओपन बुक एग्जाम कराए जाने के फैसले के खिलाफ डीयू के सोशलॉजी और इकॉनॉमिक्स विभाग पहले ही आवाज बुलंद कर रहे थे कि अब हिस्ट्री डिपार्टमेंट ने भी इसे लेकर अपनी चिंताएं जाहिर की हैं। इसी बीच छात्र संघ संगठन और शिक्षक यूनियन संगठन सोशल मीडिया पर ओपन बुक एग्जाम के विरोध में अभियान चला रहे हैं।
 
आपको बता दें कि कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन ने फैसला लिया है कि कोरोना से स्थिति सामान्य नहीं होती तो 'ओपन बुक एग्जाम' कराएंगे जाएंगे जिसका लगातार विरोध हो रहा है।

 

अपनी चिंताओं को जाहिर करते हुए डिपार्टमेंट ऑफ हिस्ट्री के शिक्षकों ने डीयू वाइस चांसलर योगश त्यागी ने इस फैसल के खिलाफ लिखा है। शिक्षकों ने सलाह दी है कि कोई दूसरा विकल्प तलाशा जाए।


परास्नातक (पीजी) स्नातक (UG ऑनर्स कोर्सों और कार्यक्रमों के लिए डीयू की कम्बाइंड कमेटी ऑफ कोर्स (CoC), डिपार्टमेंट ऑफ हिस्ट्री ने 19 मई को जूम वीडियो कॉलिंग के जरिए  मीटिंग की थी। इसमें पीजी हिस्ट्री छात्रों की ओर से ओपन बुक एग्जाम को लेकर लिखित में मिली प्रतिक्रियाओं के बारे में भी चर्चा की गई थी। इस दौरान पाया गया कि कोरोना वायरस और लॉकडाउन ने अभूतपूर्ण हालात पैदा कर दिए हैं। 

 

लोक एक साथ कई-कई समस्याओं जैसे, आर्थिक, मानसिक, तकनीकी और छात्रों व उनके परिवारों के शिफ्ट होना आदि झेल रहे हैं। बहुत से छात्रों को वाईफाई और इंटरनेट की सुविधा भी नहीं मिल पा रही। बहुत से छात्रों के पास नोट्स नहीं हैं तो कुछ को स्टडी मैटेरियल नहीं उपलब्ध हो पा रहा है। ऐसे में सीधे जुलाई में ओपन बुक एग्जाम कराना ठीक नहीं रहेगा।

 

कमेटी ऑफ कोर्स (CoC) ने जोर दिया कि जुलाई में जिन छात्रों को असाइमेंट जमा न हो पाएं उन्हें और आगे समय दिया जाना चाहिए। क्योंकि लॉकडाउन के कारण हालात बहुत ही विषम हैं।

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  • Web Title:Delhi University: History Department expresses concern over open book exam decision of DU administration